Navratri Vrat Food | घर पर आलू से नवरात्रि व्रत का खाना कैसे बनाएं | how to made navratri fasting food from aloo

Last Updated:October 12, 2026, 08:24 IST
Easy steps for making salted potatoes and Aloo Halwa for Vrat: धौलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में नवरात्रि व्रत के दौरान आलू से बने दो खास व्यंजन नमकीन आलू और आलू का हलवा बेहद पसंद किए जाते हैं. गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार, इन व्यंजनों को कम खर्च और कम समय में घर में उपलब्ध आसान सामग्री से बनाया जा सकता है. उबले आलू, देसी घी, सेंधा नमक और काली मिर्च से बने चटपटे नमकीन आलू और चीनी व घी के साथ भुना आलू का हलवा व्रत में ऊर्जा और बेहतरीन स्वाद प्रदान करते हैं. श्रद्धालु इन्हें अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार फलाहार में शामिल करते हैं.
ख़बरें फटाफट
धौलपुर: धौलपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान माता रानी की पूजा-अर्चना के साथ फलाहार का विशेष महत्व रहता है. व्रत के दिनों में श्रद्धालु सात्विक, स्वादिष्ट और चटपटे व्यंजनों को तरजीह देते हैं. इस दौरान आलू से बनने वाली दो खास रेसिपीज आलू का हलवा और नमकीन आलू ग्रामीण महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. इन व्यंजनों को बनाने में समय और खर्च दोनों ही बहुत कम लगते हैं. घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली सामग्री से तैयार ये पकवान व्रत में ऊर्जा और स्वाद दोनों प्रदान करते हैं.
धौलपुर की गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार, स्वादिष्ट नमकीन आलू बनाने के लिए सबसे पहले आलुओं को धोकर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें. उबले हुए आलुओं को छीलकर प्रत्येक आलू को चार टुकड़ों में काट लें. अब कढ़ाई में चार चम्मच शुद्ध देसी घी गर्म करें और उसमें कटे हुए आलू डालें. इसके बाद स्वादानुसार सेंधा नमक और कुटी हुई काली मिर्च मिलाकर आलू को अच्छी तरह चलाएं. कढ़ाई को करीब तीन मिनट तक ढककर मध्यम आंच पर पकाएं. चटपटे और लजीज नमकीन आलू तैयार हैं, जिन्हें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी चाव से खाते हैं.
मीठे आलू का हलवा तैयार करने की रेसिपीव्रत में कुछ मीठा और ऊर्जादायक खाने का मन हो तो आलू का हलवा सबसे बेहतरीन विकल्प है. इसे बनाने के लिए उबले हुए आलुओं को अच्छी तरह मैश कर लें. कढ़ाई में चार से पांच चम्मच घी गर्म करके मैश किए आलू डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें ताकि आलू कढ़ाई से न चिपके. लगभग पांच मिनट तक भूनने के बाद स्वादानुसार चीनी मिलाएं. जब मिश्रण का रंग हल्का सुनहरा हो जाए और उससे भीनी सुगंध आने लगे, तो हलवा बनकर तैयार हो जाता है.
परंपरा और फलाहार का महत्वधौलपुर के ग्रामीण इलाकों में यह मान्यता है कि व्रत का खाना सात्विक होने के साथ-साथ सुपाच्य भी होना चाहिए. इन दोनों व्यंजनों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है. गृहिणी प्रभा शर्मा बताती हैं कि व्रत के दौरान नमक या मसालों का चयन हमेशा अपनी पारिवारिक परंपराओं और नियमों के अनुसार ही करना चाहिए. कम समय में झटपट बनने वाले ये व्यंजन नवरात्रि के व्रत में फलाहार के रूप में स्वाद का बेहतरीन अनुभव देते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Dhaulpur,Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
October 12, 2026, 08:23 IST



