Rajasthan

पर्यटन से कमाई लेकिन सड़क तक नहीं; कहानी राजस्थान की सबसे ऊंची ग्राम पंचायत की

Last Updated:October 20, 2026, 05:38 IST

Story Of Rajasthan Highest Gram Panchayat: राजस्थान के माउंट आबू में स्थित ओरिया राज्य की सबसे ऊंची ग्राम पंचायत है, जहां गुरुशिखर और अचलगढ़ जैसे पर्यटन स्थल हैं. अरावली की पहाड़ियों के बीच बसी इस पंचायत के क्षेत्र में अचलगढ़ किला और शेरगांव जैसे महत्वपूर्ण स्थल भी आते हैं. पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में पंचायत की आबादी 1159 थी. इस बार के पंचायत चुनाव में कुल 2200 मतदाता हैं. शेरगांव और उतरज दो दुर्गम गांव हैं, जहां पहुंचने के लिए आज भी सड़क मार्ग नहीं है. ऐसे में इन गांवों के लोग रोजाना 7 से 12 किलोमीटर तक पहाड़ी पगडंडियों से पैदल सफर कर गांव से गुरुशिखर आते हैं.

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सिरोही. राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में यहां की नगरपालिका के अलावा एकमात्र ग्राम पंचायत ओरिया भी अपनी अनोखी पहचान रखती है. यह राजस्थान की सबसे ऊंची ग्राम पंचायत है. इस पंचायत क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी गुरुशिखर समुद्र तल से 1722 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसके अलावा अचलगढ़, पीस पार्क और शूटिंग पॉइंट समेत कई पर्यटन स्थल इस पंचायत को खास बनाते हैं.

ओरिया ग्राम पंचायत में कुल 9 गांव आते हैं, जिनमें अचलगढ़, ओरिया, उतरज, गुरुशिखर, शेरगांव, जवाई, आरना, आकी और ब्लॉक नंबर 3 शामिल हैं. अरावली की पहाड़ियों के बीच बसी इस पंचायत के क्षेत्र में अचलगढ़ किला और शेरगांव जैसे महत्वपूर्ण स्थल भी आते हैं. पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में पंचायत की आबादी 1159 थी. इस बार के पंचायत चुनाव में कुल 2200 मतदाता हैं. गांव की वर्तमान आबादी करीब 3 हजार के आसपास है.

ये दो गांव पड़े हैं वीरानपंचायत क्षेत्र में दो गांव ऐसे भी हैं, जो पिछले कई सालों से वीरान हैं. यहां कोई आबादी नहीं रहती है. इनमें आकी गांव और ब्लॉक नंबर 3 शामिल हैं. माना जाता है कि 1930 के दशक के आसपास इन गांवों में महामारी फैली थी. इसके अलावा बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते लोगों ने यहां से पलायन कर दिया था. ओरिया ग्राम पंचायत में करीब 200 से 250 मकान हैं. यहां अलग-अलग समाजों के लोग रहते हैं. इनमें कई परिवार खेती, पशुपालन और पर्यटन से जुड़े कामों के जरिए अपनी आय कमाते हैं.

मुश्किल परिस्थितियों में रहते हैं कई परिवारओरिया ग्राम पंचायत के शेरगांव और उतरज दो दुर्गम गांव हैं, जहां पहुंचने के लिए आज भी सड़क मार्ग नहीं है. ऐसे में इन गांवों के लोग रोजाना 7 से 12 किलोमीटर तक पहाड़ी पगडंडियों से पैदल सफर कर गांव से गुरुशिखर आते हैं. शेरगांव समुद्र तल से करीब 1500 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है. यहां के लोग 5 किलोमीटर पैदल चलकर वोट डालने के लिए उतरज गांव आते हैं. इस क्षेत्र में सर्दियों के दौरान ठंड काफी बढ़ जाती है. कठिन मौसम और सीमित सुविधाओं के कारण कुछ परिवार सर्दियों में निचले इलाकों में रहने चले जाते हैं.

पर्यटन और टोल नाके से आय, बुनियादी सुविधाएं चुनौतीइस पंचायत की पहचान धार्मिक और पर्यटन स्थलों से भी जुड़ी है. यहां अचलगढ़ का ऐतिहासिक दुर्ग, अचलेश्वर महादेव मंदिर, जैन मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और मां काली माता मंदिर जैसे स्थल मौजूद हैं. वहीं, ब्रह्माकुमारी संस्थान का पीस पार्क भी क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण है. यहां शांति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं. इसके अलावा भीम गुफा को लेकर मान्यता है कि इस स्थान का संबंध महाभारत काल के भीम से रहा है. पंचायत की मुख्य आय टोल नाके और पर्यटन स्थलों से जुड़ी वाणिज्यिक गतिविधियों से होती है. वहीं, क्षेत्र के कुछ गांवों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी चुनौती बनी हुई हैं.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Sirohi,Sirohi,Rajasthan

First Published :

October 20, 2026, 05:38 IST

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