धौलपुर के प्रवीण शर्मा ने जापान में लहराया तिरंगा, एशियन पैरा गेम्स में जीता कांस्य पदक

धौलपुर. राजस्थान के धौलपुर जिले के बांसरई गांव के पैरा एथलीट प्रवीण शर्मा ने जापान के एची-नागोया शहर में आयोजित 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है. प्रवीण ने Men’s Shot Put F11 स्पर्धा में 13.86 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए यह उपलब्धि हासिल की. उनकी इस सफलता से धौलपुर जिले में खुशी का माहौल है. बचपन में आंखों की रोशनी खोने वाले प्रवीण ने अपनी मेहनत, हिम्मत और मजबूत इरादों से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का तिरंगा ऊंचा किया है.
प्रवीण शर्मा की जिंदगी बचपन से ही संघर्षों से भरी रही. महज डेढ़ साल की उम्र में स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम नामक गंभीर बीमारी के कारण उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई. इतनी कम उम्र में जिंदगी की बड़ी चुनौती का सामना करने के बावजूद प्रवीण ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और खेल को अपनी पहचान बनाने का जरिया चुना. लगातार अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने सफलता का रास्ता तैयार किया.
दादा ने देखा था देश के लिए खेलने का सपनाप्रवीण की इस सफलता के पीछे उनके दादा रामबाबू शर्मा का बड़ा योगदान रहा है. दादा ने बचपन से ही प्रवीण की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने पोते पर भरोसा बनाए रखा. दादा कहा करते थे कि उनका पोता एक दिन देश के लिए खेलेगा. आज जापान में कांस्य पदक जीतकर प्रवीण ने उनके उस सपने को साकार कर दिया है.
पिता ने भी हर कदम पर दिया साथप्रवीण के पिता ब्रजेश शर्मा ने भी उनके खेल सफर में हर कदम पर साथ दिया. उन्होंने बेटे को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सीख दी. परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन ने प्रवीण को अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने की प्रेरणा दी.
कोच और GoSports Foundation का अहम योगदानप्रवीण की सफलता में उनके कोच शक्ति सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन और GoSports Foundation के सहयोग की अहम भूमिका रही है. प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और सही दिशा में मेहनत ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया. जापान में मिला कांस्य पदक उनकी इसी मेहनत का परिणाम है.
एशियन यूथ पैरा गेम्स में भी जीते थे तीन पदकप्रवीण शर्मा इससे पहले एशियन यूथ पैरा गेम्स 2025 में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं. इस प्रतियोगिता में उन्होंने शॉट पुट में स्वर्ण पदक, डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक और जैवलिन थ्रो में कांस्य पदक जीता था. अब एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है.
प्रवीण की सफलता युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर प्रवीण ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है. उनकी सफलता आज धौलपुर ही नहीं, बल्कि देश के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं.



