अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार की आशंका, लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा के गुर्गे कर रहे नए-नए पंगे

Last Updated:October 22, 2026, 17:12 IST
Ajmer High-Security Jail News : राजस्थान और उत्तर भारत की सबसे सुरक्षित जेल अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में इन दिनों माहौल कुछ ठीक नहीं चल रहा है. जेल में बंद हार्डकोर अपराधियों के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के चलते अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार की आशंका बनी हुई है. हालात को देखते हुए जेल प्रशासन ने वहां अपनी चौकसी बढ़ा दी है. प्रत्येक बैरक और खूंखार किस्म के क्रिमिनल्स पर खास नजर रखी जा रही है. जानें क्या है इसके पीछे कारण?हार्डकोर अपराधी सचिन थापन को आज फिर से जेल में शिफ्ट कर दिया गया है.
अजमेर. उत्तर भारत की सबसे सुरक्षित जेलों में शुमार राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार की आशंका तेज होती जा रही है. इसकी वजह जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के गुर्गों की ओर से आए दिन की जा रही पंगेंबाजी है. इन्हीं पंगों के चलते हार्डकोर अपराधी सचिन थापन ने भूख हड़ताल कर माहौल और गरमा दिया है. हाई सिक्योरिटी जेल में बंद दोनों गैंग से जुड़े आरोपियों के बीच तनाव को देखते हुए जेल प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है. जेल प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कैदियों के बीच किसी भी तरह के विवाद ना हो और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला खुद इन नजर बनाए हुए हैं.
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर आरोपी सचिन थापन को तबीयत में सुधार होने के बाद गुरुवार को उसे अस्पताल से फिर से जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. करीब 18 दिन से भूख हड़ताल पर रहने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई थी. जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में भर्ती कराया था. मेडिकल जांच और उपचार के बाद स्थिति में सुधार होने पर उसे कड़ी सुरक्षा के बीच वापस हाई सिक्योरिटी जेल लाया गया.
करीब ढाई साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है सचिन
हाई सिक्योरिटी जेल के अधीक्षक पारसमल जांगिड़ ने बताया कि सचिन थापन पिछले करीब ढाई साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. उस पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में साजिश रचने का आरोप है. इसके अलावा राजस्थान के हनुमानगढ़ क्षेत्र में फिरौती से जुड़े हत्या के मामले सहित राजस्थान और पंजाब में उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज होने की जानकारी है. इन्हीं मामलों को देखते हुए उसे इस हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है. सचिन लॉरेंस बिश्नोई का कथित तौर पर भांजा बताया जा रहा है.
सितंबर में कैदियों के बीच हुआ था विवादजेल प्रशासन के अनुसार बीते सितंबर महीने में बैरक में बंद कुछ कैदियों के बीच कहासुनी के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी. आरोप है कि सचिन थापन और उसके साथियों ने जेल प्रहरियों के साथ धक्का-मुक्की की तथा टाइलें तोड़कर उनके टुकड़े अन्य कैदियों की तरफ फेंके. इस दौरान वहां भारी हंगामा हो गया. इस पर अन्य सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर हंगामा करने वाले कैदियों को अलग-अलग कर स्थिति को कंट्रोल किया गया. विवाद के बाद सचिन थापन के कुछ साथियों ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी थी. जेल प्रशासन की समझाइश के बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त कर दी. लेकिन सचिन थापन ने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी रखी.
सचिन थापन का दो बार कराया गया चेकअपजेल प्रशासन के मुताबिक सचिन थापन लंबे समय से खाना नहीं खा रहा था. इसके लिए उसने धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए भोजन नहीं करने की बात कही थी. हालांकि जेल प्रशासन की ओर से उसे खाने के लिए फ्रूट सहित अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई लेकिन वह नहीं माना. भूख हड़ताल के कारण उसके कमजोरी आ गई. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आने पर जेल चिकित्सक की सलाह से उसे दो बार जेएलएन अस्पताल में जांच के लिए ले जाया जा चुका है. दूसरी बार उसका पूरा मेडिकल चैकअप कर ट्रीटमेंट दिया गया. उपचार के बाद उसकी तबीयत में कुछ सुधार हुआ. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आज उसे वापस जेल शिफ्ट कर दिया गया है.
साथियों को खुद के वार्ड में शिफ्ट करने की मांगजानकारी के अनुसार सचिन थापन अपने साथियों को भी अपने वार्ड में शिफ्ट करने की मांग कर रहा है. जेल प्रशासन की ओर से कैदियों के बीच विवाद और सुरक्षा संबंधी घटनाओं को देखते हुए उन्हें अलग-अलग रखने की व्यवस्था की गई है. माना जा रहा है कि इसी मुद्दे को लेकर थापन भूख हड़ताल के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.
इसलिए है गैंगवार की आशंका
सचिन थापन का नाम लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा से जुड़ा रहा है. लॉरेंस और रोहित गैंग पहले साथ काम करती थी. लेकिन बीते कुछ समय से दोनों गैंग के बीच दूरिया बन गई और दुश्मनी भी हो गई. अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में दोनों गैंग से जुड़े क्रिमिनल बंद हैं. ऐसे में जेल प्रशासन को आशंका है कि उनके बीच कभी भी गैंगवार हो सकती है. इसलिए एहतियात के तौर पर जेल की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है. हर बैरक की कड़ी निगरानी रखी जा रही है. राजस्थान में पूर्व में भी कई अन्य जेलों में गैंगवार हो चुकी है. करीब 12 साल पहले बीकानेर जेल में गोलियां तक चली थी. उस समय एक कैदी की गोली लग जाने से मौत हो गई थी और दो को पीट-पीटकर मार दिया गया था.About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Ajmer,Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 22, 2026, 16:55 IST



