Agriculture News I कपास को सीधे जमीन पर रखना पड़ सकता है भारी, स्टोरेज से पहले जरूर जान लें ये बातें

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भीलवाड़ा के कॉटन किसानों के लिए जरूरी खबर, घर पर ऐसे सुरक्षित रखें कपास
Last Updated:October 24, 2026, 10:57 IST
Agriculture News: भीलवाड़ा में इन दिनों कपास की चुनाई का काम चल रहा है, ऐसे में किसानों के लिए फसल की गुणवत्ता बनाए रखना बड़ी चुनौती है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि कपास को नमी, फफूंद और धूल-मिट्टी से बचाने के लिए भंडारण से पहले पूरी तरह सुखाना जरूरी है. जानिए घर पर कपास को सुरक्षित रखने और बेहतर भाव पाने के लिए किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए.
भीलवाड़ा. जिले को कपास उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में गिना जाता है, यहां बड़ी संख्या में किसान कपास की खेती करते हैं. इन दिनों खेतों में कपास की चुनाई का काम चल रहा है. ऐसे में किसानों के सामने कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती रहती है. सही तरीके से स्टोरेज नहीं होने पर कपास में नमी, फफूंद और धूल-मिट्टी के कारण उसकी क्वालिटी प्रभावित हो सकती है, इससे किसानों को उपज का उचित भाव मिलने में भी परेशानी हो सकती है. ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर किसान घर पर ही कपास का सुरक्षित भंडारण कर सकते हैं और फसल की गुणवत्ता बनाए रख सकते हैं.
भीलवाड़ा कृषि विभाग के उद्यान डिपार्टमेंट के डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि भीलवाड़ा शुरू से ही कपास की खेती के रूप में अग्रणी रहा है. भीलवाड़ा को कॉटन हब भी कहते हैं, यहां पर कई कॉटन की मिल है जिसकी वजह से यहां पर कपास की अच्छी खासी डिमांड रहती है. कपास की कटाई के बाद सबसे पहले किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि भंडारण से पहले कपास पूरी तरह सूखी हो. बारिश या ओस के कारण गीली हुई कपास को सीधे ढेर में रखने से बचना चाहिए. ऐसी कपास को साफ और हवादार जगह पर फैलाकर अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए क्योंकि नमी के कारण फफूंद लगने और कपास का रंग खराब होने का खतरा रहता है.
कपास को पूरी तरह बंद करके न रखे
उद्यान डिपार्टमेंट के डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि स्टॉरेज के लिए ऐसी जगह का चुनाव करना चाहिए, जहां छत से पानी का रिसाव न हो और दीवारों या फर्श पर सीलन न हो. कपास को सीधे जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी के तख्तों या पैलेट पर रखना बेहतर होता है, ताकि जमीन की नमी फसल तक न पहुंचे, किसानों को कपास में मौजूद पत्तियां, टहनियां, मिट्टी और अन्य कचरे को भी अलग कर देना चाहिए क्योंकि इससे कपास की सफाई और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. अगर किसान अलग-अलग समय पर कपास की चुनाई कर रहे हैं तो अलग-अलग गुणवत्ता वाली कपास को अलग रखना चाहिए. इससे बिक्री के समय उपज को छांटना आसान होगा.
जरूरत पड़ने पर ऊपर से वाटरप्रूफ कवर लगाया जा सकता है लेकिन कपास को पूरी तरह बंद करके नहीं रखना चाहिए ताकि अंदर नमी जमा न हो. इसके साथ ही स्टोरेज स्थल को चूहों और कीटों से सुरक्षित रखना चाहिए. लंबे समय तक कपास स्टोर करने वाले किसानों को समय-समय पर कपास के ढेर और भंडारण स्थल की जांच करनी चाहिए. अगर कहीं नमी,बदबू या फफूंद के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उचित कदम उठाने चाहिए. तरह सूखी कपास, साफ जगह, नमी से बचाव और नियमित निगरानी जैसे उपाय अपनाकर किसान भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं और अपनी उपज की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद पा सकते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bhilwara,Rajasthan
First Published :
October 24, 2026, 10:57 IST



