कभी कालीन भैया बनकर छाए, कभी पिता बनकर रुलाया, पंकज त्रिपाठी ने 7 किरदारों में तो फूंक दी थीं जान

Last Updated:October 31, 2026, 10:57 IST
हिंदी सिनेमा के वो एक्टर जिन्हें स्क्रीन पर देखते ही कहानी में मजा दोगुना हो जाता है. वो है, पंकज त्रिपाठी. वह अपनी शानदार एक्टिंग, कमाल के डायलॉग डिलीवरी और सहज अंदाज से लोगों का दिल जीतना बखूबी जानते हैं. वहर हर किरदार में जान फूंक देते हैं. फिर चाहे वह खूंखार गैंगस्टर का रोल हो, या कोई कॉमेडी रोल. वह भावुक पिता के किरदार में भी लोगों को सोचने पर मजबर कर देते हैं.आइए जानते हैं उनके 7 ऐसे ही किरदारों के बारे में.
नई दिल्ली. पंकज त्रिपाठी हिंदी सिनेमा के वो एक्टर हैं, जो अपने दमदार अभिनय से हर किरदार में जान डाल देते हैं. कभी ‘मिर्जापुर’ के कालीन भैया बनकर लोगों के दिलों में छा जाते हैं, तो कभी ‘स्त्री’ में अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाते हैं. उनकी खासियत है कि वह हर रोल को इतने सहज अंदाज में निभाते हैं कि किरदार लंबे समय तक याद रहता है. गैंगस्टर से लेकर एक भावुक पिता तक, पंकज त्रिपाठी ने अपनी एक्टिंग के दम पर हर तरह के किरदार में खुद को साबित किया है. आइए, जानते हैं उनके ऐसे ही 7 किरदारों के बारे में.
पंकज हर रोल में अपनी अलग छाप छोड़ते हैं.इनमें पहला है,मिर्जापुर में निभाया उनका कालीन भैया का रोल. इस रोल से उन्होंने घर-घर में अपनी कालीन भैया के रोल में अपनी पहचान बनाई. इस किरदार में उनके डायलॉग और स्टाइल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए थे. बिना ज्यादा शोर मचाए अपने चेहरे के भाव और शांत आवाज से डर पैदा करना पंकज की एक्टिंग की खासियत रही है.
दूसरी है, गैंग्स ऑफ वासेपुर. ये उनके करियर का सबसे चर्चित प्रोजेक्ट रहा. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का नाम उनके खास किरदारों में जोड़ा जाता है. इस फिल्म में उन्होंने सुल्तान कुरैशी का किरदार लोगों का दिल जीत लिया था. निभाया था. उनका अंदाज, चेहरे के भाव और खामोशी में भी खतरनाक नजर आने का तरीका दर्शकों को खूब पसंद आया. इस रोल ने उन्हें एक दमदार अभिनेता के तौर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई.(Image: IMDb)
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फिर आती है राजकुमार की ‘स्त्री’. इस हॉरर-कॉमेडी में पंकज त्रिपाठी ने रुद्र नाम के शख्स का रोल निभाया था. अंधविश्वास, रहस्य और डर के माहौल के बीच उनका मजाकिया अंदाज फिल्म को और दिलचस्प बनाता है. फिल्म में उनकी कॉमिक टाइमिंग लोग आज भी भूल नहीं पाए हैं. फिल्म में उनका किरदार आज भी लोगों के पसंदीदा किरदारों में गिना जाता है.(Image: Prime Video)
ऐसा ही यादगार रोल उनका फिल्म ‘न्यूटन’. इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने असिस्टेंट कमांडेंट आत्मा सिंह का रोल निभाया था. फिल्म की कहानी एक ऐसे इलाके में चुनाव कराने का चैलेंज दिखाया है, जहां हालात सामान्य नहीं हैं. पंकज का किरदार व्यावहारिक सोच वाला है, जबकि फिल्म का लीड रोल अपने सिद्धांतों पर चलने की कोशिश करता है, जो कि राजकुमार राव ने निभाया है. इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली थी. praise. (File Photo)
पांचवी है, ‘लूडो’. इस फिल्म में सत्तू भैया के रोल में उन्होंने लोगों को हैरान कर दिया था. एक अलग ही अंदाज वाले गैंगस्टर के रूप में उन्होंने कॉमेडी और गंभीरता का अच्छा मेल दिखाया. उनके हाव-भाव, बोलने का तरीका और किरदार की अजीबोगरीब हरकतें फिल्म में मनोरंजन का तड़का लगाती हैं.पंकज का ये रोल भी चर्चा में रहा था. (Image: IMDb)
छठी है, ‘बरेली की बर्फी’. फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने बिट्टी के पिता नारोत्तम मिश्रा का रोल निभाया था. इस फिल्म में उनका रोल एक समझदार और प्यार करने वाले और खुले विचारों वाले पिता का है. बेटी के साथ उनकी बातचीत उनका स्टाइल काफी पसंद किया गया था. इस किरदार के जरिए उन्होंने दिखाया कि एक पिता का रोल भी अपने आप में कितना इंट्रेस्टिंग हो सकता है. (File Photo)
आखिरी है, ‘ओएमजी 2’ में इस फिल्म में उनके रोल को लेकर काफी बवाल भी उठा था. फिल्म में पकंज ने कांति शरण मुद्गल का रोल निभाया था. जो कि धार्मिक आस्था रखने वाले पिता हैं, जो अपने बेटे के अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला करते हैं.फिल्म में उनके रोल को कई मुश्किल सवालों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. पंकज ने भावनात्मक दृश्यों और अदालत में अपनी बात रखने वाले सीन में शानदार अभिनय किया. गंभीर विषय को संवेदनशीलता और हल्के हास्य के साथ पेश करना इस फिल्म की खासियत रही.(Image: Instagram/@thetripathiera)
आखिरी है, ‘ओएमजी 2’ में इस फिल्म में उनके रोल को लेकर काफी बवाल भी उठा था. फिल्म में पकंज ने कांति शरण मुद्गल का रोल निभाया था. जो कि धार्मिक आस्था रखने वाले पिता हैं, जो अपने बेटे के अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला करते हैं.फिल्म में उनके रोल को कई मुश्किल सवालों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. पंकज ने भावनात्मक दृश्यों और अदालत में अपनी बात रखने वाले सीन में शानदार अभिनय किया. गंभीर विषय को संवेदनशीलता और हल्के हास्य के साथ पेश करना इस फिल्म की खासियत रही.(Image: IMDb)
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October 31, 2026, 10:57 IST



