धनतेरस पर सौगात, अजमेर की सड़कों पर दौड़ेंगी 20 नई ई-बसें, गांवों तक मिलेगी कनेक्टिविटी

Last Updated:November 07, 2026, 07:11 IST
Ajmer E-Bus Service: धनतेरस के अवसर पर अजमेर को 20 नई प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को नौसर स्थित ई-बस स्टैंड से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इन बसों के संचालन से शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होगी. प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत अजमेर में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है. इससे पहले 5 बसें शुरू की जा चुकी हैं. नई बसें वातानुकूलित हैं और इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन प्रणाली और इमरजेंसी बटन लगाए गए हैं. दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए ऑटोमेटिक गेट की सुविधा भी दी गई है. वहीं, नौसर घाटी में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ई-बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है. इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण कम करने और किफायती परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. धनतेरस के अवसर पर अजमेर को 20 नई प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली
जयपुर. धनतेरस के अवसर पर अजमेर को सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात मिली है. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाने के लिए 20 नई प्रधानमंत्री ई-बसों का संचालन शुरू किया गया है. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को नौसर स्थित ई-बस स्टैंड से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इन बसों के सड़कों पर उतरने से अजमेर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इन बसों का लाभ केवल शहर के लोगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए शहर आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी.
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के माध्यम से अजमेर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा रहा है. इस योजना के तहत अजमेर में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है. इसके पहले चरण में 5 बसों का संचालन शुरू किया जा चुका है. अब 20 नई बसों की शुरुआत के साथ इस व्यवस्था का विस्तार किया गया है. आने वाले समय में शेष बसों के संचालन से शहर और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क और मजबूत होगा.
पीपीपी मॉडल पर हो रहा बसों का संचालन
देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के जरिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और प्रदूषण पर नियंत्रण करना है. इसके लिए पीपीपी मॉडल पर बसों का संचालन किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी. साथ ही पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों के मुकाबले प्रदूषण में कमी लाने में भी मदद मिलेगी. आमजन को भी किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा.
सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी बटन से लैस होंगी बसें
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नई ई-बसों में आधुनिक इंतजाम किए गए हैं. वातानुकूलित इन बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा सके. इसके अलावा आगजनी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली और किसी भी आपात परिस्थिति में तत्काल सहायता के लिए इमरजेंसी बटन की सुविधा दी गई है. दिव्यांगजनों और बुजुर्ग यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है. बसों में चढ़ने और उतरने के लिए ऑटोमेटिक गेट की व्यवस्था की गई है. इससे ऐसे यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने में आसानी होगी. वातानुकूलित सुविधा के कारण यात्रियों को आरामदायक सफर भी मिल सकेगा.
15 करोड़ की लागत से तैयार हुआ ई-बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन
ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए अजमेर के नौसर घाटी क्षेत्र में आधुनिक ई-बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन विकसित किया गया है. करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस डिपो में बसों की चार्जिंग, रखरखाव और संचालन से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यहां बसों को चार्ज करने के साथ उनकी नियमित देखरेख और तकनीकी रखरखाव भी किया जा सकेगा. नई बसों के संचालन से अजमेर में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा. कार्यक्रम में महापौर अनामिका शर्मा, रमेश सोनी, उपायुक्त महावीर सिंह और भरत राज गुर्जर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
और पढ़ेंLocation :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 07, 2026, 07:08 IST



