Agriculture: 18 लाख कट्टा मूंग खुले बाजार में बेच चुके किसान, अब शुरू हुआ MSP रजिस्ट्रेशन, खरीद की तारीख बाकी

नागौर. खरीफ विपणन सीजन 2026 के तहत मूंग और मूंगफली की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए किसानों का इंतजार खत्म हो गया है. राजफैड की ओर से किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया गया है. हालांकि, इस बार पंजीकरण प्रक्रिया पिछले साल की तुलना में करीब 15 दिन देरी से शुरू हुई है. पिछले साल 15 अक्टूबर से ही टोकन कटने शुरू हो गए थे. इस बार खरीद प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण शर्त मूंग में नमी की मात्रा को लेकर रखी गई है. यदि मूंग में 12 फीसदी से अधिक नमी पाई जाती है तो उसकी सरकारी खरीद नहीं की जाएगी. इससे किसानों को उपज मंडी में ले जाने से पहले नमी का विशेष ध्यान रखना होगा.
सरकारी खरीद प्रक्रिया में देरी का असर नागौर जिले के मूंग उत्पादक किसानों पर देखने को मिल रहा है. एमएसपी पर खरीद कब शुरू होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण किसान अपनी उपज खुले बाजार में बेचने को मजबूर हुए हैं. जानकारी के अनुसार जिले के किसान अब तक करीब 18 लाख कट्टा मूंग व्यापारियों को बेच चुके हैं. दूसरी ओर, कृषि विभाग की ओर से फसल कटाई प्रयोग पूरे किए जाने के बावजूद अंतिम उत्पादन रिपोर्ट जारी नहीं हुई है. इसके चलते जिले का आधिकारिक 25 प्रतिशत खरीद कोटा भी निर्धारित नहीं हो पाया है. पोर्टल पर पंजीकरण शुरू होने के बावजूद मंडियों में वास्तविक तुलाई किस तारीख से शुरू होगी, इस संबंध में अभी तक राज्य सरकार या राजफैड की ओर से आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है.
जिले में 17 खरीद केंद्र पर अधिकतम 2000 किसान करा सकेंगे पंजीयन
राजफैड की नई गाइडलाइन के अनुसार खरीद केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 2,000 किसानों का ही ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा. नागौर जिले में मूंग और मूंगफली की खरीद के लिए कुल 17 केंद्र निर्धारित किए गए हैं. वहीं, प्रत्येक पंजीकृत किसान से अधिकतम 40 क्विंटल उपज की खरीद की जाएगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को सरकारी खरीद का लाभ देना और केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करना है.
मोबाइल ऐप और ई-मित्र से बनवा सकेंगे टोकन
किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है. किसान राजफैड के आधिकारिक पोर्टल, नजदीकी ई-मित्र केंद्र या Rajfed Kisan App के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाकर टोकन जनरेट कर सकेंगे. जिन क्षेत्रों में ऑनलाइन गिरदावरी उपलब्ध नहीं है, वहां राजफैड के ओपीआर पोर्टल पर उपलब्ध सूची के आधार पर ऑफलाइन गिरदावरी के जरिए भीपंजीकरण की सुविधा दी गई है.
मूंग की एमएसपी 8780 और मूंगफली की 7517 रुपए प्रति क्विंटल
राजफैड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी के अनुसार केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026 के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. इसमें अधिकतम 12 प्रतिशत नमी मान्य होगी। वहीं, मूंगफली का समर्थन मूल्य 7,517 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिसमें अधिकतम 8 प्रतिशत नमी की सीमा निर्धारित है. तय मानकों से अधिक नमी मिलने पर उपज को खरीद के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा.
आधार लिंक खाते में आएगा भुगतान
सरकारी खरीद के बाद किसानों को उनकी उपज का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा. राशि आधार आधारित भुगतान प्रणाली के जरिए किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी. ऐसे में किसानों को अपना बैंक खाता और आधार संबंधी जानकारी सही रखनी होगी. अब किसानों की नजर इस बात पर टिकी है कि मंडियों में वास्तविक खरीद कब शुरू होगी, ताकि उन्हें खुले बाजार के बजाय एमएसपी पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके.u



