एक पिता की इच्छा, बेटे का संकल्प! जालोर में बना इंटरनेशनल सुविधाओं वाला सरकारी विद्यालय

Last Updated:December 27, 2025, 21:47 IST
Jalore News : रेवतड़ा में प्रवीण जैन ने अपने पिता के सपने को साकार करते हुए आधुनिक सरकारी विद्यालय बनवाया, जो श्रीमती पाबूदेवी ओटमल गोराजी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित है. इस विद्यालय का निर्माण भामाशाह प्रवीण जैन ने अपने पिता की इच्छा और सोच के अनुरूप कराया है. उनके पिता का हमेशा यह मानना था कि इंसान जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई क्यों न हासिल कर ले, लेकिन उसकी जन्मभूमि से उसका रिश्ता कभी नहीं टूटना चाहिए.
ख़बरें फटाफट
जालौर. जालोर जिले के रेवतड़ा गांव में बना यह हाईटेक सरकारी विद्यालय सिर्फ एक शैक्षणिक भवन नहीं है, बल्कि एक पिता के सपने को साकार करने की प्रेरक कहानी है. करीब एक साल पहले शुरू हुआ यह स्कूल आज अपनी आधुनिक सुविधाओं के कारण चर्चा में है, लेकिन इसके पीछे भावनात्मक जुड़ाव, संस्कार और सेवा की भावना की गहरी कहानी जुड़ी हुई है. यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि गांव और जन्मभूमि से जुड़े उस रिश्ते का प्रतीक भी है, जिसे कभी टूटने नहीं दिया गया.
इस विद्यालय का निर्माण भामाशाह प्रवीण जैन ने अपने पिता की इच्छा और सोच के अनुरूप कराया है. उनके पिता का हमेशा यह मानना था कि इंसान जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई क्यों न हासिल कर ले, लेकिन उसकी जन्मभूमि से उसका रिश्ता कभी नहीं टूटना चाहिए. रेवतड़ा उनकी जन्मभूमि थी और गांव व शिक्षा के प्रति उनका विशेष लगाव रहा. इसी भावना के साथ करीब 40 साल पहले उन्होंने गांव में एक छोटी स्कूल की शुरुआत भी करवाई थी, ताकि ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई का अवसर मिल सके.
आधुनिक सुविधाओं से लैस भव्य सरकारी विद्यालयपिता की उसी प्रेरणा और सपने को आगे बढ़ाते हुए प्रवीण जैन ने रेवतड़ा में एक ऐसा सरकारी विद्यालय बनवाया, जो सुविधाओं के मामले में निजी और बड़े शहरी स्कूलों को भी टक्कर देता है. करीब 88 हजार स्क्वायर फीट में फैले इस विशाल परिसर में प्राइमरी और सीनियर सेक्शन के लिए अलग-अलग भवन बनाए गए हैं. प्राइमरी सेक्शन के लिए 10 कक्षाएं और सेकेंडरी सेक्शन के लिए 35 कक्षाएं तैयार की गई हैं, जिससे बच्चों को बेहतर और व्यवस्थित शिक्षा मिल सके.
शिक्षा के साथ सुविधाओं और वातावरण पर विशेष ध्यानविद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरे, विशाल प्लेग्राउंड और विदेश से मंगवाया गया आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है. बच्चों की बैठने की व्यवस्था से लेकर पूरे शैक्षणिक वातावरण तक इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पढ़ाई के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और मनोबल भी बढ़े. यह विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेशनल स्तर की शिक्षा सुविधाओं का उदाहरण बनकर उभरा है.
ट्रस्ट के माध्यम से निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारीइस पूरे विद्यालय का निर्माण श्रीमती पाबूदेवी ओटमल गोराजी चेरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से किया गया है. ट्रस्ट ने न केवल विद्यालय का निर्माण कराया है, बल्कि अगले पांच वर्षों तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी ली है, ताकि स्कूल की गुणवत्ता और सुविधाएं लंबे समय तक बनी रहें.
पिता की सीख को आगे बढ़ाने का संकल्पभामाशाह प्रवीण जैन ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मेरे पिता हमेशा कहते थे कि इंसान चाहे कहीं भी रहे, लेकिन अपनी जन्मभूमि के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए. रेवतड़ा उनका गांव था और शिक्षा व स्कूल के प्रति उनका खास लगाव रहा. करीब 40 साल पहले उन्होंने यहां एक छोटी स्कूल की शुरुआत भी करवाई थी. उसी सपने को आगे बढ़ाते हुए हमने यहां यह आधुनिक सरकारी विद्यालय बनवाया है, ताकि गांव के बच्चों को बेहतर और इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएं मिल सकें.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jalor,Rajasthan
First Published :
December 27, 2025, 21:47 IST
homerajasthan
एक पिता की इच्छा, बेटे का संकल्प! जालोर में बना इंटरनेशनल सुविधाओं वाला स्कूल



