Gardening Tips: चीकू के छिलकों से पौधों में आती है नई जान | Benefits of Chikoo Peels for Plants

Last Updated:December 03, 2025, 08:43 IST
Benefits of Chikoo Peels for Plants: चीकू के छिलके किचन गार्डन के लिए प्राकृतिक खाद का काम करते हैं. ये कैल्शियम, पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. सर्दियों में मिट्टी को मुलायम रखने, नमी संरक्षित करने और पौधों की ग्रोथ बढ़ाने में ये बेहद प्रभावी हैं. इन्हें पौधों में सीधे, पाउडर के रूप में या कंपोस्ट में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है, जो बिना केमिकल के बेहतर परिणाम देता है.

भीलवाड़ा में ठंड के इस मौसम में बाज़ार और मंडी में चीकू की भरमार आई हुई है और इसे खाने में काफी पसंद किया जा रहा है. वैसे तो आमतौर पर घरों में खाने के बाद चीकू के छिलकों को फेंक दिया जाता है, लेकिन गार्डनिंग की नज़र से देखें तो ये छिलके मिट्टी और पौधों दोनों के लिए किसी प्राकृतिक टॉनिक से कम नहीं होते हैं. ये छिलके बगीचे में पौधों की ग्रोथ बढ़ाने, मिट्टी को उपजाऊ बनाने और हानिकारक कीटों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. चीकू के छिलकों में मौजूद मिनरल्स पौधों की जड़ों को मज़बूत करते हैं और कंपोस्टिंग में इस्तेमाल होने पर तेज़ी से सड़कर जैविक खाद का काम करते हैं. यही कारण है कि कई माली अब इन्हें किचन वेस्ट का ज़रूरी हिस्सा मानते हैं.

चीकू के छिलकों में पोटैशियम, कैल्शियम और प्राकृतिक शुगर होती है, जो पौधों की मिट्टी की संरचना सुधारने में मदद करती है. जब ये छिलके मिट्टी में धीरे-धीरे गलते हैं, तो वे नमी को लंबे समय तक बनाए रखते हैं, जिससे पौधों को बार-बार पानी देने की ज़रूरत कम होती है. ख़ास तौर पर फूलों और फलदार पौधों के लिए ये नमी बेहद फ़ायदेमंद होती है. इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और उनकी वृद्धि तेज़ होती है.

चीकू के छिलकों को सीधे पौधों के आसपास डालना भी अच्छा विकल्प है. हालाँकि, इन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर डालना ज़्यादा बेहतर रहता है, जिससे वे जल्दी डीकम्पोज़ हों और बदबू भी न आए. घर की किचन गार्डनिंग में इन्हें सुखाकर पाउडर बनाकर मिट्टी में मिलाना पौधों को लंबी अवधि तक पोषण देता है. छिलकों का पाउडर मिट्टी की क्वालिटी सुधारता है और माइक्रोऑर्गेनिज़्म को सक्रिय रखता है, जो पौधों के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी हैं.
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चीकू के छिलकों से कंपोस्ट तैयार करना भी एक बेहतरीन तरीका माना जाता है. इन्हें अन्य किचन वेस्ट जैसे सब्ज़ियों के छिलके, चाय की पत्ती और सूखे पत्तों के साथ मिलाकर कंपोस्ट ड्रम में डालें. 20-25 दिनों में ये पूरी तरह गलकर उत्तम जैविक खाद बन जाते हैं. यह कंपोस्ट पौधों में फूल, फल और पत्तियों की बढ़ोतरी को प्राकृतिक रूप से बढ़ावा देता है. बाज़ार से मिलने वाली महँगी खाद की तुलना में यह घरेलू कंपोस्ट पौधों के लिए ज़्यादा सुरक्षित होता है.

कीटों को दूर रखने में भी चीकू के छिलके काफी कारगर साबित होते हैं. छिलकों में मौजूद सुगंधित तत्व मिट्टी में मिलकर छोटे कीटों और चींटियों को पौधों से दूर रखते हैं. कई गार्डनर्स इन्हें सुखाकर पौधों की जड़ों के आसपास छिड़कते हैं, जिससे मिट्टी कीट-मुक्त रहती है. यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण पौधों और मिट्टी दोनों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता और एक सुरक्षित गार्डनिंग समाधान प्रदान करता है.

अगर आप अपने बगीचे को प्राकृतिक तरीके से पोषण देना चाहते हैं, तो चीकू के छिलकों का उपयोग आपकी गार्डनिंग को और आसान बना सकता है. इन्हें पौधों के पास डालें, पाउडर बनाएँ या कंपोस्टिंग में इस्तेमाल करें. हर रूप में ये पौधों के लिए फ़ायदेमंद हैं. ख़ासकर सर्दियों में जब मिट्टी कठोर होने लगती है, चीकू के छिलकों से बनी खाद मिट्टी को मुलायम और उपजाऊ बनाए रखने में मदद करती है. इसलिए अगली बार चीकू खाने के बाद इसके छिलके फेंकने के बजाय उन्हें अपने गार्डन के लिए बचाकर रखें, क्योंकि यही छोटा सा किचन वेस्ट आपके पौधों को नई जान दे सकता है.
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December 03, 2025, 08:43 IST
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सर्दियों में घर के गार्डन में सूख जाते हैं पौधे, तो चीकू के छिलके डालो और…



