क्लब मैनेजर का ‘प्राइवेट रूम’ ऑफर, ठुकराने पर वॉशरूम के पास घेरा! हो गया कांड, एफआईआर में महिला का गंभीर आरोप

जयपुर. राजधानी जयपुर के अशोक नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक नाइट क्लब से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. महिला द्वारा दर्ज एफआईआर में यह आरोप है कि क्लब के भीतर सुनियोजित तरीके से महिला से संपर्क साधने की कोशिश की गई, जिसमें वेटर के जरिए मैनेजर और क्लब मालिक का नंबर भेजा गया. आरोपों की माने तो यह मामला न सिर्फ महिला की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि नाइट क्लबों में अपनाए जा रहे कथित तौर-तरीकों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है. इसी एफआईआर के आधार पर पुलिस ने क्लब अल्फा के मैनेजमेंट, मैनेजर, बाउंसर्स और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घटना 10 दिसंबर की देर रात की बताई जा रही है. झोटवाड़ा निवासी महिला अपने पति के साथ अशोक नगर इलाके में स्थित नाइट क्लब ‘क्लब अल्फा’ में गई थीं. एफआईआर में लगाए गए आरोपों के अनुसार, क्लब में दाखिल होने के कुछ समय बाद ही हालात असहज होने लगे. मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि महिला के साथ कथित अश्लील हरकत और पति के साथ बेरहमी से मारपीट की नौबत आ गई.
वेटर के जरिए नंबर भेजने का आरोप, यहीं से शुरू हुआ पूरा विवादमहिला की एफआईआर के अनुसार, वह और उनके पति क्लब के रेस्टोरेंट एरिया में खाना खा रहे थे. इसी दौरान एक वेटर उनकी टेबल पर आया और एक कागज थमा गया. उस कागज पर क्लब के मालिक भरत टांक का मोबाइल नंबर लिखा हुआ था. वेटर ने कथित रूप से कहा कि क्लब के ओनर भरत टांक उन्हें प्राइवेट रूम में मिलना चाहते हैं. महिला ने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया. एफआईआर में इस बात को साफ तौर पर दर्ज कराया गया है कि बिना सहमति इस तरह प्राइवेट रूम का न्योता देना और नंबर भिजवाना आपत्तिजनक और असहज करने वाला था.
वॉशरूम के पास घेरने और अश्लील हरकत का आरोपएफआईआर में आगे आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद जब महिला वॉशरूम की ओर गईं, तो वहां क्लब ओनर भरत टांक, क्लब मैनेजर दीपक और कुछ बाउंसर्स ने उन्हें घेर लिया. महिला का आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की गई. जब महिला ने विरोध किया और शोर मचाया, तो मामला और बिगड़ गया.
पति के विरोध पर जानलेवा हमला, गंभीर चोटेंमहिला की आवाज सुनकर उसके पति मौके पर पहुंचे और विरोध किया. एफआईआर के मुताबिक, इसी बात से नाराज होकर क्लब ओनर भरत टांक, क्लब मैनेजर दीपक और बाउंसर्स ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया. आरोप है कि सरियों से मारपीट की गई, जिससे युवक का पैर टूट गया. इसके बाद बाउंसर्स ने उनकी कार में भी तोड़फोड़ की. घायल युवक को तुरंत एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके पैर में दो जगह फ्रैक्चर होने की पुष्टि की है.
एफआईआर के आधार पर जांच, सीसीटीवी और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिसघटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद अशोक नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया. अशोक नगर थाना एसीपी बलराम चौधरी ने बताया कि यह घटना 10 दिसंबर की देर रात की है. एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है. क्लब परिसर के सीसीटीवी फुटेज जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की कॉल डिटेल व लोकेशन भी निकाली जा रही है. फिलहाल पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज हो चुके हैं.
महिला सुरक्षा और क्लब मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर सवालइस पूरे मामले में एफआईआर में दर्ज आरोप नाइट क्लबों में महिला सुरक्षा, कर्मचारियों की भूमिका और मैनेजमेंट की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. वेटर के जरिए नंबर भिजवाने और प्राइवेट रूम का प्रस्ताव देने जैसे आरोप यह संकेत देते हैं कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी कार्यप्रणाली का हिस्सा भी हो सकता है. अब पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस मामले में दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या नाइट क्लबों की कार्यशैली पर कोई ठोस सवालिया निशान खड़े होते हैं या नहीं.



