ACB की FIR ने खोले राज! 2000 करोड़ मिड-डे मील घोटाले में बड़े नामों की एंट्री, ये राजनेता भी शामिल

Last Updated:January 09, 2026, 18:35 IST
Rajasthan Mid-Day Meal Ghotala : राजस्थान के मिड-डे मील घोटाले में एसीबी ने 21 नामजद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की, जिसमें राजेन्द्र यादव के बेटे मधुर यादव और त्रिभुवन यादव भी शामिल हैं. विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा. एसीबी की एफआईआर के अनुसार, पूर्व गृह राज्यमंत्री रहे राजेन्द्र यादव के दोनों बेटे मधुर यादव और त्रिभुवन यादव भी इस घोटाले में नामजद आरोपियों में शामिल हैं. आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत खाद्यान्न आपूर्ति में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं.
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जयपुर. राजस्थान के बहुचर्चित मिड-डे मील घोटाले में अब सियासी और कानूनी हलचल और तेज हो गई है. गहलोत सरकार के कार्यकाल से जुड़े कथित 2000 करोड़ रुपये के इस घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर ने कई बड़े नामों को कठघरे में खड़ा कर दिया है. इस एफआईआर में कुल 21 नामजद आरोपी शामिल हैं, जिनमें दो पूर्व मंत्री पुत्रों के नाम सामने आने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है.
एसीबी की एफआईआर के अनुसार, पूर्व गृह राज्यमंत्री रहे राजेन्द्र यादव के दोनों बेटे मधुर यादव और त्रिभुवन यादव भी इस घोटाले में नामजद आरोपियों में शामिल हैं. आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत खाद्यान्न आपूर्ति में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं. इन गड़बड़ियों की कुल राशि करीब 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस मामले में केवल पूर्व मंत्री के पुत्र ही नहीं, बल्कि कई अधिकारी, कर्मचारी और सप्लायर भी जांच के दायरे में लाए गए हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि और पहले की कार्रवाईराजेन्द्र यादव गहलोत सरकार में गृह राज्यमंत्री रह चुके हैं. विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. खास बात यह है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उनका भाजपा में प्रवेश हुआ था, जिसे लेकर उस समय भी राजनीतिक चर्चाएं तेज रही थीं. इससे पहले सितंबर 2023 में राजेन्द्र यादव से जुड़े ठिकानों पर इनकम टैक्स और प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई हो चुकी है. ईडी ने कोटपूतली और बहरोड़ में उनके निवास और फैक्ट्री पर छापे मारे थे, जिससे यह मामला पहले ही सुर्खियों में आ गया था.
विपक्ष का हमला और भाजपा पर सवालएसीबी द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार और भाजपा पर तीखा हमला शुरू कर दिया है. कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने भाजपा नेता राजेन्द्र यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने भ्रष्टाचार के कारनामों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा की शरण में गए थे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन अब सर मुंडाने के बाद ओले पड़ गए हैं. उनका कहना था कि भाजपा में शामिल होने के बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है.
कार्रवाई की मांग और चेतावनीप्रहलाद गुंजल ने कहा कि यदि भाजपा में नैतिकता है तो यह कार्रवाई केवल दिखावे या नौटंकी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मांग की कि अगर एफआईआर तथ्यों के आधार पर दर्ज की गई है तो उस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने चेताया कि केवल एफआईआर दर्ज कर उसे फाइलों में दबा देना जनता को गुमराह करने जैसा होगा. गुंजल ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्थान की जनता सरकार से जवाब जरूर मांगेगी.
मिड-डे मील घोटाले से जुड़ा यह मामला अब केवल प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. आने वाले दिनों में एसीबी की जांच की दिशा और सरकार की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि इससे यह तय होगा कि यह एफआईआर महज औपचारिक कदम है या वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की शुरुआत.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
January 09, 2026, 18:35 IST
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ACB की FIR ने खोले राज; 2000 करोड़ मिड-डे मील घोटाले में बड़े नामों की एंट्री!



