Rajasthan

Kanchan Chauhan news । BJP MLA Shankar Singh Rawat। Naib Tehsildar Kanchan Chauhan APO । RTS Kanchan Chauhan case

Last Updated:December 24, 2025, 15:31 IST

Kanchan Chauhan News : फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से नौकरी हासिल करने के आरोपों से घिरी ब्यावर के बीजेपी विधायक शंकर सिंह रावत की नायब तहसीलदार बेटी कंचन रावत को आखिरकार एपीओ कर दिया गया है. हालांकि उनके एपीओ आदेश में इसका हवाला नहीं दिया गया है. उनको एपीओ करने का कारण प्रशासनिक बताया गया है. लेकिन राजस्व मंडल अजमेर के इस एक्शन को दिव्यांग प्रमाण पत्र केस से जोड़कर देखा जा रहा है.

ख़बरें फटाफट

BJP विधायक शंकर सिंह रावत की RTS बेटी कंचन चौहान को किया एपीओ, जानें वजहकंचन चौहान भीलवाड़ा के करेड़ा में बतौर नायब तहसीलदार पोस्टेट थीं.

अशोक सिंह भाटी.

अजमेर. राजस्थान राजस्व मंडल अजमेर ने भीलवाड़ा जिले के करेड़ा में नियुक्त नायब तहसीलदार ब्यावर के भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत की बेटी कंचन चौहान को एपीओ कर दिया है. चौहान के एपीओ करने का कारण फिलहाल प्रशासनिक बताया गया है. कंचन चौहान पर फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप है. इस मामले की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कर रही है. फिलहाल उसकी जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है. विधायक की अफसर बेटी पर लगे इन आरोपों के कारण सूबे की सियासत पूर्व में काफी गरमा चुकी है. रावत को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे खेमे का सिपाहसालर माना जाता है.

कंचन चौहान वर्ष 2018 बैच की आरटीएस हैं. उनकी नियुक्ति में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र का उपयोग किए जाने का आरोप है. इसकी शिकायत बीते दिनों मुख्यमंत्री और एसओजी से की गई थी. इन आरोपों के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस सत्तारुढ़ बीजेपी की भजनलाल सरकार पर हमलावर हो गई थी. कांग्रेस ने मांग की थी कि सरकार को इस मामले में अपने विधायक का बचाव नहीं करके इसकी पूरी जांच करवानी चाहिए. उसके बाद में यह मामला तूल पकड़ गया था. इस पर फिर इसकी जांच एसओजी को सौंपी गई थी. हालांकि अभी तक इसकी जांच रिपोर्ट राजस्व मंडल प्रशासन को नहीं भेजी गई है.

बेटी ही नहीं पुत्रवधू पर भी है फर्जीवाड़े का आरोपकंचन चौहान का केस सामने आने के बाद राजस्व मंडल ने बीते पांच वर्ष के दौरान दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने वाले सभी अभ्यर्थियों की फिर से जांच भी करवाई थी. उसके बाद एसओजी ने विभिन्न विभागों में दिव्यांग कोटे से नौकरी पाने वाले 29 सरकारी कर्मचारियों की जांच की थी. उनमें से 24 के दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे. रावत की केवल बेटी ही नहीं बल्कि उनकी पुत्रवधू सुनीता पर भी तलाकशुदा कोटे से जाली तरीके से नौकरी पाने का आरोप है.

विधायक शंकर सिंह रावत की साख पर दांव पर लग गई थीइस पूरे प्रकरण के बाद विधायक शंकर सिंह रावत की साख पर दांव पर लग गई थी. रावत ब्यावर से चौथी बार विधायक हैं. शंकर सिंह रावत को प्रदेशभर में पहचान उनकी ब्यावर को जिला बनाने की मांग को लेकर किए गए आंदोलन से मिली थी. इसके लिए उन्होंने ब्यावर से लेकर जयपुर तक पैदल मार्च भी किया था. लंबे संघर्ष के बाद पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में ब्यावर को अजमेर से अलग करके जिला बना दिया गया था. ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले रावत के चार बच्चे हैं. इनमें तीन बेटे और एक बेटी कंचन रावत हैं. इन आरोपों को रावत ने राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा था कि वे किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें

Location :

Ajmer,Ajmer,Rajasthan

First Published :

December 24, 2025, 15:31 IST

homerajasthan

BJP विधायक शंकर सिंह रावत की RTS बेटी कंचन चौहान को किया एपीओ, जानें वजह

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj