नागौर को मिलेगी लंबी राहत, 400 गांवों और कस्बों के लिए अब पानी की किल्लत नहीं, स्मार्ट ट्रीटमेंट प्लांट शुरू

Last Updated:January 02, 2026, 19:09 IST
नए साल में नागौर जिले के लिए बड़ी खुशखबरी है। नोखा दैया के पुराने जल आपूर्ति सिस्टम को अपग्रेड कर 148 एमएलडी क्षमता वाला हाई-टेक ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है. इस परियोजना से नागौर शहर और लगभग 400 गांवों को पर्याप्त, शुद्ध और सुरक्षित पानी मिलेगा. 18 नए हाई-कैपेसिटी पंप और ऑटोमेटेड सिस्टम के साथ यह प्रोजेक्ट जून 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य रखता है, जिससे आने वाले वर्षों में जल संकट की संभावना खत्म हो जाएगी.

राजस्थान के नागौर जिले के लिए अच्छी खबर है, नया साल जिले के लिए बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया है. लंबे समय से यहां के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे, जिससे आम जनजीवन, खेती और पशुपालन प्रभावित होते रहे हैं. अब जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में पानी की समस्या से स्थायी मुक्ति मिलने की संभावना बन रही है.

नोखा दैया में वर्तमान में बना पेयजल सिस्टम केवल 74 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने में सक्षम है, जो बढ़ती आबादी और जरूरतों के मुकाबले काफी कम साबित हो रहा था. इसी कमी को दूर करने के लिए इस सिस्टम को अपग्रेड कर 148 एमएलडी क्षमता का बनाया जा रहा है. इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने लगभग 64 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, जिसे जल आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ा निवेश माना जा रहा है.

इस परियोजना के पूरा होने के बाद नागौर शहर के साथ-साथ जिले के लगभग 400 गांवों और कस्बों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. सबसे खास बात यह है कि अब जिले में पानी की मौजूदा मांग 125 एमएलडी से भी ज्यादा होगी. इससे भविष्य में आबादी बढ़ने के बावजूद जल संकट की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी, परियोजना की फाइनल डेडलाइन जून 2026 तय की गई है.
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अधिकारियों का कहना है कि काम तेजी से और तय समय-सीमा के भीतर पूरा होने पर जिले के लोगों को लंबे समय तक राहत मिलेगी. यह प्रोजेक्ट न केवल मौजूदा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी एक मजबूत जल आपूर्ति ढांचा तैयार करेगा. नए साल में शहरवासियों को केवल अधिक मात्रा में पानी ही नहीं मिलेगा, बल्कि बेहतर गुणवत्ता वाला शुद्ध पानी भी उपलब्ध होगा. इस प्रोजेक्ट के तहत जो नया ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है, वह पूरी तरह स्मार्ट और ऑटोमेटेड सिस्टम पर आधारित होगा.

इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और पानी की शुद्धता लगातार बनी रहेगी. हाई-टेक ट्रीटमेंट प्लांट में मटमैले और अशुद्ध पानी को साफ करने के लिए हाई-स्पीड ट्रीटमेंट यूनिट, टर्बिडिटी कंट्रोल और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इन सुविधाओं की मदद से पानी की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाएगी. इससे लोगों को बीमारियों से बचाव मिलेगा और बेहतर स्वास्थ्य की गारंटी भी सुनिश्चित होगी.

इस पूरे प्रोजेक्ट का एक बेहद अहम हिस्सा 18 नए हाई-कैपेसिटी पंप सेट हैं, एक्सईएन गोविंद बेड़ा के अनुसार, ये पंप पुराने सिस्टम की तुलना में तकनीकी रूप से कहीं अधिक उन्नत हैं. ये पंप दोगुनी रफ्तार से पानी लिफ्ट करेंगे, बिजली की खपत कम करेंगे और ऊंचे इलाकों तक भी बिना किसी रुकावट के जल आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.
First Published :
January 02, 2026, 19:09 IST
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नागौर जिले में 148 एमएलडी जल आपूर्ति प्रोजेक्ट से 400 गांवों को राहत



