स्मार्ट सिटी पर लगा बड़ा दाग! कोटा का नयापुरा बस स्टैंड बना खंडहर, कभी भी हो सकता है हादसा

Last Updated:November 20, 2025, 22:51 IST
Kota News : कोटा के नयापुरा बस स्टैंड की बदहाली स्मार्ट सिटी के विकास दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. टूटती छत, बदहाल सीटिंग व्यवस्था, गंदगी और सुरक्षा की कमी ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शौचालयों की खराब स्थिति और सफाई व्यवस्था के चरमराने से लोगों में नाराज़गी लगातार बढ़ रही है. स्थानीय नागरिक बस स्टैंड की तुरंत मरम्मत, बेहतर सुविधाओं और सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
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कोटा. स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा कोटा शहर अपने कई आधुनिक प्रोजेक्ट्स के कारण चर्चा में है, लेकिन शहर का प्रमुख नयापुरा बस स्टैंड इस विकास यात्रा के बीच एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा है. हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले इस स्टेशन की हालत बदहाल है और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यात्री हर दिन कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. अव्यवस्था, गंदगी और असुरक्षित माहौल ने इस बस स्टैंड को स्मार्ट सिटी की तस्वीर पर एक गहरा धब्बा बना दिया है.
यात्रियों का कहना है कि जहां शहर के कई क्षेत्र आधुनिक संरचनाओं और नई योजनाओं से बदल रहे हैं, वहीं बस स्टैंड की स्थिति सालों से जस की तस बनी हुई है. टूटती छत, बदहाल बैठने की व्यवस्था, गंदगी और सुरक्षा की कमी से यह जगह बिल्कुल उपयोग से बाहर लगने लगी है. कई बार गिरते प्लास्टर की वजह से यात्री चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई सुधार या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है. इस लापरवाही ने स्थानीय लोगों और यात्रियों में नाराज़गी और चिंता दोनों बढ़ा दी है.
मेंटेनेंस की कमी ने बढ़ाई परेशानीनयापुरा बस स्टैंड में सबसे बड़ी समस्या है मेंटेनेंस की कमी. कई प्लेटफॉर्म पर छत से प्लास्टर झड़कर गिरता रहता है, जिससे हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है. यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंचें नहीं हैं और जो हैं, वे टूटी पड़ी हैं. ठंड के मौसम में शेल्टर की कमी यात्रियों की परेशानी और बढ़ा देती है. टिकट विंडो पर काम करने वाले कर्मचारी भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं, लेकिन मजबूरी में इस माहौल में ड्यूटी निभानी पड़ रही है.
सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराईपूरे बस स्टैंड परिसर में सफाई व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है. प्लेटफॉर्म, दीवारें और गलियारे कचरे से भरे पड़े रहते हैं. कई जगहों पर जमा गंदा पानी फिसलन पैदा कर देता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. यात्रियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी का टैग होने के बावजूद बस स्टैंड की यह हालत बेहद शर्मनाक है. सफाई कर्मियों की नियमित तैनाती नहीं होने की वजह से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.
शौचालय बने बड़ी समस्यानयापुरा बस स्टैंड के शौचालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय है. महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए बने शौचालयों में सफाई नहीं होती. पानी की कमी और तेज बदबू के कारण उनका उपयोग करना लगभग असंभव हो चुका है. यात्रियों को मजबूरन बाहर जाकर विकल्प तलाशना पड़ता है, जो सुरक्षा की दृष्टि से भी सही नहीं माना जाता. यह स्थिति विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए अधिक परेशानी पैदा करती है.
लोगों में बढ़ती नाराज़गी और सुधार की मांगस्थानीय लोगों और यात्रियों ने बस स्टैंड की बदहाली पर कड़ी नाराज़गी जताई है. उनका कहना है कि परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है. लोग मांग कर रहे हैं कि सफाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, छत और संरचना की मरम्मत करवाई जाए और यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाए. उनका कहना है कि जब तक नयापुरा बस स्टैंड को बेहतर सुविधाओं से लैस नहीं किया जाता, तब तक स्मार्ट सिटी का दावा अधूरा ही रहेगा.
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
First Published :
November 20, 2025, 22:51 IST
homerajasthan
स्मार्ट सिटी का टैग, पर नयापुरा बस स्टैंड की हालत स्मार्ट से कोसों दूर, स्मार्टनेस के दावों पर बड़ा सवाल



