जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त, जानें कब से पदभार संभालेंगे

Last Updated:October 24, 2025, 13:49 IST
राजस्थान सरकार ने जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है. निर्वाचित बोर्डों के कार्यकाल 9 नवंबर 2025 को समाप्त होने के बाद संभागीय आयुक्त इन निगमों का प्रशासन संभालेंगे. यह कदम शहरी विकास नीति के तहत निगमों को मजबूत और केंद्रीकृत प्रशासन देने के उद्देश्य से उठाया गया है. प्रशासक वित्तीय, विकास और सेवाओं से जुड़े सभी निर्णय लेंगे. वार्ड परिसीमन अधिसूचना के तहत वार्डों की संख्या बढ़ाई जा सकती है और आपत्ति-आलोचना की समय सीमा 15 मई तक तय की गई है.
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जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त
जयपुर. राजस्थान सरकार ने जयपुर, कोटा और जोधपुर के प्रमुख नगर निगमों में प्रशासक नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है. स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के तहत संबंधित संभागीय आयुक्तों को ही प्रशासक बनाया गया है. इन निगमों के निर्वाचित बोर्डों का कार्यकाल 9 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद प्रशासक शहरी सरकार की कमान संभालेंगे. निर्वाचित बोर्डों के गठन तक ये आयुक्त सभी प्रशासनिक और विकास कार्यों का संचालन करेंगे.
यह कदम राज्य सरकार की एकीकृत शहरी विकास नीति का हिस्सा है, जिसके तहत इन तीनों निगमों को मजबूत और केंद्रीकृत प्रशासन प्रदान किया जाएगा. स्वायत्त शासन विभाग के अनुसार, जयपुर संभागीय आयुक्त को जयपुर नगर निगम, कोटा संभागीय आयुक्त को कोटा नगर निगम तथा जोधपुर संभागीय आयुक्त को जोधपुर नगर निगम का प्रशासक नियुक्त किया गया है.
कार्यकाल समाप्ति की तिथि से ही आयुक्त पदभार ग्रहण करेंगे
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड के कार्यकाल समाप्ति की तिथि से ही ये आयुक्त पदभार ग्रहण करेंगे. इस दौरान वे निगमों के सभी वित्तीय, विकास और सेवाओं से जुड़े निर्णय लेंगे. विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था निगमों में शासन की निरंतरता बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की व्यवधान न होने के लिए आवश्यक है. राजस्थान में शहरी स्थानीय निकायों के बोर्डों का कार्यकाल सामान्यतः पांच वर्ष का होता है. जयपुर, कोटा और जोधपुर जैसे बड़े निगमों में 2019 के बाद दोहरी संरचना (उत्तर और दक्षिण) लागू की गई थी, लेकिन अब सरकार एकीकरण की दिशा में सक्रिय है.
आपत्ति-आलोचना की समय सीमा 15 मई तक
हाल ही में जारी वार्ड परिसीमन अधिसूचना के तहत इन निगमों को एकीकृत करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. जनसंख्या के आधार पर जयपुर में 150, जबकि कोटा और जोधपुर में 100-100 वार्ड निर्धारित किए जा सकते हैं. यह परिवर्तन 2011 की जनगणना पर आधारित होगा, और आपत्ति-आलोचना की समयसीमा 15 मई 2025 तक बढ़ा दी गई है. इस नियुक्ति से निगमों के लाखों नागरिकों को लाभ मिलेगा. प्रशासक व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और विकास कार्य तेज होंगे. राज्य सरकार ने कहा है कि निर्वाचित बोर्डों का गठन जल्द संभव होने पर चुनाव प्रक्रिया तेज की जाएगी. स्वायत्त शासन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल तैयारी करें. इन निगमों में सफाई, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण जैसे मूलभूत कार्यों पर अब विशेष ध्यान दिया जाएगा. विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सहयोग करें.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 24, 2025, 13:49 IST
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जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त, इस दिन लेंगे पदभार



