सर्दियों में अपना लें आयुर्वेद की ये दिनचर्या, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर, चमक उठेगा चेहरा

Last Updated:December 19, 2025, 01:09 IST
Khargone News: डॉ संतोष मौर्य ने लोकल 18 से कहा कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए 7 से 8 घंटे की नींद काफी होती है, इसलिए रात 10 बजे से पहले सो जाना चाहिए. देर रात तक मोबाइल या फिर टीवी देखने की आदत ठंड के मौसम में शरीर को कमजोर बना देती है.
खरगोन. पहले के समय में लोग कम बीमार पड़ते थे. शरीर में ताकत होती थी, इम्युनिटी मजबूत रहती थी और मानसिक रूप से भी लोग ज्यादा स्वस्थ नजर आते थे. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्थिति बिल्कुल उलट हो गई है. कम उम्र में ही लोग डायबिटीज, बीपी, पेट की बीमारी, जोड़ों के दर्द और तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. खासकर सर्दियों के मौसम में सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार और त्वचा से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञों की मानें, तो इसकी सबसे बड़ी वजह बिगड़ी हुई दिनचर्या है. मध्य प्रदेश के खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ संतोष मौर्य लोकल 18 को बताते हैं कि स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद शास्त्र में बताई गई दिनचर्या को अपनाना बेहद जरूरी है. सुबह जागने से लेकर रात को सोने तक, कब क्या खाना है, कितना सोना है और शरीर का कैसे ख्याल रखना है, ये सब हमारे शास्त्रों में पहले से ही बताया गया है. अगर व्यक्ति सर्दियों में इन नियमों का पालन कर ले, तो बड़ी से बड़ी बीमारी से भी बचा जा सकता है.
सुबह कितने बजे उठे? डॉ मौर्य के अनुसार, जागने का सर्वोत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 से 4:30 बजे माना गया है लेकिन सूर्योदय से पहले किसी भी हाल में बिस्तर छोड़ देना चाहिए. सुबह उठते ही नैतिक क्रियाएं करने के बाद धूप निकलने पर हल्का व्यायाम, योग और प्राणायाम करना सर्दियों में बहुत फायदेमंद होता है. इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.
सुबह की दिनचर्या कैसी हो?सर्दियों के मौसम में गुनगुना पानी इस्तेमाल करना चाहिए. आयुर्वेद में नहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से मालिश को बहुत लाभकारी बताया गया है. इससे जोड़ों के दर्द, त्वचा के रूखेपन और थकान से राहत मिलती है. मालिश के बाद गुनगुने पानी से स्नान करने से शरीर तरोताजा महसूस करता है. सुबह का नाश्ता 8 से 9 बजे के बीच करना चाहिए. सर्दियों में दलिया, दूध, घी लगी रोटी, मूंग दाल चीला, पोहा, उपमा जैसे गर्म और पौष्टिक आहार फायदेमंद होते हैं. साथ में बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे सूखे मेवे शामिल करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है.
दिन और रात का भोजन कैसा हो?दोपहर का भोजन 12 से एक बजे के बीच करना सबसे उचित माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, इस समय पाचन अग्नि सबसे मजबूत होती है. दोपहर के खाने में घर का बना भोजन ही लें. रोटी, चावल, दाल, मौसमी सब्जियां, घी और छाछ को भोजन में शामिल करें. बाजरा, ज्वार और मक्का की रोटी सर्दियों में शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है. शाम के समय 4 से 5 बजे के बीच हल्का नाश्ता लिया जा सकता है. रात का भोजन हमेशा हल्का और समय पर करना चाहिए और 6 से 7 बजे तक भोजन कर लेना सबसे अच्छा रहता है.
रात को कितने बजे सोना चाहिए?डॉ संतोष मौर्य का कहना है कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए 7 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है, इसलिए रात 10 बजे से पहले सो जाना चाहिए. देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने की आदत सर्दियों में शरीर को कमजोर बना देती है. उनका मानना है कि इस आयुर्वेदिक दिनचर्या को नियमित अपनाने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. पेट से जुड़ी बीमारियां धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं. चिड़चिड़ापन, मानसिक तनाव, थकान और सुस्ती से भी राहत मिलती है.
About the AuthorRahul Singh
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Location :
Khargone,Madhya Pradesh
First Published :
December 19, 2025, 01:09 IST
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सर्दियों में अपनाएं आयुर्वेद की ये दिनचर्या! बीमारियों की छुट्टी, चमकेगा चेहरा
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



