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क्यों हर बार दिखते ही बेमौत मारा जाता है यह सांप? वजह जानकर आप भी कहेंगे- यह तो नाइंसाफी है!

जयपुर. देश के कई हिस्सों में एक ऐसा सांप पाया जाता है जो दिखने में बेहद खूबसूरत होने के बावजूद अपनी शक्ल-सूरत की वजह से मौत का शिकार बनता है. ऐसा ही एक सांप है वुल्फ स्नेक. देखने में यह एक आम सांप की तरह फुर्तीला होता है. लेकिन, यह सांप किसी को कटता नहीं है. स्नेक कैप्चर बबलू सिंह ने बताया कि वुल्फ स्नेक पूरी तरह विषहीन है और इंसान को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है. इस बारे में लोगों को जानकारी नहीं होने कारण यह निर्दोष सांप अब विलुप्ति के खतरे की ओर बढ़ रहा है.

राजस्थान सहित देश के कई जंगली और पहाड़ी इलाकों में यह विषहीन वुल्फ स्नेक अधिक पाया जाता है. स्नेक कैप्चर के अनुसार, देखने में यह इतना हद तक कॉमन करैत जैसा नजर आता है कि आम लोग अक्सर इसे पहचानने में गलती कर बैठते हैं. यही वजह है कि यह निर्दोष सांप अक्सर भय और अंधविश्वास का शिकार बन जाता है. भारत के कई राज्यों में लोग इसे जहरीला समझकर तुरंत मार डालते हैं, जबकि यह इंसानों के लिए कोई नुकसानदायक नहीं है.
करैत समझकर विषहीन सांप वुल्फ स्नेक को मार देते हैं लोग

देश में वुल्फ स्नेक की पाई जाती है तीन प्रजातियां

भारत में सांपों की बिग फोर लिस्ट में शामिल कॉमन करैत सबसे घातक ज़हरीले सांपों में से एक है. इसी के कारण जब लोग किसी काले या धारियों वाले सांप को देखते हैं, तो वे बिना सोचे-समझे उसे करैत मान लेते हैं. वुल्फ स्नेक के लिए यह गलती किसी श्राप से कम नहीं है. विषहीन होने के बावजूद यह सांप डर के कारण मारा जाता है, जिससे इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है. वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सांप जहरीला नहीं होता और पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी भूमिका बेहद अहम है. सीकर के हर्ष पर्वत के जंगली क्षेत्र में पक्षियों और जहरीले सांपों पर शोध करने वाले पवन जांगिड़ ने बताया वुल्फ स्नेक की कॉमन वुल्फ स्नेक, बार्ड वुल्फ स्नेक और ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक तीन मुख्य प्रजातियां पाई जाती हैं. इन तीनों में से कोई भी जहरीला नहीं है. ये छोटे कीड़ों, छिपकलियों और अन्य छोटे जीवों को खाकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखती हैं.

कॉमन करैत से मिलती-जुलती बनावट के कारण अक्सर मारा जाता है वुल्फ स्नेक

इस वजह से नाम पड़ा वुल्फ स्नेक

स्नेक कैप्चर बबलू सिंह ने बताया कि कॉमन करैत और वुल्फ स्नेक में थोड़ा ध्यान देने पर स्पष्ट अंतर देखा जा सकता है. कॉमन करैत की देह त्रिकोणीय होती है और उसकी रीढ़ की हड्डी उभरी हुई दिखती है, जबकि वुल्फ स्नेक की बनावट बेलनाकार होती है. करैत का रंग गहरा काला होता है जिसपर चमकीली सफेद धारियां होती हैं, वहीं वुल्फ स्नेक का रंग भूरा (ब्राउनिश) होता है जिसपर हल्के पीले या क्रीम रंग की धारियां दिखाई देती हैं. पूंछ की तरफ वुल्फ स्नेक की धारिया हल्की पड़ जाती है, जबकि करैत की पूंछ तक धारिया एक जैसी चमकीली रहती है. इसके अलावा, वुल्फ स्नेक के दांत भेड़िए के दांतों जैसे नुकीले और छोटे होते हैं, इसी वजह से इसका नाम वुल्फ स्नेक पड़ा है.

वुल्फ स्नेक की मुख्य रूप से पाई जाती है तीन प्रजातियां

रात के समय एक्टिव होते हैं वुल्फ स्नेक

हालांकि इसके दंश से इंसान को केवल हल्की जलन या खरोंच जैसी अनुभूति होती है, लेकिन जहर का कोई असर नहीं होता. दिलचस्प बात यह है कि यह सांप बेहद शर्मीला और निशाचर होता है. दिन के समय यह दीवारों की दरारों, लकड़ी के टुकड़ों या पत्तों के नीचे छिपा रहता है और रात को अपने भोजन की तलाश में निकलता है. वुल्फ स्नेक को आमतौर पर बरसात के मौसम में ज्यादा देखा जाता है, क्योंकि इस समय कीड़े-मकोड़ों और छिपकलियों की संख्या बढ़ जाती है. ये सांप अपने छोटे आकार और तेजी से चलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं.

करैत की चमकीली धारियां और त्रिकोणीय देह होती है जबकि वुल्फ स्नेक भूरा और बेलनाकार

पेड़ों पर भी चढ़ने में सक्षम है यह सांप

यह पेड़ों पर चढ़ने में भी सक्षम होते हैं और कभी-कभी घरों में दिखने वाले छिपकलियों के पीछे-पीछे भी पहुंच जाते हैं. कई बार लोग इसे देखकर घबरा जाते हैं, लेकिन असल में यह सांप मानव से दूरी बनाए रखना पसंद करता है और केवल तब काटता है जब खुद को खतरे में महसूस करता है. वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि वुल्फ स्नेक को बचाने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है. लोगों को यह समझना होगा कि हर सांप जहरीला नहीं होता और हर सांप को मार देना समाधान नहीं है. वुल्फ स्नेक जैसे विषहीन सांप खेतों में चूहों की संख्या घटाकर किसानों की मदद करते हैं और जैव विविधता को संतुलित रखते हैं.

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