मुंबई के डार्विन समूह को दी गई लवासा परियोजना

डिजिटल डेस्क, मुंबई। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने भारत का पहला निजी हिल स्टेशन लवासा स्मार्ट सिटी अजय हरिनाथ सिंह के नेतृत्व वाले डार्विन प्लेटफॉर्म ग्रुप को सौंप दिया। इससे लवासा में घर खरीदने वाले सैकड़ों लोगों और लेनदारों को राहत मिलेगी। एनसीएलटी के तकनीकी सदस्य श्यामबाबू गौतम और न्यायिक सदस्य कुलदीप कुमार करीर ने यह आदेश पारित किया।
दिसंबर 2021 में लेनदारों की समिति (सीओसी) ने डार्विन प्लेटफॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीपीआईएल) द्वारा प्रस्तुत एक समाधान योजना के पक्ष में मतदान किया था। एनसीएलटी ने उसे मंजूरी देते हुए आदेश पारित किया। इसके अनुसार 8 साल में 1,814 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। इसमें से 929 करोड़ रुपए लेनदारों को दिए जाएंगे, जबकि 438 करोड़ रुपए की लागत से घर बनाकर खरीदारों को दिए जाएंगे। 837 खरीदारों के दावे वैध माने गए हैं। पर्यावरणीय क्लियरेंस मिलने के 5 साल के भीतर असली लागत पर घर सौंप दिए जाएंगे। खरीदारों को डार्विन को असली लागत चुकानी होगी।
लवासा को हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ने विकसित किया था। उसने यूरोपीय शैली के शहर की परिकल्पना की थी। लवासा कॉर्पोरेशन को वारसगांव नदी पर बांध बनाने और एक शहर के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण की अनुमति मिली थी। कंपनी के अपने भुगतान दायित्वों को पूरा करने में विफल रहने के बाद लवासा के लेनदारों में से एक राज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट इंडिया ने कंपनी के खिलाफ दिवालियापन याचिका दायर की। उसे अगस्त 2018 में स्वीकार कर लिया गया था।
जेट एयरवेज में दिखाई थी रुचि
डार्विन समूह का मुख्यालय मुंबई में है। उन्होंने पहले जेट एयरवेज और रिलायंस कैपिटल की निविदा प्रक्रिया में भी रुचि दिखाई थी। डार्विन समूह रिटेल, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई व्यवसायों में सक्रिय है।
ये हैं मुख्य लेनदार
लवासा के मुख्य लेनदार यूनियन बैंक, एलएंड टी फाइनेसंस, आर्सिल, बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक हैं।
राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध डार्विन समूह

डार्विन के संस्थापक और चेयरमैन अजय हरिनाथ सिंह ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘हमारा समूह राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और हमारा दृष्टिकोण भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए पीएम और गृह मंत्री के मिशन के साथ पूरी तरह से मेल खाता है। एनसीएलटी ने हमें देश में एक महत्वाकांक्षी विश्वस्तरीय स्मार्ट सिटी विकसित करने का चुनौतीपूर्ण कार्य सौंपा है। यह फैसला राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।’ उन्होंने रेखांकित किया, ‘लवासा अब एक उल्लेखनीय पुनरुत्थान के शिखर पर है।’ बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘कंपनी पुनरुद्धार प्रक्रिया में हितधारकों को शामिल करने और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देने का वादा करती है।’