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Kaner Flower Plant Care Guide for Beautiful Garden

Last Updated:November 16, 2025, 11:39 IST

Kaner Plant Benefits: कनेर का पौधा अपनी चमकीली रंगत, लंबे समय तक खिले फूलों और कम देखभाल में आसानी से उगने की क्षमता की वजह से गार्डन प्रेमियों की पहली पसंद बन चुका है. धूप, कम पानी और हल्की मिट्टी में भी बढ़ने वाला यह पौधा हर गार्डन की रौनक बढ़ा देता है और व्यस्त लोगों के लिए भी बागवानी का एक शानदार विकल्प है.

भरतपुर. अगर आप अपने गार्डन को खूबसूरत, आकर्षक और रंगों से भरा बनाना चाहते हैं, तो कनेर (Kaner) का पौधा आजकल लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. अपनी चमकीली रंगत और लंबे समय तक टिके रहने वाले फूलों की वजह से कनेर हर बगीचे की रौनक बढ़ा देता है. यही कारण है कि गार्डन प्रेमी अब इस पौधे को बड़े पैमाने पर लगा रहे हैं.

कनेर की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. यह पौधा गर्मी, सर्दी और हल्की धूप—हर मौसम में आसानी से फलता-फूलता है. यह अपनी कठोरता के लिए जाना जाता है, जो इसे भारत के विविध जलवायु के लिए एकदम सही बनाता है.विशेषताएँ                                      विवरणपानी की आवश्यकता                        कम पानी में उग जाता है.देखभाल                                         रोज़ देखभाल की आवश्यकता नहीं होती.टिकाऊपन                                      हर मौसम में टिकाऊ होता है.आकर्षण                                         सालभर दिखने वाला आकर्षक पौधा.

पानी की कमी वाले क्षेत्रों में भी यह पौधा आसानी से बढ़ जाता है, इस वजह से व्यस्त लोगों के लिए भी यह सबसे अच्छा विकल्प है जो बागवानी के लिए कम समय दे पाते हैं.

कई रंगों में मिलता है कनेरकनेर की कई प्रजातियाँ होती हैं, जो विभिन्न रंगों में फूल देती हैं. इसकी विविधता इसे गार्डन डिजाइन के लिए एक शानदार विकल्प बनाती है. इनमें खास तौर पर:

✔ पीले
✔ गुलाबी
✔ सफेद

रंग के फूल सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं. इसकी सुंदरता और हल्की सुगंध हर गार्डन को खास बना देती है. इसके फूल लंबे समय तक शाखाओं पर टिके रहते हैं, जिससे बगीचा हमेशा खिला-खिला नजर आता है.

कनेर लगाने का आसान तरीकाकनेर का पौधा लगाना और उसकी देखभाल करना बहुत सरल है:

धूप वाली जगह चुनें: कनेर सीधी धूप में सबसे अच्छी तरह बढ़ता है. इसे ऐसी जगह लगाएं जहाँ कम से कम 6 घंटे धूप मिले.
सही मिट्टी का चुनाव: मिट्टी हल्की और पानी निकालने वाली होनी चाहिए ताकि जड़ सड़न (Root Rot) न हो. यह लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में उग सकता है.
सिंचाई (पानी देना): जब मिट्टी की ऊपरी परत सूख जाए, तब ही पानी दें. सप्ताह में 2–3 बार पानी देना पर्याप्त है.
कटिंग से आसानी से तैयार होता है पौधा: इसकी कटिंग (कलम) लेकर इसे बहुत आसानी से नया पौधा बनाया जा सकता है.
खाद: साल में 1–2 बार जैविक खाद या कंपोस्ट डालने से पौधा ज्यादा फूल देता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है.

गार्डन में आकर्षण और सकारात्मकता बढ़ाता है कनेरकनेर न सिर्फ आपके गार्डन की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि घर के वातावरण में सकारात्मकता और ताजगी भी लाता है. दूर से ही इसकी शाखाएँ और चमकीले फूल बगीचे की सुंदरता को दोगुना कर देते हैं. इसे अक्सर बॉर्डर प्लांट या हेज (Hedge) के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है.

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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

November 16, 2025, 11:39 IST

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कनेर का पौधा बना गार्डन लवर्स का फेवरेट! जानें लगाने का सही तरीका

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