Rajasthan

Agriculture Lecturer Recruitment Exam- RPSC Accused Of Forgery – कृषि व्याख्याता भर्ती परीक्षा- आरपीएससी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप

अभ्यार्थियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद में चल रही आरपीएससी पर अब कृषि व्याख्याता भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर भी आरोप लग रहे हैं। भर्ती परीक्षा में शामिल कृषि पीजी योग्यताधारी अभ्यार्थियों ने आयोग पर फर्जीवाड करने का आरोप लगाया है। परीक्षा का परिणाम हाल ही में 29 जुलाई को जारी किया गया जिसमें 370 पदों पर 256 अभ्यर्थियों का सीधा रिजल्ट घोषित हुआ है जबकि 114 अभ्यर्थियों का परिणाम शील्ड कवर में रखा गया है।

यह है अभ्यार्थियों और आरपीएससी में विवाद
आपको बता दे आरपीएससी ने अप्रैल 2018 में जारी किए नोटिफिकेशन में कृषि व्याख्याता के लिए शैक्षणिक योग्यता कृषि में पीजी और बीएड निर्धारित की थी लेकिन कृषि में पीजी अभ्यर्थी कृषि शिक्षा को प्रोफेशनल और तकनीकी शिक्षा बताते हुए बीएड की अनिवार्यता को हटाने की मांग करते हुए कोर्ट चले गए। उनका कहना है कि प्रदेश के पांचों कृषि विवि में से किसी में भी बीएड नहीं करवाई जाती। कोर्ट के आदेश पर आरपीएससी ने इन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करते हुए लिखित परीक्षा के बाद 28 जुलाई 2020 को प्रोविजनल रिजल्ट जारी कर दिया। जिसमें 370 पदों के सापेक्ष 660 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया और इनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हुआ लेकिन इसके बाद अचानक आरपीएससी ने रिजल्ट जारी कर केवल 114 छात्रों को कोर्ट के अधीन रखते हुए रिजल्ट जारी कर दिया जबकि करीब 200 अभ्यर्थी जो अभी भी कोर्ट में हैं उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। ऐसे में अब यह अभ्यार्थी आरपीएससी पर फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप लगा रहे हैं और इनका कहना है कि आयोग ने योग्य स्नातकोतर अभ्यर्थियों को बाहर करते हुए फर्जीी बीएड धारियों का चयन किया है।
ऐसे लगाए गए हैं आरोप
: आरपीएससी ने पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 660 अभ्यर्थियों को और द्वितीय डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में 376 अभ्यर्थियों को बुलाया था लेकिन अंतिम परिणाम में ऐसे 3 रोल नंबरों 705416,720317,799129 को शामिल किया हैं जो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की दोनों लिस्ट में से किसी भी लिस्ट में शामिल नहीं थे।
: प्रथम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की सूची में शामिल अभ्यार्थी टॉप 660 की सूची में शामिल थे, द्वितीय वेरिफिकेशन सूची में इसके बाद की रैकिंग वाले अभ्यार्थियों को शामिल किया गया लेकिन अंतिम परिणाम में द्वितीय वेरिफिकेशन की लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियो की रैंक टॉप 100 में दर्शाई गई और प्रथम सूची में शामिल अभ्यर्थियों की रैंक 300 प्लस रख में जो संभव नहीं है।
: उच्च न्यायालय की डबल बैंच में शामिल ऐसे अभ्यर्थी जिनकी माक्र्स आरपीएससी की अंतिम कटऑफ से अधिक है उन्हें अंतिम परिणाम में शामिल नही किया।
अभ्यर्थियों की यह है मांग
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और आरपीएससी से मांग की है कि भर्ती परीक्षा के अंतिम परिणाम में शामिल समस्त बीएड धारियों की डिग्रियों, बिना वैरिफिकेशन सीधे अंतिम परिणाम में जगह बनाने वाले रोल नंबरों की उच्च स्तरीय जांच की जाए।

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