अजब-गजब: यहां नहीं चलती भारतीय करेंसी, बाड़मेर में स्कूली बच्चों का अनोखा मेला! जानें कैसे करते हैं खरीदारी

Last Updated:December 07, 2025, 11:28 IST
बाड़मेर अनोखा मेला: बाड़मेर के द मॉडर्न स्कूल में आयोजित यह अनोखा मेला बच्चों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव है. मेले में भारतीय करेंसी नहीं बल्कि स्कूल की TMS करेंसी चलती है. बच्चों द्वारा बनाए गए स्टॉल, खेल और क्राफ्ट आइटम्स की खरीददारी इसी करेंसी से होती है. प्रवेश से पहले आगंतुक अपनी मुद्रा बदलवाते हैं, जिससे उन्हें वास्तविक करेंसी एक्सचेंज का अनुभव मिलता है. प्रधानाचार्या नवनीत पंचौरी के अनुसार, यह नवाचार बच्चों में वित्तीय समझ, उद्यमिता कौशल, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता विकसित करता है.
बाड़मेर. सोचिए आप मेले में पहुंचे और अपनी जेब में रखी भारतीय मुद्रा किसी काम की न हो! पश्चिमी सरहद के द मॉडर्न स्कूल में आयोजित यह मेला कुछ ऐसा ही अनुभव देता है, क्योंकि यहां सिर्फ TMS करेंसी चलती है. यह अनोखा प्रयोग बच्चों को न केवल मज़ा देता है, बल्कि उन्हें वास्तविक आर्थिक व्यवहार और करेंसी एक्सचेंज की समझ भी सिखाता है. बाड़मेर का यह अनोखा मेला बच्चों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का संगम है. यहां वे केवल खेलते और खरीदारी करते नहीं हैं, बल्कि वित्तीय साक्षरता, करेंसी और उद्यमिता की वास्तविक समझ प्राप्त करते हैं.
द मॉडर्न स्कूल का यह नवाचार बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है, जिससे वे भविष्य में सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सकें. मेलों में प्रवेश से पहले सभी लोगों को अपनी भारतीय मुद्रा को स्कूल की विशेष TMS करेंसी में बदलना होता है. इसके बाद ही वे खरीददारी और खेलों में हिस्सा ले सकते हैं. इस मुद्रा को लेकर किसी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जाता, जिससे बच्चों और आगंतुकों को असली करेंसी एक्सचेंज जैसी अनुभूति होती है. मेले में बच्चों द्वारा बनाए गए स्टॉल, खेल, खाद्य सामग्री और क्राफ्ट आइटम्स की खरीददारी इसी करेंसी से होती है.
साल में एक बार आयोजित होता है मेला
बाड़मेर के द मॉडर्न स्कूल का यह मेला वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है और लाखों रुपये की बिक्री के साथ यह हमेशा चर्चा का केंद्र बनता है. मेले का माहौल बिल्कुल एक मिनी-देश जैसा प्रतीत होता है. यहां बच्चे न केवल अपनी रचनात्मकता दिखाते हैं, बल्कि वित्तीय समझ, करेंसी एक्सचेंज, आर्थिक लेन-देन और उद्यमिता कौशल भी सीखते हैं. प्रधानाचार्या नवनीत पंचौरी के अनुसार, यह नवाचार छात्रों को व्यवहारिक शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने का आत्मविश्वास देता है.
बच्चों की बहुआयामी प्रतिभा को मिलती है नई दिशा
मेलों में शामिल गतिविधियां बच्चों की बहुआयामी प्रतिभा को पंख देता है. स्टॉल चलाना, उत्पाद बेचना, ग्राहकों के साथ लेन-देन करना और मुद्रा बदलना उन्हें वास्तविक जीवन के आर्थिक अनुभव से परिचित कराता है. इस तरह के अनुभव बच्चों में सक्रिय सोच, योजना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं. सालों से यह मेला स्थानीय समुदाय और आस-पास के जिलों से हजारों आगंतुकों को आकर्षित करता रहा है. बच्चे न सिर्फ शैक्षिक दृष्टि से लाभान्वित होते हैं, बल्कि खेल, क्राफ्ट और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से आत्मविश्वास और रचनात्मकता भी बढ़ाते हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
December 07, 2025, 11:28 IST
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बाड़मेर का अनोखा मेला, जहां नहीं चलते रूपए, इस करेंसी से होती है खरीदारी



