Rajasthan

Agriculture story : पाली के काजरी में ऑर्गेनिक क्रांति! ड्रोन तकनीक से खेतों में उतरी जीरो केमिकल खेती की नई मिसाल

Last Updated:October 23, 2025, 17:02 IST

Agriculture story : पाली स्थित काजरी परिसर में किसानों को अब केमिकल फ्री खेती की राह सिखाई जा रही है. यहां वैज्ञानिक किसानों को प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती के तरीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं. ड्रोन तकनीक से जैविक खाद का स्प्रे, जीरो केमिकल फार्मिंग और परमंडेड ऑर्गेनिक मैन्योर जैसी पहलें खेती को नई दिशा दे रही हैं.

पाली : केमिकल फ्री खेती यानि की पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती, किसान किस तरह से कम बजट में कर सकते हैं उसको लेकर काजरी पाली द्वारा काजरी परिसर में हर किस्म की खेती पर किसानों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वह किस प्रकार से अपने खेतों में कैसे केमिकल फ्री खेती कर सकते है. काजरी वैज्ञानिकों ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए आप हमारे काजरी परिसर में देखेंगे जीरो केमिकल फ्री फार्मिंग करते है. यह हमारे यहां की विशेषता है.

साथ ही ड्रॉन तकनीक के माध्यम से भी हम जैविक खेती को बढावा देने का काम कर रहे हैं. इसके साथ ही बात की जाए तो काजरी पाली में परमंडेड ऑर्गेनिक मेनओर तैयार किया जा रहा है जो ऑर्गेनिक खेती के लिए काफी उपयोगी साबित होता है. इसको भी किसानों के खेतो में स्प्रे करने के साथ ही काजरी में बने फार्म में इसको स्प्रे किया जा रहा है.

ऑर्गेनिक खेती पर काम कर रहा काजरी कृषि विज्ञान केन्द्र पाली के प्रभारी डॉ. मनोज गुर्जर ने कहा कि हम प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए लगातार काम कर रहे है. जो भी हमारे यहां फॉर्म पर देखेंगे तो जीरो केमिकल फार्मिंग है जिसमें हम किसी प्रकार का केमिकल या प्रेस्टीसाइड का इस्तेमाल नही करते हैं. यह हमारी कृषि विज्ञान केन्द्र की विशेषता है. ड्रॉन तकनीक के माध्यम से भी हम जैविक उत्पादन को बढावा देने का काम कर रहे हैं. हमारे यहां एक खास स्प्रे भी तैयार हो रहा है जिसका हम स्प्रे किसानों के यहां पर भी करते हैं और हमारे फार्म पर भी कर रहे हैं.

जाने क्यों जरूरी है जैविक खेती जैविक खाद्य उत्पादन हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इस तरह की खेती से पैदा हुए खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों का असर कम होता है और इससे कई तरह की बीमारियां होने का खतरा टल जाता है. यही कारण हैं कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. खाद्य उत्पादन की बात आती है, तो जैविक खेती को व्यापक रूप से अधिक टिकाऊ विकल्प माना जाता है. पर्यावरण के लिए भी जैविक खेती फायदेमंद होती है और इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है. उर्वरक या कीटनाशक अपवाह से प्रदूषण कम होता है. ऐसे में इसी उद्देश्य के साथ काजरी द्वारा किसानों को ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षण देकर इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है.

Rupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें

First Published :

October 23, 2025, 17:02 IST

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पाली काजरी में ऑर्गेनिक खेती की क्रांति, किसान सीख रहे जीरो केमिकल फार्मिंग

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