एमडीएम अस्पताल में एम्स जैसी तेज रफ्तार किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा, दो नए ओटी से खत्म होगी वेटिंग

Last Updated:November 29, 2025, 14:46 IST
MDM hospital Jodhpur : जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में अब किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज गति से होगी. दो आधुनिक ऑपरेशन थियेटर शुरू होने से मरीजों की लंबी वेटिंग खत्म होगी और जीवन रक्षक सर्जरी समय पर हो सकेगी. पहले पुराने ओटी में एक ही यूनिट के सहारे सीमित ट्रांसप्लांट होते थे, जो अब निर्बाध रूप से जारी रहेंगे.
जोधपुर : एम्स की तरह ही एमडीएम अस्पताल भी अब ज्यादा तेज गति से किडनी ट्रांसप्लांट कर सकेंगे. अब मरीजों को लंबी वेटिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा और जीवन रक्षक ऑपरेशन और तेज गति से संभव होंगे. इसके लिए दो ऑपरेशन थियेटर का आधुनिक सेटअप तैयार हो चुका है. इससे न सिर्फ यहां आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी बल्कि ओटी में अन्य विभाग के मरीजों को मिलने वाली वेटिंग से भी मुक्ति मिलेगी. इससे पहले पुराने ओटी में अब तक आठ ट्रांसप्लांट हो चुके हैं, लेकिन यह प्रक्रिया भी पिछले दो साल से बंद है. अब दो ओटी एक साथ ऑपरेट होने से ट्रांसप्लांट में तेजी आएगी. थियेटर को 4 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. इसमें तीन टेबल लगाई हैं. ताकि वेटिंग ज्यादा न हो, वर्तमान में पुराने ओटी की 23 टेबल में ही यूरोलॉजी विभाग का ओटी संचालित हो रहा है.
यह सप्ताह में तीन दिन ही चलता है और इसके लिए 10 से 15 दिन की वेटिंग भी होती है. अब अलग ओटी होने से यह वेटिंग काफी कम हो जाएगी. जोधपुर संभाग का सबसे बड़ा हॉस्पिटल मथुरा दास माथुर अस्पताल होने के चलते यहां जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, बालोतरा, फलोदी सहित कई जिलों के मरीज इलाज यहां इलाज के लिए आते हैं. यहां पर रोजाना 8 हजार के करीब मरीजों को ओपीडी भी रहती है. ऐसे में यहां पर एक ही ओटी होने के चलते कई बार ट्रांसप्लांट के दौरान आम ऑपरेशन के मरीजों को इंतजार करना पड़ता था. अब इस ओटी के शुरू होने से इन मरीजों को भी राहत मिलेगी.
एक ही जगह मिलेगी सुविधाएंउन्होंने बताया कि इस यूनिट में सारी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल सकेगी. इससे मरीजों को फायदा होगा. क्योंकि अभी वर्तमान में यहां ट्रांसप्लांट के लिए सामान्य ओटी ही है. इसकी वजह से अन्य मरीजों के ऑपरेशन टालने पड़ते हैं, क्योंकि संक्रमण का खतरा बना रहता है. ऐसे में यहां सेपरेट ट्रांसप्लांट यूनिट होने से कार्य निर्बाध रूप से चलता रहेगा. अन्य किसी भी यूनिट की कोई असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.
ऐसे होता है किडनी ट्रांसप्लांटकिडनी ट्रांसप्लांट के लिए एक साथ दो ओटी में काम चलता है. एमडीएम में अब तक आठ ट्रांसप्लांट हुए हैं. इनमें पुराने ओटी में जब ट्रांसप्लांट प्रक्रिया की जाती है तो दो ओटी एक साथ रिजर्व किए जाते हैं. लेकिन नए सेटअप में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दो ओटी एक साथ नई मशीनों के साथ उपलब्ध होगा.
नया सेटअप बनायापुराने एमआरआइ सेंटर, जो कि पीपीपी मोड पर संचालित हो रहा है उसके ऊपर दूसरी मंजिल पर यह नया सेटअप बनाया गया है. इसके लिए नई मशीनरी खरीदी गई है. वर्तमान में यहां तक लिफ्ट की सुविधा नहीं है, इसे जल्द ही बढ़ाया जा रहा है.
अब 9वें प्रोसीजर की तैयारीनया यूरोलॉजी ओटी थियेटर शुरू होने से काफी फायदा होगा. MDM हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर विकास राजपुरोहित ने बताया कि हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट ओटी की प्रक्रिया चल रही थी. जिसमें कुछ कमियां रहने की वजह से उसे शुरू करने में दिक्कत थी. अब सभी कमियों को दूर कर उसे शुरू किया गया है. यहां पर आगे से यूरोलॉजी और ट्रांसप्लांट के पेशेंट वहीं ऑपरेट किए जाएंगे. इससे एक सेपरेट और इन्फेक्शन फ्री माहौल में ऑपरेशन हो सकेंगे. अब तक पुराने ओटी में 8 ट्रांसप्लांट हो चुके हैं. अब नए सिस्टम में हम 9वें प्रोसीजर की तैयारी की कर रहे हैं.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
November 29, 2025, 14:46 IST
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एमडीएम में अब तेज रफ्तार किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा, दो नए ओटी से खत्म वेटिंग



