करुण नायर का छलका दर्द, रणजी में धांसू पारी खेलकर अगरकर पर फट पड़े, बोले- मैं ज्यादा मौके डिजर्व करता था

Last Updated:October 27, 2025, 17:21 IST
Karun Nair on Ajit Agarkar: करुण नायर ने टीम इंडिया से बाहर होने पर खुलकर अपनी बात कही. करुण को इंग्लैंड दौरे पर मौका दिया गया. हालांकि इस दौरान उनका प्रदर्शन औसत दर्जे से भी कम रहा. यही वजह है कि उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज में चांस नहीं दिया गया.
करुण नायर को टीम से बाहर कर दिया गया.
नई दिल्ली. टीम इंडिया से बाहर चल रहे मिडिल-ऑर्डर बैटर करुण नायर ने रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक की तरफ से खेलते हुए गोवा के खिलाफ 174 रन की अहम पारी खेली. इस शानदार प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान करुण नायर का दर्द चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर साफ नजर आया. उन्होंने संतुलित अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं इससे बेहतर ट्रीटमेंट प्राप्त करने के योग्य था.
अगरकर ने क्या कहा था?
पिछले साल करुण नायर ने रणजी ट्रॉफी में विदर्भ की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था, जिसके दम पर विदर्भ ने खिताब अपने नाम किया. इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें टीम इंडिया में इंग्लैंड दौरे के दौरान वापसी का मौका मिला. वो खास अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिसके चलते चीफ सेलेक्टर ने उन्हें इंग्लैंड दौरे के बाद घरेलू वेस्टइंडीज सीरीज में चांस नहीं दिया. अगरकर से वेस्टइंडीज सीरीज का ऐलान करते वक्त करुण नायर को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा था कि आदर्श रूप से हम करुण नायर को अधिक मौके देना चाहते थे, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन एक्स्ट्रा मौके देने के लिए पर्याप्त नहीं था.
करुण नायर का जवाबकर्नाटक बनाम गोवा रणजी मेच के इतर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए करुण नायर ने कहा, “जाहिर है, यह काफी निराशाजनक है. पिछले दो सालों के बाद मुझे लगता है कि मैं इससे कहीं बेहतर का हकदार था. मुझे एक सीरीज से ज्यादा मौका दिया जाना चाहए था. टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने मुझसे अपनी भावनाओं के बारे में अच्छी बातचीत की है. यह बात दिमाग में घर कर जाती है. लेकिन दूसरा विचार यह होगा कि अपना काम करो यानी रन बनाओ और लोगों को अपनी राय रखने दो.”
हार नहीं मानेंगे करुण नायरपेशेवर क्रिकेट में अपने अगले लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर, करुण ने कहा कि वह राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का सपना नहीं छोड़ रहे हैं. “सच कहूं तो मेरा अगला लक्ष्य क्या हो सकता है? मैं बस देश के लिए खेलना चाहता हूं. अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो अगला काम उस टीम के लिए मैच जीतने की कोशिश करना होगा, जिसके लिए आप खेल रहे हैं.”
Sandeep Gupta
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें
First Published :
October 27, 2025, 17:18 IST
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ज्यादा मौके डिजर्व करता था… धांसू पारी खेलकर अगरकर पर फट पड़े करुण नायर



