अजमेर दरगाह 814वां उर्स 17 दिसंबर से, झंडा चढ़ाने की रस्म

Last Updated:December 17, 2025, 09:54 IST
विश्वविख्यात सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में 814वें उर्स की शुरुआत कल17 दिसंबर से होने जा रही है. परंपरा के अनुसार उर्स का आगाज़ दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ होगा. यह ऐतिहासिक रस्म भीलवाड़ा से आए गोरी परिवार द्वारा निभाई जाएगी, जो बीते 82 वर्षों से लगातार इस परंपरा को निभाता आ रहा है.
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अजमेर. विश्वविख्यात सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में 814वें उर्स का आयोजन 17 दिसंबर से होने जा रहा है. परंपरा के अनुसार उर्स की शुरुआत दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ होगी. यह ऐतिहासिक रस्म भीलवाड़ा से आए गोरी परिवार द्वारा निभाई जाएगी, जो बीते 82 वर्षों से लगातार इस परंपरा का निर्वहन कर रहा है. झंडा चढ़ने के साथ ही उर्स की अनौपचारिक शुरुआत मानी जाती है.
17 दिसंबर को अस्त्र की नमाज के बाद दरगाह परिसर से झंडे का जुलूस रवाना होगा, जो अकीदत और श्रद्धा के साथ बुलंद दरवाजे तक पहुंचेगा. बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ने के साथ ही उर्स की अनौपचारिक शुरुआत मानी जाती है, अजमेर दरगाह के अफसान चिश्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि झंडा चढ़ाने की रस्म उर्स का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन अजमेर पहुंचते हैं.
उर्स की विधिवत शुरुआत रजब का चांद दिखाई देने के बाद होगी. चांद रात यानी 21 दिसंबर की रात को दरगाह का जन्नती दरवाजा जायरीन के लिए खोल दिया जाएगा. इस दौरान देश-विदेश से आए श्रद्धालु गरीब नवाज के दीदार कर अमन, चैन और बरकत की दुआएं मांगेंगे. जन्नती दरवाजे की जियारत को उर्स के सबसे खास अवसरों में गिना जाता है.
30 दिसंबर को उर्स बड़े कुल के साथ संपन्न होगा
अफसान चिश्ती ने आगे बताया कि उर्स के दौरान कई अहम रस्में अदा की जाएंगी, 26 दिसंबर को जुम्मा होगा, 27 दिसंबर को छठी शरीफ की रस्म अदा की जाएगी, जबकि 30 दिसंबर को उर्स का सबसे बड़ा आयोजन बड़े कुल के साथ संपन्न होगा. इन सभी रस्मों में लाखों जायरीन के शामिल होने की संभावना है.
भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, उर्स के दौरान 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा. इसके साथ ही सीबी, सीआईडी, डीएसटी, एसआईटी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार निगरानी रखेंगी. प्रशासन का उद्देश्य है कि उर्स के दौरान श्रद्धालु पूरी आस्था और शांति के साथ रस्मों में शामिल हो सकें और यह पवित्र आयोजन सकुशल संपन्न हो.
About the AuthorMonali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Location :
Ajmer,Rajasthan
First Published :
December 17, 2025, 09:54 IST
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अजमेर दरगाह में 814वें उर्स का भव्य आयोजन, झंडा चढ़ने की रस्म होगी आज



