आरोपियों के साथ ही जांच में पुलिस भी कर गई बड़ा ‘खेल’, कोर्ट ने पकड़ ली कारस्तानी

Last Updated:January 07, 2026, 11:18 IST
Churu RGHS Scam : चूरू जिले में हुए RGHS घोटाले में बड़ा मोड़ आ गया है. सीजेएम कोर्ट ने इस केस में पुलिस की जांच को दूषित माना है. कोर्ट ने इस मामले में आयुर्वेदिक डॉक्टर्स और लाभार्थियों सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है. इसके साथ ही कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए राजस्थान पुलिस के डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं.
RGHS में यह घोटाला करीब 77.34 लाख रुपये का है.
चूरू. राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी राजस्थान सरकार हेल्थ स्कीम (RGHS) में चूरू में हुए लाखों रुपये के घोटाले में नया मोड़ आ गया है. चूरू सीजेएम कोर्ट ने कोतवाली थाना पुलिस की ओर से पेश की गई इस केस की जांच रिपोर्ट पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे संदिग्ध और दूषित माना है. कोर्ट ने इस केस में आयुर्वेदिक डॉक्टर्स, मेडिकल स्टोर संचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर और आरजीएचएस लाभार्थियों सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ प्रसंज्ञान लेते हुए उन्हें गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है. कोतवाली पुलिस के जांच अधिकारी ने इस मामले में महज एक कम्प्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया था.
एपीपी गोवर्धन सिंह ने बताया कि अगस्त 2025 में तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना में इस घोटाले का केस दर्ज किया गया था. सीएमएचओ की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया था कि सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की परामर्श पर्चियां अस्पताल में नहीं बल्कि बाहर स्थित मेडिकल स्टोर पर इस्तेमाल की गई हैं. आरजीएचएस कार्डधारकों से ओटीपी लेकर बाहर फर्जी पर्चियां तैयार कर योजना से लाखों रुपये का भुगतान उठाया गया है.
77.34 लाख रुपये का किया गया घपलाबाद में पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई मरीजों के नाम ओपीडी रजिस्टर में दर्ज ही नहीं थे. वहीं अवकाश पर रहने वाले डॉक्टर्स के नाम और सील का भी दुरुपयोग किया गया. रिकॉर्ड के अनुसार शिवम आयुर्वेदिक ड्रग्स की ओर से आरजीएचएस योजना में करीब 77.34 लाख रुपये की बिक्री दर्शाई गई. उसमें से 47.84 लाख रुपये केवल डॉ. पवन जांगिड़ की पर्चियों से जुड़े पाए गए.
केवल कम्प्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गयाडॉ. कविता धनकड़ की पर्चियों से भी लाखों की बिक्री सामने आई. एक ही लाभार्थी की ओर से 53 बार विजिट कर 2.26 लाख रुपये की दवाएं लेने का तथ्य भी उजागर हुआ. इससे लाभार्थियों की मिलीभगत की आशंका प्रबल हुई. पुलिस ने जांच के दौरान केवल कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र स्वामी को दोषी माना गया जबकि अन्य को गवाह बना दिया था.
अब 30 जनवरी को होगी अगली सुनवाईइस पर सीजेएम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पूरा प्रकरण धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों, राजकोष की राशि के गबन और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा है. कोर्ट ने अनुसंधान अधिकारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए डीजीपी को उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं. कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं में प्रसंज्ञान लेते हुए शेष आरोपियों को गिरफ्तारी वारंट से तलब करने के आदेश दिए हैं. मामला अब फौजदारी के रूप में दर्ज कर आगामी सुनवाई 30 जनवरी 2026 को तय की गई है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
Location :
Churu,Churu,Rajasthan
First Published :
January 07, 2026, 11:18 IST
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चूरू आरजीएचएस घोटाला : आरोपियों के साथ ही जांच में पुलिस भी कर गई बड़ा ‘खेल’



