प्यार की अजब गजब कहानियां, स्कूल से खेल के मैदान तक, कुछ खट्टी मिट्ठी तो कुछ चटपटी

Last Updated:January 02, 2026, 18:02 IST
Interesting Love Stories : प्यार दीवाना होता है यह किसी छिपा नहीं है. यह कब, कहां और किससे हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता. प्यार उम्र, रिश्ता और जात पांत के बंधन से परे होता है. कई बार प्यार पहली ही नजर में हो जाता है तो कई बार साथ-साथ काम करने के दौरान या एक दूसरे के नजदीक रहने के कारण भी परवान चढ़ जाता है. हर प्रेम कहानी सफल हो यह कोई जरुरी नहीं है. लेकिन अपने प्यार को पाने के लिए प्रेमी जोड़े पुरजोर संघर्ष करते हैं. इस संघर्ष में कई प्रेमी जोड़े अपनी जान तक कुर्बान कर देते हैं वहीं कई ऐसे भी होते हैं जो हौंसले की बदौलत अपनों और परायों से जा टकराते हैं. आज हम आपको ऐसे प्रेमी जोड़ों की कहानियां बताने जा रहे हैं जिन्होंने प्यार की खातिर अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया. हैरानी की बात यह है कि इनमें प्रेमिकाएं प्रेमियों से ज्यादा भारी पड़ी. यानी इन प्रेमिकाओं ने प्रेमियों के मुकाबले ज्यादा हिम्मत दिखाई. 
चूरू जिला मुख्यालय पर स्थित भरतीया अस्पताल में कार्यरत नरसिंहपुरा चलकोई की ट्रेनी नर्स मितेश कुमारी मेघवाल का अपने मरीज पर दिल आ गया. वह मरीज चूरू के मोचीवाड़ा निवासी विजय सिंगोदिया (26) की सेवा करते-करते कब उसे चाहने लगी इसका उसका पता ही नहीं चला. समय के साथ-साथ मरीज भी नर्स का मुरीद हो गया और उससे प्यार करने लग गया. बाद में इस प्रेमी जोड़े ने शादी करने की ठान ली लेकिन वे जमाने की बुरी नजर बच नहीं पाए. दोनों अलग-अलग जाति के होने कारण उनके परिजनों को इस रिश्ता भाया नहीं लेकिन उन्होंने अंतरजातीय विवाह कर सबको चौंका दिया. दोनों ने घर से भागकर गाजियाबाद जाकर शादी की. हालांकि इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगी लेकिन फिर भी वे डटे रहे.

चूरू की ही 20 साल की अनुराधा सुथार ने भी अपने प्यार की जंग जीतने के लिए दर-दर की ठोकरें खाई. वह संदीप आचार्य (27) नाम के शख्स से प्यार करती थी. अपने प्यार की मंजिल को पाने के लिए उसने भी लव मैरिज भी कर ली. चूंकि अनुराधा के प्यार को भी जमाने की नजर लग गई थी लिहाजा उसने भी अपने प्यार और शादी को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की. अनुराधा और संदीप की मुलाकात एक मेले में हुई थी. उसके बाद दोनों एक दूसरे को चाहने लग गए. लेकिन अलग-अलग जाति के होने के कारण शादी में कई अड़ंगे लग गए. फिर भी उन्होंने अपने प्यार को मुक्कमल करने के लिए शादी रचा ली. बाद में अपनी इस शादी को बचाने के लिए अनुराधा प्रेमी से पति बने संदीप को लेकर चूरू पुलिस अधीक्षक की चौखट पर पहुंची.

चूरू में ही कुछ समय पहले रिश्तों में उलझी एक अजब गजब प्रेम कहानी सामने आई थी. यह कहानी जीजा साली और देवर के बीच उलझी हुई थी. इस कहानी की मुख्य पात्र संतोष की शादी महज 11 साल की उम्र में उससे दोगुने बड़े विधुर जीजा से कर दी गई थी. लेकिन जीजा से पति बना वह शख्स उसके साथ मारपीट करता था. लिहाजा वह सुकून की तलाश में थी. कुछ समय बाद संतोष और उसके देवर सोनू धानक में हंसी मजाक का रिश्ता प्रेमी प्रेमिका का हो गया. इसका पता जब उसके पति को चला तो वह आग बबूला. वहीं सास भी अलर्ट मोड पर आ गई. दोनों मिलकर संतोष को पाबंदियों की बेड़ियों में जकड़ दिया. लेकिन संतोष उन बेड़ियों को तोड़कर देवर के साथ लिव इन रिलेशन में आ गई और फिर सुरक्षा की गुहार लेकर एसपी की चौखट पर जा पहुंची.
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कुछ ऐसा ही किस्सा चूरू के ढाढरिया चारणान गांव की अंजू का है. वह खेल के मैदान में दौड़ते-दौड़ते वहां आर्मी की तैयारी कर रहे बांके जवान भूपेन्द्र को दिल दे बैठी और फिर उसी की हो गई. लेकिन इस बांके जवान को अपना बनाने के लिए अंजू को कई पापड़ बेलने पड़े. अंजू की प्रेम कहानी उस समय शुरू हुई जब वह सैकेंड ईयर की स्टूडेंट थी. उस समय उसकी मुलाकात भूपेन्द्र से हुई. दोनों के खेल मैदान में नैना लड़े और वे एक दूसरे के प्यार में डूब गए. अंजू के परिवार वाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे. चार साल के प्रेम प्रसंग के बाद अंजू ने परिवार से बगावत कर भूपेन्द्र का हाथ थाम लिया. लेकिन इससे दोनों की जिंदगी पर खतरा बढ़ गया था. इसलिए उन्होंने भी सुरक्षा पाने के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया.

प्यार की ये दास्तानें घर से लेकर स्कूल, खेल के मैदान और कॉलेज कैम्पस ही नहीं कई जगह बिखरी पड़ी है. इसी चूरू जिले में 21 साल की प्रमोद कुमारी का दिल अपने क्लासमेट गिरधारीलाल भाम्बू पर आ गया. 11वीं कक्षा में ही दोनों ने एक दूसरे को दिल दे दिया. फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. प्यार की राह में कई मोड़ आए लेकिन दोनों ने एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. इस प्रेम कहानी में भी प्रमोद कुमारी ने ही लीड किया. दोनों ने एनसीसी के कैम्प भी साथ-साथ किए. प्रमोद के परिवार को जब दोनों के संबंधों का पता चला तो उसके लिए स्वजातीय लड़के की तलाश शुरू कर दी गई. लेकिन प्रमोद को यह मंजूर नहीं था. उसे तो बस गिरधारीलाल ही चाहिए था. घरवालों ने प्रमोद का रिश्ता भी तय कर दिया लेकिन वह उसे भाया नहीं और उसने घर छोड़कर गिरधारी लाल का हाथ थाम लिया.

चूरू जिले में प्यार की यह बयार लगातार बहती रही है. इस कड़ी में एक लव स्टोरी ऐसी भी सामने आई कि उसने पूरे इलाके में हंगामा मचा दिया. इस लव स्टोरी की नायिका 11 भाइयों की बहन थी. पेशे से टीचर 11 भाइयों की बहन अनिता सिहाग का ब्याह उसके परिवार वाले आटा-साटा प्रथा के तहत करने वाले थे. लेकिन अनिता को यह मंजूर नहीं था. क्योंकि उसके दिल में पहले से ही 25 साल का बांका जवान राहुल डांगी बसा हुआ था. अनिता की उससे मुलाकात ताऊ के लड़के भाई की शादी में हुई थी. तभी से दोनों के बीच गूंटर-गूं चल रही थी. परिवार वाले कुछ कर पाते उससे पहले अनिता घर से फुर्र हो गई और अपने प्रेमी के संग शादी रचा ली. लेकिन जब उसे लगा कि भाई लोग उसे छोड़ेंगे नहीं तो वह भी जान माल और अपने प्रेमी की सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस के सामने हाजिर हो गई.

रिश्तों के फेर में फंसी इसी तरह की एक और प्रेम कहानी साल 2023 में चूरू में सामने आई थी. इस केस में चूरू के सुजानगढ़ की लड़की निशा को अपनी दीदी के देवर नवरत्न से प्यार हो गया. मेल मुलाकात के छह महीने बाद दीदी के देवर ने निशा को प्रपोज कर दिया. इससे निशा की मन की मुराद पूरी हो गई लेकिन परिवार आड़े आ गया. चूंकि प्यार दहलीज पर खड़ा होकर पुकार रहा था तो निशा ने भी किसी की परवाह नहीं की और घर की चौखट लांघ दी. उसने परिवार के विरोध के बावजूद नवरत्न से मंदिर में जाकर शादी कर डाली. फिर दोनों की जिंदगी में शुरू हो गई संघर्ष की नई कहानी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी घर छोड़कर जोधपुर चले गए. इस बीच निशा के परिवार वालों ने नवरत्न पर केस ठोक दिया. इस पर वे भी जान बचाने के लिए पुलिस की शरण में पहुंचे.
First Published :
January 02, 2026, 17:56 IST
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