अमेरिका की मांग ने उड़ाए ग्वार के भाव, 15 दिन में 1700 रुपये उछाल से किसान खुश

Last Updated:December 28, 2025, 17:12 IST
Sikar News : अमेरिका में ग्वार और ग्वार गम की बढ़ी मांग ने भारतीय बाजार में हलचल मचा दी है. महज 15 दिनों में ग्वार के भाव 1700 रुपये प्रति क्विंटल उछलकर 6000 रुपये तक पहुंच गए हैं. तेजी से बढ़ते दामों ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं मंडियों में आवक लगभग थम गई है.
सीकर. ग्वार की खेती करने वाले किसानों के लिए अभी चेहरे खिले हुए हैं. अमेरिका में ग्वार और ग्वार गम की मांग अचानक बढ़ने से इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने के कारण घरेलू बाजार में ग्वार के भाव तेजी से चढ़े हैं. इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जगी है और ग्रामीण इलाकों में इसकी खेती को लेकर फिर से रुझान बढ़ा है.

बीते करीब एक पखवाड़े के भीतर ग्वार के थोक दामों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है. पहले जहां मंडियों में ग्वार 4200 से 4300 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, वहीं अब इसके भाव बढ़कर सीधे 6000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं. यानी महज 15 दिनों में लगभग 1700 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा.

भावों में आई इस तेजी का असर मंडियों में आवक पर भी साफ दिखाई दे रहा है. सीकर मंडी सहित आसपास की प्रमुख मंडियों में पिछले एक पखवाड़े से ग्वार की आवक लगभग बंद हो चुकी है. किसान लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए फिलहाल अपनी उपज बाजार में लाने से बच रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ग्वार के भाव और ऊपर जा सकते हैं.
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मंडी में आवक कम होने के चलते अब कारोबारी और स्टॉकिस्ट नए तरीके अपनाने लगे हैं. थोक व्यापारियों ने मंडी से खरीद की बजाय सीधे गांवों का रुख करना शुरू कर दिया है. वे किसानों के घर या खेत तक पहुंचकर ग्वार की खरीद कर रहे हैं. इससे किसानों को भी सुविधा मिल रही है. अच्छे भाव की उम्मीद में जिन किसानों ने ग्वार का स्टॉक करके रखा था उन्हें इन भावों के बढ़ने से काफी अधिक फायदा हो रहा है.

व्यापारियों का कहना है कि जिनके पास पहले से ग्वार का स्टॉक मौजूद है, उन्होंने भी फिलहाल बिक्री रोक दी है. सीकर मंडी के व्यापारी सुभाष बुबना के अनुसार एनसीडेक्स पर ग्वार के थोक बाजार खुलने के बाद वहीं के भावों के आधार पर स्थानीय मंडियों में दाम तय किए जा रहे हैं. एनसीडेक्स में मजबूती आने से मंडी के भावों को भी सहारा मिला है.

थोक कारोबारी संपत खेतान के अनुसार ग्वार के दामों में आई इस तेजी के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं. पहला, इस बार अधिक बारिश के कारण ग्वार की पैदावार करीब 20 प्रतिशत तक कम रही है. दूसरा, अमेरिका में ग्वार की मांग तेजी से बढ़ी है. तीसरा, भावों में उछाल देखकर किसानों ने पिछले एक पखवाड़े से ग्वार की बिक्री लगभग बंद कर दी है.

आपको बता दें कि इससे पहले वर्ष 2012 में भी ग्वार के दामों में ऐतिहासिक उछाल आया था, जब इसके भाव 32 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे. उस समय भी अमेरिका में भारी मांग इसका मुख्य कारण थी. कृषि विभाग के अनुसार जिले में हर साल लगभग 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्वार की खेती होती है, जिससे औसतन 10 लाख क्विंटल उत्पादन होता है.
First Published :
December 28, 2025, 17:12 IST
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अमेरिका की मांग ने उड़ाए ग्वार के भाव, 15 दिन में 1700 रुपये उछाल से किसान खुश



