राजस्थान कांग्रेस की नई चाल! एससी-ओबीसी वर्ग को साधने की बड़ी रणनीति, अंदर क्या चल रहा है?

Last Updated:December 01, 2025, 22:57 IST
Rajasthan Congress : राजस्थान कांग्रेस ने एससी और ओबीसी विभाग में मनीष यादव, मुकेश भाकर, डूंगराराम गैदर सहित कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दीं, संगठन को 2028 चुनाव के लिए मजबूत किया जा रहा है.
जयपुर. राजस्थान में कांग्रेस संगठन ने एक बड़े पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी करते हुए एससी विभाग में अहम नियुक्तियों का एलान कर दिया है. पार्टी ने सात संभाग प्रभारियों की नियुक्ति, 50 जिलाध्यक्षों की घोषणा और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया है. संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के इस कदम को 2028 विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है. नए नियुक्त पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और सामाजिक वर्गों के साथ जुड़ाव बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है.
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिसके बाद अब विभागीय स्तर पर यह बड़ा बदलाव किया गया है. पार्टी का कहना है कि नए चेहरे, युवा नेतृत्व और सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी गई है. इसी कड़ी में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने ओबीसी विभाग की नई कार्यकारिणी का गठन भी कर दिया है. इसमें उपाध्यक्ष, नेशनल कोऑर्डिनेटर और ज्वॉइंट कोऑर्डिनेटर की नियुक्तियां शामिल हैं. राष्ट्रीय स्तर पर की गई इन नियुक्तियों में राजस्थान के कई नेताओं को भी जगह मिली है, जो राज्य के राजनीतिक महत्व और प्रतिनिधित्व को दर्शाता है.
राजस्थान के नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारियां
कई नए और पुराने चेहरों को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है. इनमें मनीष यादव, मुकेश भाकर और डूंगराराम गैदर के नाम प्रमुख हैं, जिन्हें संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से प्रदेश में सामाजिक संतुलन मजबूत होगा और दलित तथा ओबीसी वर्गों के बीच कांग्रेस अपना जनाधार और व्यापक करना चाहती है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठनात्मक फेरबदल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना, कमजोर जिलों पर ध्यान देना और 2024 के बाद पार्टी ढांचे को मजबूत करना है.
प्रदेश कार्यकारिणी के गठन से तेज होगा संगठन का कामएससी विभाग की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद अब विभागीय बैठकों, समीक्षा और सदस्यता अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. जिला स्तर पर नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों को जल्द ही संगठनात्मक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. संभाग प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में समन्वय, मॉनिटरिंग और जिला इकाइयों के पुनर्गठन की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह बड़ा फेरबदल संगठन को नई ऊर्जा देगा और आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करने में पार्टी को मजबूती मिलेगी. पार्टी अगले कुछ महीनों में प्रदेश स्तरीय बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी तैयारी कर रही है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 01, 2025, 22:57 IST
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राजस्थान कांग्रेस की नई चाल! एससी-ओबीसी को साधने की रणनीति, अंदर क्या चल रहा?



