Rabies is now a notifiable disease in Delhi: दिल्ली में रेबीज अब नोटिफ़ाएबल डिजीज, रिपोर्टिंग अनिवार्य

Last Updated:January 04, 2026, 18:45 IST
Rabies Notifiable Disease: राजधानी में कुत्तों से होने वाले रेबीज से इंसानों की मौत के आंकड़े को शून्य करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने अहम कदम उठाया. महामारी रोग अधिनियम के तहत दिल्ली सरकार ने इंसानों में होने वाले रेबीज को नोटिफाएबल डिजीज घोषित करने का निर्णय लिया है. 
Rabies Notifiable Disease: दिल्ली सरकार राजधानी में पब्लिक हेल्थ को और मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने इंसानों में होने वाले रेबीज को महामारी रोग अधिनियम के तहत नोटिफ़ाएबल डिज़ीज घोषित करने की अधिसूचना जारी करेगी. इसका उद्देश्य रेबीज की प्रभावी निगरानी, समय पर रिपोर्टिंग और तेज पब्लिक हेल्थ एक्शन सुनिश्चित करना है.
नोटिफिकेशन लागू होने के बाद सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और व्यक्तिगत रूप से प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को रेबीज के संदिग्ध, संभावित और कन्फर्म मामलों की जानकारी तुरंत संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को देनी अनिवार्य होगी.
रेबीज एक गंभीर बीमारी है, जिसमें लक्षण आने के बाद मृत्यु की आशंका बहुत अधिक होती है, लेकिन समय पर सही इलाज से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है. ऐसे में शुरुआती रिपोर्टिंग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
दिल्ली सरकार ने इलाज की सुविधाओं को भी मजबूत किया है. फिलहाल दिल्ली के 11 जिलों में स्थित 59 स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) उपलब्ध है. इसके अलावा एंटी-रेबीज सीरम/रेबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन (RIG) राजधानी के 33 चिन्हित अस्पतालों और हेल्थ फैसिलिटीज में उपलब्ध कराया गया है.
रेबीज को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर स्टेट एक्शन प्लान फॉर रेबीज एलिमिनेशन (SAPRE) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है. इसका लक्ष्य कुत्तों से फैलने वाले रेबीज के कारण इंसानों की मौत के आंकड़े को शून्य तक लाना है. इसके तहत इंसानों के साथ-साथ कुत्तों और अन्य जानवरों के लिए भी रेबीज वैक्सीनेशन को और मज़बूत किया जा रहा है.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेबीज एक पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है और इससे होने वाली कोई भी मौत स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने बताया कि यह नोटिफिकेशन जारी होते ही प्रभावी होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा. जल्द ही सभी संबंधित विभागों और स्वास्थ्य संस्थानों को रिपोर्टिंग और कोऑर्डिनेशन से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस भी साझा की जाएंगी.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
First Published :
January 04, 2026, 18:45 IST
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नोटिफाएबल बीमारी की लिस्ट में शामिल रेबीज, दिल्ली सरकार का सख्त कदम



