Tech

ऐपल फैंस को लग सकता है झटका, iPhone 18 सीरीज में बड़ा बदलाव, लेकिन जेब पर पड़ेगा भारी, जानिए क्या होने वाला है

ऐपल अपने आने वाले iPhone मॉडल्स के लिए एक नई और ज्यादा ताकतवर चिप पर काम कर रहा है, लेकिन इसका असर यूज़र्स की जेब पर पड़ सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2026 में लॉन्च होने वाली iPhone 18 सीरीज़ पहले से महंगी हो सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह है नई 2nm (नैनोमीटर) टेक्नोलॉजी पर बनने वाली ऐपल की अगली मोबाइल चिप, जिसकी लागत काफी ज्यादा बताई जा रही है.

जानकारी के अनुसार, ऐपल सितंबर 2026 में चार नए iPhone मॉडल लॉन्च कर सकता है. इनमें iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max, iPhone Air का नया वर्जन और iPhone Fold 2 शामिल हो सकते हैं. इन सभी फोन में ऐपल की नई A20 या A20 Pro चिप देखने को मिल सकती है, जिसे TSMC (ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी) की 2nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जाएगा.

चिप की कीमत में बड़ा अंतरदिक्कत ये है कि 2nm टेक्नोलॉजी से चिप बनाना बेहद महंगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, TSMC ने 2nm सिलिकॉन वेफर की कीमत बढ़ा दी है. एक 12-इंच का 2nm वेफर, जिस पर करीब 100 लेयर्स होती हैं, उसकी कीमत लगभग 30,000 डॉलर (करीब 27 लाख रुपये) बताई जा रही है. वहीं, इससे पहले इस्तेमाल होने वाले 3nm वेफर की कीमत करीब 20,000 डॉलर (लगभग 18 लाख रुपये) थी.

इस बढ़ी हुई लागत का सीधा असर ऐपल की चिप की कीमत पर पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि ऐपल को एक A20 या A20 Pro चिप के लिए करीब 280 डॉलर (लगभग 25,000 रुपये) चुकाने पड़ सकते हैं. ये मौजूदा A19 Pro चिप की कीमत से लगभग 87 फीसदी ज्यादा है. अगर पुराने A18 Pro से तुलना करें, तो यह लागत कई गुना बढ़ जाती है.

अब ऐपल के सामने दो ही रास्ते हैं. पहला, वह इस बढ़ी हुई लागत को खुद सहन करे और अपना मुनाफा कम कर ले. दूसरा, वह इस अडिशनल खर्च का बोझ ग्राहकों पर डाले और iPhone 18 सीरीज़ की कीमत बढ़ा दे. ज्यादातर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐपल दूसरा रास्ता चुन सकता है.

दिलचस्प बात यह है कि सैमसंग की 2nm टेक्नोलॉजी की लागत TSMC के मुकाबले कम बताई जा रही है. सैमसंग कथित तौर पर 12-इंच 2nm वेफर के लिए करीब 20,000 डॉलर लेता है. हालांकि, TSMC की चिप्स की क्वालिटी और उत्पादन क्षमता थोड़ी बेहतर मानी जाती है.

कुल मिलाकर, अगर ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो आने वाले iPhone पहले से ज्यादा पावरफुल तो होंगे, लेकिन उन्हें खरीदने के लिए यूज़र्स को ज्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ सकते हैं.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj