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करौली के 5 चमत्कारी हनुमान मंदिर

Last Updated:January 05, 2026, 14:48 IST

5 Most Miraculous Hanuman Temples in Karauli Rajasthan: करौली के मेहंदीपुर बालाजी, अंजनी माता, पंचमुखी हनुमान जैसे 5 मंदिर अपनी चमत्कारिक शक्तियों और रहस्यमयी प्रतिमाओं के लिए मशहूर हैं. मान्यता है कि यहाँ दर्शन करने से सभी मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है.
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करौली स्थित नौलखा बाग हनुमान मंदिर आस्था और प्राचीनता का एक अद्भुत संगम है. संकट मोचन हनुमान का यह मंदिर पूरे क्षेत्र में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है और भक्तों के लिए गहरी श्रद्धा का केंद्र है. एक विशाल और सुंदर बाग के बीच स्थित इस मंदिर में हनुमान जी की अत्यंत प्राचीन और भव्य प्रतिमा स्थापित है. इस मंदिर के नामकरण के पीछे एक बेहद रोचक इतिहास छिपा है. माना जाता है कि यह मंदिर करीब 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है. जनश्रुति के अनुसार, जिस विशाल बगीचे में यह मंदिर बना है, वहाँ किसी समय नौ लाख पेड़ हुआ करते थे. इसी विशेषता के कारण इसे ‘नौलखा बाग हनुमान मंदिर’ के नाम से पहचान मिली. यहाँ की धार्मिक मान्यताओं को लेकर भक्तों में अटूट विश्वास है. श्रद्धालुओं का मानना है कि जो भी भक्त यहाँ लगातार सात शनिवार तक दर्शन (जात) करने आता है, पवनपुत्र हनुमान उसकी सभी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण करते हैं.

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करौली का बैठे हनुमान मंदिर यहाँ के सबसे प्राचीन और चमत्कारी मंदिरों में से एक माना जाता है. भद्रावती नदी के तट पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहाँ हनुमान जी की बैठे हुए मुद्रा में एक विशाल और अद्वितीय प्रतिमा विराजमान है, जिसे स्वयंभू माना जाता है. इस प्रतिमा के इतिहास को लेकर स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि यह दिव्य प्रतिमा करौली के राजमहलों के अखाड़े से प्रकट हुई थी. मंदिर की महिमा के कारण यहाँ प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. विशेष रूप से शारदीय नवरात्रि के दौरान यहाँ का वातावरण और भी भक्तिमय हो जाता है, जब मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ का भव्य आयोजन किया जाता है. भक्तों का अटूट विश्वास है कि भद्रावती नदी के किनारे स्थित इस दरबार में हाजिरी लगाने और बैठे हुए हनुमान जी के दर्शन करने से जीवन के सभी कष्ट और संकट दूर हो जाते हैं.

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करौली शहर के हृदय स्थल अनाज मंडी क्षेत्र में स्थित मंडी वाले दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर अपनी ऐतिहासिकता और धार्मिक महत्व के लिए विशेष रूप से जाना जाता है. बताया जाता है कि यह मंदिर 16वीं शताब्दी का है और इसे शहर का प्रथम दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर होने का गौरव प्राप्त है. इस मंदिर की सबसे विशिष्ट और दुर्लभ बात यह है कि यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा के चरणों में उनके पुत्र मकरध्वज के भी दर्शन होते हैं, जो देशभर में बहुत कम मंदिरों में देखने को मिलता है. श्रद्धालुओं के बीच यह अटूट विश्वास है कि मंगलवार और शनिवार को यहाँ मत्था टेकने से सभी बड़े संकट टल जाते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है.

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करौली की गोमती कॉलोनी स्थित गोमती धाम आश्रम में विराजमान पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा को अत्यंत चमत्कारी माना जाता है. यहाँ आने वाले भक्तों को पवनपुत्र के पंचमुख स्वरूप के साथ-साथ भव्य राम दरबार के भी दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है. इस दिव्य प्रतिमा की स्थापना करौली के परम तपस्वी संत गोमती दास महाराज द्वारा की गई थी. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि इस पवित्र आश्रम में जो भी भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है.

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करौली में टंटा हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक और प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर अपने शांत और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विशेष रूप से जाना जाता है, जहाँ सदैव रामायण की चौपाइयों की मधुर गूंज वातावरण को भक्तिमय बनाए रखती है. यहाँ विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा को अत्यंत चमत्कारी माना जाता है. मंदिर की एक खास परंपरा यह है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शहर की विभिन्न युवा मंडलियाँ यहाँ एकत्रित होती हैं और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करती हैं. युवाओं की इस भागीदारी और निरंतर होने वाले धार्मिक आयोजनों के कारण यह मंदिर करौली की जीवंत आध्यात्मिक संस्कृति का प्रतीक बन गया है.

First Published :

January 05, 2026, 14:48 IST

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