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iPhone और iPad यूज़र्स के लिए ऐपल ने जारी की सिक्योरिटी अपडेट चेतावनी.

ऐपल ने दुनियाभर के iPhone और iPad यूज़र्स को तुरंत अपने डिवाइस अपडेट करने की चेतावनी जारी की है. कंपनी का कहना है कि उसके सिस्टम में एक गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई है, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स यूज़र्स को निशाना बना सकते हैं.

ऐपल के मुताबिक, यह खामी WebKit में पाई गई है, जो Safari और iOS पर चलने वाले सभी ब्राउज़र्स का आधार है. कंपनी ने बताया कि इन कमियों का इस्तेमाल एक ‘बेहद एडवांस और टारगेटेड साइबर अटैक’ में किया जा रहा है, जिसमें खास लोगों को निशाना बनाया गया.

इस खतरे की सबसे बड़ी वजह मैलिशियस वेबसाइट्स हैं. अगर कोई यूज़र गलती से ऐसी वेबसाइट खोल लेता है, तो उसका iPhone या iPad बिना इजाज़त नुकसानदेह कोड चला सकता है. इससे हैकर्स डिवाइस पर कंट्रोल भी हासिल कर सकते हैं.

ऐपल ने बताया कि जिन यूज़र्स के फोन में Automatic Updates चालू हैं, उनके डिवाइस पहले ही सुरक्षित हो चुके होंगे. लेकिन जिन लोगों ने यह सेटिंग बंद कर रखी है, उन्हें तुरंत जाकर iOS 26.2 या iPadOS 26.2 मैन्युअली डाउनलोड करना चाहिए.

कौन-से डिवाइस सबसे ज्यादा खतरे में?इस सिक्योरिटी खतरे से खासतौर पर ये डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं:

iPhone 11 और इसके बाद लॉन्च हुए सभी मॉडल
iPad Pro 12.9-इंच (तीसरी जनरेशन और बाद के मॉडल)
iPad Pro 11-इंच (पहली जनरेशन और बाद के मॉडल)
iPad Air (तीसरी जनरेशन और बाद के मॉडल)
iPad (आठवीं जनरेशन और बाद के मॉडल)
iPad mini (पांचवीं जनरेशन और बाद के मॉडल)

ऐपल ने बताया कि ये खामियां Zero-Day Vulnerabilities हैं, यानी इनके बारे में पहले जानकारी नहीं थी और हैकर्स इन्हें पैच आने से पहले ही इस्तेमाल कर सकते थे.

ऐपल और गूगल की थ्रेट अनेलिसिस टीम ने मिलकर इन खामियों का पता लगाया. कंपनी ने iOS और iPadOS के अलावा macOS, watchOS, tvOS, visionOS और Safari के लिए भी नए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए हैं.

खुद को कैसे रखें सेफ?

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Kurt Knutsson के मुताबिक:

अपने सभी ऐपल डिवाइस में Automatic Updates ऑन रखें.
अनजान SMS, WhatsApp, Telegram या ईमेल लिंक पर क्लिक न करें.
किसी वेबसाइट पर जाना हो तो लिंक पर टैप करने के बजाय एड्रेस खुद टाइप करें.
भरोसेमंद Antivirus या Security Software का इस्तेमाल करें.
सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल जानकारी सीमित रखें.

ऐपल का साफ कहना है कि यूज़र्स की सुरक्षा के लिए वह तब तक सुरक्षा खामियों पर चर्चा नहीं करता, जब तक उनका समाधान जारी न कर दिया जाए. ऐसे में अपडेट करना ही सबसे सुरक्षित कदम है.

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