थल सेना दिवस 2026: भैरव बटालियन, तोप, टैंक—जयपुर में दिखेगी सेना की ताक़त

78वां थल सेना दिवस की परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित की जायेगी. इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन और भव्य स्वरूप के लिए राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण सहयोग तथा सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह के मार्गदर्शन और नेतृत्व की विशेष भूमिका रही है. यह पहली बार होगा जब सेना दिवस परेड सेना छावनी से बाहर, पूर्णतः सार्वजनिक मंच पर, गणतंत्र दिवस परेड की तर्ज़ पर आयोजित किया जाएगा.
अब तक सेना दिवस परेड परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित होती रही है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विचार—देश के प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों को दिल्ली से बाहर ले जाकर अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने—के तहत 2021 से 2024 के बीच यह परेड बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे में आयोजित की गई. हालांकि इन शहरों में भी परेड सेना छावनी के भीतर ही हुई, जिससे आम नागरिकों की सहभागिता सीमित रही. सेना दिवस 2026 इस दृष्टि से ऐतिहासिक होगा, क्योंकि यह पहली बार पूर्ण सार्वजनिक दृष्टि में आयोजित किया जा रहा है.
सेना दिवस परेड से पहले भव्य आयोजनसेना दिवस परेड से पहले जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में कई जन-संपर्क और सेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. 03 दिसंबर 2025: रक्तदान शिविर से कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. 05 व 06 जनवरी 2026: मिलिट्री हॉस्पिटल, जयपुर में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के लिए मेगा मेडिकल कैंप लगाए गए. 08 से 12 जनवरी 2026 के बीच भवानी निकेतन परिसर में “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी और सिंफनी बैंड का डिस्प्ले किया जाएगा. लगभग 5 लाख लोगों के शामिल होने की आशंका है. वहीं 10 और 15 जनवरी 2026 के बीच एसएमएस स्टेडियमशौर्य संध्या कार्यक्रम का आयजन होगा, जिसमे 50 हजार से अधिक लोगों के आने का अनुमान है. इस कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर का मंचन और मेगा ड्रोन शो विशेष आकर्षण होंगे. मुख्य सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को महाल रोड, जयपुर पर आयोजित की जाएगी. इसके लिए 09, 11 और 13 जनवरी को रिहर्सल आयोजित होंगी.
चार दिनों में कुल मिलाकर 4 लाख से अधिक लोग—जिनमें बच्चे, स्कूली छात्र, पूर्व सैनिक और आम नागरिक शामिल होंगे—इस परेड को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे. इसके अतिरिक्त, 12,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में डिजिटल स्क्रीनिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिसे नागरिक प्रशासन के सहयोग से अंजाम दिया जाएगा.
सेना की ताकत और परंपरा का भव्य प्रदर्शनपरेड में 30 से अधिक सैन्य टुकड़ियाँ और प्रदर्शन शामिल होंगे, जिनमें— पैदल सेना की टुकड़ियाँ, भैरव बटालियन, एनसीसी गर्ल्स कंटिजेंट, अश्वारोही दस्ते, आधुनिक हथियार और उपकरण, तोपें, टैंक, एलआरवी, एडवांस्ड आईसीवी, ड्रोन, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAMs), सैन्य कुत्ते (Canine Warriors), इसके अलावा: आर्मी एविएशन हेलीकॉप्टरों और भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों का फ्लाई-पास्ट दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होगा. साथ ही पैरामोटर शो, मोटरसाइकिल स्टंट, भारतीय और नेपाली सेना के सैन्य बैंड, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक युद्ध कलाएँ और लोकनृत्य भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे.
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और राष्ट्रीय संदेशइस भव्य परेड को 40 से अधिक देशों के राजदूत भी देखेंगे, जिससे भारत की सैन्य शक्ति और पेशेवर क्षमता का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली संदेश जाएगा. ‘विकसित भारत–2047’ की ओर एक सशक्त कदम – इतने विशाल स्तर पर सेना दिवस परेड का आयोजन नागरिक प्रशासन के सहयोग के बिना संभव नहीं था. यह आयोजन न केवल जयपुर या राजस्थान के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. सेना दिवस परेड 2026 – राष्ट्रीय भावना को सुदृढ़ करेगा, नागरिकों में भारतीय सेना के प्रति विश्वास और गर्व बढ़ाएगा, और विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त प्रेरणा बनेगा.



