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सरिस्का में प्रवासी पक्षियों का आगमन

Last Updated:January 08, 2026, 08:37 IST

Alwar Sariska Tiger Reserve News: अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व में सर्दियों के मौसम में साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुँचे हैं. रुड्डी शेलडक, बार-हेडेड गूज और नॉर्दर्न पिंटेल जैसी 57 से अधिक प्रवासी प्रजातियां यहाँ के जलस्रोतों पर देखी जा रही हैं. सीसीएफ संग्राम सिंह के अनुसार, सरिस्का में अब तक 272 पक्षी प्रजातियां दर्ज हैं. फरवरी तक चलने वाला यह सीजन बर्डवॉचिंग के शौकीनों और पर्यटकों के लिए एक अद्भुत अनुभव साबित हो रहा है.

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सरिस्का टाइगर रिजर्व में उमड़े विदेशी पक्षी: साइबेरिया और मंगोलिया से आए... सरिस्का में प्रवासी पक्षियों का आगमन

Alwar Sariska tiger reserve News: विदेशी मेहमानों के आगमन से गुलजार हुआ सरिस्का राजस्थान के अलवर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है. कड़ाके की ठंड की शुरुआत के साथ ही सरिस्का के आकाश और जलस्रोतों पर विदेशी प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है. मध्य एशिया, यूरोप, अफ्रीका और साइबेरिया जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से हजारों मील का सफर तय कर ये रंग-बिरंगे पक्षी सरिस्का पहुँचे हैं. इन दुर्लभ पक्षियों की चहचहाट से न केवल सरिस्का का वातावरण जीवंत हो उठा है, बल्कि यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है.

सरिस्का टाइगर रिजर्व में इस समय दुनिया के कई हिस्सों से आए पक्षी देखे जा सकते हैं. इनमें प्रमुख रूप से मंगोलिया से आने वाला रुड्डी शेलडक, दक्षिण अफ्रीका की जैकोबिन कोयल, मध्य एशिया के बार-हेडेड गूज और यूरोप के गार्गनी शामिल हैं. इसके अलावा साइबेरिया के कॉमन टील, उपोष्णकटिबंधीय यूरोप के कॉमन सैंडपाइपर और कजाकिस्तान व तिब्बत से आने वाले नॉर्दर्न पिंटेल ने यहाँ के जलाशयों को अपना घर बना लिया है. चीन और मालदीव से आने वाले लेसर व्हिसलिंग डक की मौजूदगी भी सरिस्का के जलस्रोतों पर बड़ी संख्या में दर्ज की गई है.

वन विभाग ने दी पक्षियों की विविधता की जानकारी

सरिस्का टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एवं मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) संग्राम सिंह ने बताया कि सरिस्का का पारिस्थितिकी तंत्र पक्षियों के लिए अत्यंत अनुकूल है. अब तक यहाँ कुल 272 से अधिक पक्षी प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 57 प्रजातियां पूरी तरह प्रवासी हैं. उन्होंने बताया कि सिलीसेढ़ झील, हनुमान सागर और रिजर्व के अन्य छोटे-बड़े जलस्रोत इन पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. सर्दी के मौसम में यहाँ न केवल जलीय पक्षी, बल्कि विभिन्न प्रकार के शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) जैसे क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल, बोनैलीज ईगल, शिकरा और व्हाइट-आइड बजर्ड भी आसमान में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं.

बर्डवॉचिंग के लिए सबसे उपयुक्त समय

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर के अंत से लेकर फरवरी तक का समय सरिस्का में पक्षी दर्शन (बर्डवॉचिंग) के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान प्रकृति प्रेमी इन विदेशी मेहमानों को उनके प्राकृतिक आवास में बहुत करीब से देख सकते हैं. सरिस्का अब केवल बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षी विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों और फोटोग्राफर्स के लिए भी एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभरा है. ठंड बढ़ने के साथ ही यहाँ पर्यटकों का तांता लगा हुआ है, जो बाघों की दहाड़ के बीच इन नन्हे मेहमानों की चहचहाट का आनंद ले रहे हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें

Location :

Alwar,Alwar,Rajasthan

First Published :

January 08, 2026, 08:37 IST

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