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समय रैना ने शो में 2 महीने के दिव्यांग बच्चे का उड़ाया मजाक, सुप्रीम कोर्ट ने दिए टाइट एक्शन लेने के निर्देश, जताई नाराजगी

Last Updated:May 05, 2025, 17:48 IST

Samay raina on disability: इंडियाज गॉट लेटेंट’ एक दिव्यांग बच्चे का मजाक उड़ाना समय रैना को भारी पड़ रहा है और अब उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पेश होने के आदेश दिए हैं और…और पढ़ेंसमय रैना को 2 महीने के दिव्यांग बच्चे का मजाक उड़ाना पड़ा भारी, SC पहुंचा केस

हाइलाइट्स

मुंबई पुलिस को निर्देश दिया गया कि वह सुनिश्चित करे कि हास्य कलाकार अदालत में पेक्योर एसएमए फाउंडेशन ने कॉमेडियन की विवादित प्रतिक्रिया के खिलाफ याचिका दायर कीयाचिका में दिव्यांगों पर अपमानजनक कंटेंट के विनियमन की मांग की गई

नई दिल्ली: इंडियाज गॉट लेटेंट’ में विवादित बोलचाल के जरिए रणवीर अलाहाबादिया पहले से पही कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं और अब इस शो में विवादित टिप्पणी के लिए समय रैना की भी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. शो में दिव्यांगों पर किए गए कमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त है और रैना ने वही गलती की है. अब कोर्ट ने समय रैना समेत चार अन्य को पेश होने का निर्देश दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे समय रैना समेत चार अन्य को नोटिस जारी करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अगली तारीख पर कोर्ट में मौजूद रहेंगे. कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर वे पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कॉमेडियन समय रैना के अलावा विपुल गोयल और तीन अन्य को एक याचिका के जवाब में नोटिस जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने विकलांग व्यक्तियों का मजाक उड़ाते हुए असंवेदनशील टिप्पणियां की हैं.

अगर कोर्ट में नहीं हुए पेश तो होगी कड़ी कार्रवाईजस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने मुंबई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि कॉमेडियन अगली सुनवाई की तारीख पर अदालत के समक्ष उपस्थित हों. पीठ ने चेतावनी दी कि ‘यदि वे पेश के दौरान उपस्थित होने में विफल रहते हैं, तो दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे.’ बता दें कि कोर्ट का ये आदेश मेसर्स क्योर एसएमए फाउंडेशन की दायर एक रिट याचिका को लेकर दिया गया.

बच्चे की हेल्थ का मजाक उड़ाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्तगौरतलब है कि इससे पहले 21 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना की क्लिप को रिकॉर्ड पर लिया था, जिसमें अपनी आंख खो चुके एक व्यक्ति के साथ ही दो महीने के बेबी का मजाक उड़ाया गया था, जिसे जीवित रहने के लिए 16 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत थी. मामले में क्योर एसएमए फाउंडेशन ऑफ इंडिया कोर्ट पहुंची और उसने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि किस तरह से रैना ने दिव्यांगों पर अपने शो में जोक बनाए. इस पर जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने नाराजगी जताई और कहा था कि हम इससे परेशान हैं. पीठ ने कहा, ‘इनका बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता है. एक आकस्मिक कार्रवाई से आप सब कुछ पूरी तरह से पटरी से उतार देते हैं. इस तरह की स्वतंत्रता पर हम अंकुश लगाएंगे.’

रैना के विवादित बोलमामले में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘हम आरोपों से वास्तव में परेशान हैं और इन घटनाओं को रिकॉर्ड पर रखना चाहेंगे. यदि आपके पास ट्रांसक्रिप्ट के साथ वीडियो है तो उन्हें भी साथ लाएं. संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाएं और उपाय सुझाएं, फिर हम देखेंगे.’ शो देखने वालों से एक महिला को एडरेस करते हुए रैना ने कहा था, ‘मैडम, आप मुझे बताइए… अगर आप वह मां होतीं और एक दिन आपके बैंक खाते में 16 करोड़ रुपए आ जाते. जबकि, आपका दो महीने का बच्चा होता तो क्या आप अपने पति से यह नहीं कहतीं कि महंगाई बढ़ रही है.’ बता दें कि एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी) के लिए जीवन रक्षक दवाओं में जोलगेनेस्मा शामिल है, जो थेरेपी है, जिसकी लागत लगभग 16 करोड़ रुपए है.

Location :

Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh

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समय रैना को 2 महीने के दिव्यांग बच्चे का मजाक उड़ाना पड़ा भारी, SC पहुंचा केस

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