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Last Updated:January 06, 2026, 16:14 IST
Ayurvedic Chyawanprash Recipe: बाज़ार में मिलने वाले केमिकल युक्त च्यवनप्राश को लेकर बढ़ती चिंता के बीच घर पर बना शुद्ध और देसी आयुर्वेदिक च्यवनप्राश एक सुरक्षित विकल्प है. यह प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, आंवला और आयुर्वेदिक मसालों से तैयार होता है, जिससे इम्युनिटी मजबूत होती है. नियमित सेवन से सर्दी-खांसी से बचाव, पाचन सुधार और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. आसान रेसिपी के साथ यह च्यवनप्राश पूरे परिवार के लिए सेहत का भरोसेमंद उपाय बन सकता है.
अगर आपको बाज़ार में मिलने वाले केमिकल युक्त च्यवनप्राश को लेकर डर लगता है, तो अब चिंता की कोई बात नहीं है. आप चाहें तो घर पर ही शुद्ध और आयुर्वेदिक तरीके से च्यवनप्राश आसानी से तैयार कर सकते हैं. सर्दियों के मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है, लेकिन मिलावट और प्रिज़रवेटिव्स की वजह से लोग इसे खाने से कतराने लगे हैं. ऐसे में घरेलू च्यवनप्राश एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है.

घर पर बनाया गया च्यवनप्राश न सिर्फ केमिकल-फ्री होता है, बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री आपके सामने होती है. इससे स्वाद और गुणवत्ता दोनों पर आपका पूरा नियंत्रण रहता है.आयुर्वेद के अनुसार, सही तरीके से तैयार किया गया च्यवनप्राश शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सर्दी, खांसी और थकान जैसी समस्याओं में भी राहत देता है.

च्यवनप्राश बनाने के लिए सबसे पहले ताज़ा और अच्छी क्वालिटी का आंवला लें. करीब 1 किलो आंवले को अच्छी तरह धोकर उबाल लें, ताकि वे नरम हो जाएं. ठंडा होने के बाद बीज निकालकर आंवले का गूदा पीस लें. आंवला च्यवनप्राश की सबसे अहम सामग्री है, जो विटामिन-C से भरपूर होता है.
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अब एक कढ़ाही में देसी घी गरम करें और उसमें आंवले का पेस्ट डालकर हल्की आंच पर पकाएं. लगातार चलाते रहें ताकि मिश्रण जले नहीं. जब यह थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो इसमें गुड़ या शुद्ध शहद मिलाएं. स्वाद और औषधीय गुण बढ़ाने के लिए दालचीनी, इलायची, सोंठ, काली मिर्च और अश्वगंधा पाउडर भी डाल सकते हैं.

मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक वह जैम जैसी कंसिस्टेंसी में न आ जाए. इस दौरान आंच धीमी रखें और धैर्य से पकाएं. सही तरीके से पकाने पर च्यवनप्राश का रंग गहरा भूरा हो जाता है और उसमें से हल्की खुशबू आने लगती है.इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें.

ठंडा होने पर च्यवनप्राश को साफ और सूखे कांच के जार में भरकर रखें. ध्यान रखें कि जार में नमी बिल्कुल न हो, इससे च्यवनप्राश लंबे समय तक खराब नहीं होगा. रोजाना सुबह खाली पेट या रात को दूध के साथ एक से दो चम्मच च्यवनप्राश का सेवन किया जा सकता है.

घर पर बना च्यवनप्राश न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह बाज़ार के केमिकल युक्त उत्पादों से कहीं ज्यादा सुरक्षित भी है. थोड़ी सी मेहनत से आप पूरे परिवार के लिए पौष्टिक और भरोसेमंद च्यवनप्राश तैयार कर सकते हैं, जो सर्दियों में शरीर को अंदर से मज़बूत बनाता है.
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January 06, 2026, 16:14 IST
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एक चम्मच रोज़, बीमारियां कोसों दूर! घर पर बनाएं शुद्ध और आयुर्वेदिक च्यवनप्राश



