बाबूजी अपनी गाड़ी के कागज पूरे रखिये, वरना ऑनलाइन ही मिल जाएगा चालान का ‘प्रसाद’, लागू हो गई है नई व्यवस्था

Last Updated:December 03, 2025, 13:39 IST
Rajasthan News: राजस्थान परिवहन विभाग ने अब बिना परमिट और बिना टैक्स के चल रहे कमर्शियल वाहनों को सर्विलांस पर लेना शुरू कर दिया है. अब इन वाहनों के चालान भी ई डिटेक्शन से बनना शुरू हो गए. वायलेशन के पांच प्रकार के चालान ऑनलाइन हो गए हैं. राजस्थान में अब पूरे हाई-वे पर कोई RTO-DTO नहीं मिलेगा. अब टोल पर लगे कैमरों के जरिए ही आपकी गाड़ी को स्कैन कर लिया जाएगा.
नए सिस्टम में पांच तरह के वायलेशन वाले चालान ऑनलाइन की आपके पास आ जाएंगे.
जयपुर. राजस्थान के टोल नाकों से गुजरने वाले कमर्शियल वाहन चालक अब सतर्क हो जाएं. अगर आपकी गाड़ी के कागज पूरी तरह से कंपलीट नहीं है तो आपको इसका खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है. अब आपको हाईवे पर आपकी इस गलती के लिए रोकने टोकने वाला आरटीओ को कोई बंदा नहीं मिलेगा. लेकिन आपकी गाड़ी उनकी नजर में रहेगी. गाड़ी के कागज, टैक्स या इंश्योरेंस संबंधी कोई खामी है तो उसे टोल नोक पर ही ऑटोमैटिक तरीक से जांच लिया जाएगा. टोल पर लगे कैमरों के जरिये ही आपकी गाड़ी को स्कैन कर लिया जाएगा. अगर दस्तावेजों संबंधी कोई खामी पाई गई तो सीधे ऑनलाइन चालान आपके पास आ जाएगा. इस प्रक्रिया को अभी कमर्शियल वाहनों के लिए लागू किया गया है. जल्द ही निजी वाहन भी इसकी जद में आ जाएंगे.
जयपुर आरटीओ प्रथम राजेन्द्र सिंह के मुताबिक प्रदेश में पिछले महीनों में हुए लगातार सड़क हादसों के बाद परिवहन विभाग नित नए नवाचार कर रहा है. अब कमर्शियल वाहन अगर नियमों की अनदेखी करते है तो सड़क पर परिवहन विभाग के कर्मचारी का मौजूद होना जरूरी नहीं है बल्कि टोल से गुजरना ही काफी है. टोल पर लगे कैमरों में गाड़ी नंबर आता है और उन नंबरों के जरिए गाड़ी के कागजों की पूरी जांच कर ली जाएगी.
टोल का ये डेटा परिवहन विभाग फैच करेगाटोल पर लगे कैमरों में सभी गाड़ियां रिकॉर्ड होती है. टोल का ये डेटा परिवहन विभाग फैच करेगा. फैच करने के बाद गाड़ी नंबर से PUC, फिटनेस, इश्योरेंस और परमिट टैक्स की सही जानकारी मिल जाएगी. अगर गाड़ी से जुड़े दस्तावेजों में कोई कमी पाई जाती है तो मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चालान पहुंच जाएगा. इसे परिवहन विभाग ने नाम दिया है ई-डिटेक्शन.
हाई-वे पर परिवहन विभाग के कर्मचारी की मौजूदगी की अब कोई खास जरुरत नहीं हैशुरूआती तौर पर इसे कमर्शियल वाहनों के लिए शुरू किया गया है. बाद में इसके तहत लोडिंग वाहनों को भी लाया जाएगा. ई-चालानिंग से परिवहन विभाग का काम आसान हुआ है और हाई-वे पर डीटीओ की मौजूदगी की अब कोई खास जरुरत नहीं है. अब तक परिवहन विभाग को ई-डिटेक्शन से 400 करोड़ रुपये की आय हो चुकी है. इसलिए अगर आप भी राजस्थान के किसी टोल से गुजर रहे है तो अपने वाहनों के कागजों की पूरी जांच करके ही घर से निकलें.
पांच प्रकार के वायलेशन के चालान ऑनलाइन हो गए हैंकुल मिलाकर बिना परमिट और बिना टैक्स के चल रहे कॉमर्शियल पूरी तरह से परिवहन विभाग के सर्विलांस पर आ गए हैं. वाहनों के चालान भी ई डिटेक्शन से बनना भी शुरू हो गए हैं. इसके तहत अब पांच प्रकार के वायलेशन के चालान ऑनलाइन हो गए हैं. इनमें बिना पीयूसी, फिटनेस, इंश्योरेंस, परमिट और टैक्स के चल रहे व्यावसायिक वाहनों के टोल बूथ से ही चालान बनने लग गए हैं. इससे परिवहन विभाग का काम आसान हो गया है. अब ओवरलोड को भी ई डिटेक्शन में लाना है बाकी रह गया है. विभाग का दावा है कि लिए ऑनलाइन चालानिंग से सड़क सुरक्षा मजबूत होगी.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 03, 2025, 13:39 IST
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अपनी गाड़ी के कागज पूरे रखिये, वरना ऑनलाइन ही मिल जाएगा चालान का ‘प्रसाद’



