BCCI breaks silence on Ajit Agarkar: बीसीसीआई भारत की शर्मनाक हार पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से बात करेगा

Last Updated:November 29, 2025, 06:14 IST
BCCI breaks silence on Ajit Agarkar: भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर मिली 0-2 से हार ने खलबली मचा दी है. मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की आलोचना हो रही है. अगरकर पर घरेलू मैच न देखने और चयन में भेदभाव के आरोप लगे हैं.
टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के साथ चीफ सेलेक्टर अजित आगरकर. (PTI)
नई दिल्ली. साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में हुई टेस्ट सीरीज में भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सामने इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. घरेलू परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई साफ योजना नजर नहीं आ रही है. जब से मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने जिम्मेदारी संभाली है भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में दो बार क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है. एक बार पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ और अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम का हाल बेहाल हो गया.
फिलहाल BCCI को इस बात की चिंता नहीं है. एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि आधिकारिक वेबसाइट पर स्कोर उपलब्ध हैं, इसलिए चयनकर्ता के लिए इतना देखना काफी है. अधिकारी ने यह भी कहा कि बोर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज को लेकर चयन समिति से बात करेगा. टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक BCCI अधिकारी के हवाले से कहा, “हम चयनकर्ताओं से भी (टेस्ट में हार को लेकर) बात करेंगे और जहां तक घरेलू मैच देखने की बात है, हर स्कोर ऐप पर आ जाता है.”
हार के बाद मुख्य कोच गंभीर को सबसे ज्यादा आलोचना झेलनी पड़ रही है. चयन समिति के अध्यक्ष अगरकर भी आलोचनाओं के घेरे में हैं. 2023 में जब से पूर्व ऑलराउंडर अगरकर ने चयनकर्ता की अहम भूमिका संभाली है, भारत ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक कम से कम 30 अलग-अलग खिलाड़ियों को आजमाया है. अगरकर ने जहां जनवरी-फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ सरफराज खान, ध्रुव जुरेल और रजत पाटीदार को मौका देने का श्रेय लिया, वहीं उन्हें सरफराज और अभिमन्यु ईश्वरन को टेस्ट टीम से बाहर करने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी.
घरेलू मैच क्यों नहीं देखने नहीं जा रहे अगरकर?
अगरकर की एक और आलोचना यह है कि उन्होंने सीजन के दौरान पर्याप्त घरेलू मैच नहीं देखे. 47 साल के अगरकर विदेशी दौरों और घरेलू टेस्ट मैचों में तो लगातार मौजूद रहे, लेकिन उन्हें घरेलू मैचों में शायद ही कभी देखा गया. रणजी ट्रॉफी मैचों में उनकी कम या न के बराबर मौजूदगी के कारण अगरकर और घरेलू खिलाड़ियों के बीच दूरी बढ़ गई है. पिछले एक साल में साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी और अन्य खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया, जबकि उनके फर्स्ट क्लास औसत घरेलू प्रदर्शन करने वाले सरफराज, करुण नायर और ईश्वरन से काफी कम हैं.
विदेशी दौरों पर क्यों जाते हैं अगरकर
अगरकर पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी और इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दौरान लगातार मौजूद रहे. रणजी मैचों में उनकी मौजूदगी बहुत कम रही है. 2024 में चेन्नई में तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच हुए मैच में उनकी आखिरी प्रमुख उपस्थिति देखी गई, जिसके बाद देवदत्त पडिक्कल को पहली बार घरेलू टेस्ट के लिए टीम में चुना गया. गौर करने वाली बात है कि जब अगरकर मुंबई के चयनकर्ता थे, तब भी उन पर शहर में पर्याप्त मैच न देखने का आरोप लगा था.
About the AuthorViplove Kumar
15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
November 29, 2025, 06:14 IST
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