सावधान! आपकी रसोई में मौजूद दूध, घी और पनीर कहीं जहर तो नहीं? इन आसान घरेलू नुस्खों से करें पहचान

Last Updated:January 07, 2026, 05:54 IST
Pali News: मिलावटखोरी के बढ़ते खतरे को देखते हुए विशेषज्ञों ने रसोई की मुख्य चीजों को परखने के घरेलू तरीके साझा किए हैं. मावा यदि हाथ पर न चिपके और रगड़ने पर घी छोड़े तो वह शुद्ध है. पनीर की जांच आयोडीन सॉल्यूशन से की जा सकती है, जहां नीला रंग मिलावट का संकेत देता है. दूध को उबालकर उसकी मलाई से शुद्धता का पता चलता है, जबकि शुद्ध घी हथेली पर रखते ही पिघल जाता है. इन छोटे-छोटे परीक्षणों को अपनाकर आप मिलावटी और सिंथेटिक सामान से बच सकते हैं.
ख़बरें फटाफट
Pali News: आजकल के दौर में स्वस्थ रहने के लिए घर का बना खाना खाने की सलाह दी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाली बुनियादी चीजें जैसे दूध, घी, दही, पनीर और मावा भी मिलावटी हो सकते हैं? खासकर सर्दियों के मौसम में जब गाजर के हलवे के लिए मावे की मांग बढ़ जाती है, तब बाजार में सिंथेटिक और मिलावटी सामान की बाढ़ आ जाती है. आपकी इसी चिंता को दूर करने के लिए लोकल-18 की टीम ने खाद्य विशेषज्ञों से बातचीत की है. विशेषज्ञों ने चार ऐसी प्रमुख सामग्रियों की पहचान करने के तरीके बताए हैं, जिन्हें आप घर बैठे ही आजमा सकते हैं और अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं.
विशेषज्ञ उमेद सिंह के अनुसार, असली मावे की पहचान का सबसे आसान तरीका उसे हाथों पर लेकर देखना है. यदि आप मावे को हाथ में लेते हैं और वह बिल्कुल भी नहीं चिपकता है, तो वह शुद्ध है. इसके विपरीत, मिलावटी मावा हाथों में बुरी तरह चिपकने लगता है. शुद्ध मावे को हथेलियों के बीच रगड़ने पर उसमें से प्राकृतिक घी निकलता है, जबकि नकली मावा रबड़ की तरह टाइट और खिंचाव वाला महसूस होता है. रंग की बात करें तो असली मावा हल्का डार्क ब्राउन होता है, जबकि मिलावटी मावा सफेद या हल्का पीला दिखाई देता है.
पनीर और आयोडीन सॉल्यूशन का प्रयोग
पनीर की शुद्धता जांचने के लिए विशेषज्ञ बताते हैं कि असली पनीर छूने में रोएंदार और मुलायम होता है. नकली पनीर को रगड़ने पर वह दानेदार होकर हाथ में चिपक जाता है. शुद्धता की गहराई से जांच के लिए आप आयोडीन सॉल्यूशन का उपयोग कर सकते हैं. सबसे पहले पनीर को गुनगुने पानी में डालें और फिर उस पर आयोडीन की कुछ बूंदें गिराएं. यदि पानी का रंग नीला या काला पड़ जाए, तो समझ लें कि पनीर सिंथेटिक है या उसमें स्टार्च की मिलावट की गई है. यदि रंग में कोई बदलाव नहीं होता, तो पनीर शुद्ध है.
दूध और घी की ऐसे करें सटीक जांच
दूध और घी विशेषज्ञ दिनेश सारस्वत ने बताया कि असली दूध उबालने पर जल्दी नहीं फटता और उस पर मलाई की एक मोटी परत जम जाती है. मिलावटी दूध कई बार उबालने पर चिपचिपा हो जाता है. दूध में स्टार्च की जांच के लिए भी आयोडीन की बूंदों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे दूध का रंग काला पड़ जाता है. वहीं घी की पहचान के लिए ‘पाम टेस्ट’ (हथेली परीक्षण) सबसे कारगर है. अपनी हथेली पर एक चम्मच घी रखें, यदि वह शरीर की गर्मी से तुरंत पिघलने लगे तो वह असली है. जमा हुआ घी मिलावट की निशानी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
January 07, 2026, 05:54 IST
homerajasthan
सावधान! आपकी रसोई में मौजूद दूध, घी और पनीर कहीं जहर तो नहीं?ऐसे पहचानें



