कोटा की रानी शेरसिया 94% के साथ बनी स्कूल और समाज की शान, पुलिस अधिकारियों से मिली प्रेरणा!

कोटा. शिक्षा नगरी एक बार फिर प्रतिभा और प्रेरणा की मिसाल बनी है, नवोदय विद्यालय की कक्षा दसवीं की होनहार छात्रा रानी शेरसिया ने बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. रानी की इस शानदार उपलब्धि पर कोटा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्हें आईजी राजेंद्र गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम ने सम्मानित किया. इस अवसर पर एसपी तेजस्विनी गौतम ने रानी को साइकिल भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हाथों सम्मान पाकर रानी शेरसिया का आत्मविश्वास और उत्साह और बढ़ गया. लोकल 18 से बातचीत में रानी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक और आईजी स्तर के अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि वर्दी का सम्मान उन्हें हमेशा से प्रेरित करता रहा है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज में उनका मान-सम्मान देखकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है.
आईजी और एसपी ने की सराहना
कार्यक्रम के दौरान आईजी राजेंद्र गोयल ने रानी शेरसिया की मेहनत, अनुशासन और लगन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतिभाशाली छात्राएं ही देश और समाज का भविष्य होती हैं. उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य तय करने और निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया. वहीं, एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा कि रानी जैसी बेटियां अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं और भविष्य में वे देश सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
रात में पढ़ाई को मानती हैं कारगर
अपनी पढ़ाई की रणनीति साझा करते हुए रानी ने बताया कि उन्हें रात में पढ़ाई करना अधिक प्रभावी लगता है. उन्होंने कहा, “मैंने दसवीं कक्षा के दौरान कई बार पूरी रात पढ़ाई की है. रात में शांति रहती है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है।” रानी का मानना है कि हर छात्र को अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार पढ़ाई का समय तय करना चाहिए. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि जब मन और दिमाग सबसे ज्यादा एकाग्र हों, उसी समय पढ़ाई करनी चाहिए.
रानी ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान खुद पर अनावश्यक दबाव नहीं डाला, बल्कि नियमित और अनुशासित तरीके से अध्ययन किया. समय पर सिलेबस पूरा करना, नियमित रिवीजन करना और आत्मविश्वास बनाए रखना उनकी सफलता के प्रमुख कारण रहे. उनका कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लगातार मेहनत और धैर्य ही मंजिल तक पहुंचाता है.
आगे का सपना: डिफेंस और UPSC
रानी शेरसिया की सोच सिर्फ बोर्ड परीक्षा तक सीमित नहीं है, उनका सपना देश की सेवा करना है. उन्होंने बताया कि वे आगे चलकर डिफेंस सर्विसेज में जाना चाहती हैं और इसके बाद UPSC परीक्षा क्रैक करने का लक्ष्य रखती हैं. रानी का कहना है कि पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं में रहकर समाज और देश के लिए काम करना उनका सपना है. आईजी और एसपी से सम्मान मिलने के बाद उनका यह संकल्प और भी मजबूत हो गया है. रानी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही वर्दी से विशेष लगाव रहा है. जब वे किसी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी को वर्दी और सरकारी गाड़ी में देखती हैं, तो उन्हें गर्व महसूस होता है. उनका मानना है कि अधिकारियों को मिलने वाला सम्मान उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का परिणाम होता है.
परिवार का मिला पूरा सहयोग
रानी शेरसिया की सफलता में उनके परिवार का भी बड़ा योगदान है, उनके पिता जगदीश शेरसिया राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं और वर्तमान में कोटा में कांस्टेबल के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. उनके पिता का अनुशासन और सेवा भाव उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहा है, घर का सकारात्मक और पढ़ाई के अनुकूल माहौल उनकी सफलता में सहायक रहा. 94 प्रतिशत अंकों के साथ नवोदय विद्यालय का नाम रोशन करने वाली रानी शेरसिया आज कोटा के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का जज्बा उनकी कहानी में स्पष्ट रूप से नजर आता है. आईजी राजेंद्र गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम द्वारा दिया गया सम्मान उनके लिए नई ऊर्जा लेकर आया है. अब रानी पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ देश सेवा के अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.



