भरतपुर मधुमक्खी पालन और उत्कृष्टता केंद्र

Last Updated:January 11, 2026, 10:29 IST
Bharatpur Honey Hub: भरतपुर अब शहद उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. यहाँ सालाना 2400 मीट्रिक टन शहद पैदा हो रहा है. जिससे हजारों परिवारों को रोजगार मिल रहा है. सरकार मई गूजर में एक आधुनिक ‘मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र’ बना रही है. जहाँ प्रोसेसिंग. पैकेजिंग और प्रशिक्षण की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के तहत किसानों को मुफ्त किट और ट्रेनिंग देकर इसे ‘हनी हब’ बनाया जाएगा.
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Bharatpur Honey Hub: भरतपुर जिले में मधुमक्खी पालन अब केवल एक सहायक कार्य नहीं. बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ बनकर उभरा है. जोतों के छोटे होने और पारंपरिक खेती में कम मुनाफे के चलते किसान अब शहद उत्पादन को एक प्रभावी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं. वर्ष 1997 से शुरू हुआ यह संगठित प्रयास आज जिले को प्रदेश में अग्रणी स्थान पर ले आया है. कम लागत और कम समय में अतिरिक्त आय देने वाला यह क्षेत्र भरतपुर की नई पहचान बन रहा है.
वर्तमान में जिले में करीब 585 मधुमक्खी पालन इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं. इससे लगभग 1600 लोगों को प्रत्यक्ष और 2000 लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है. जिले में स्थापित 80 हजार मधुमक्खी बॉक्सों के माध्यम से प्रतिवर्ष 2400 मीट्रिक टन शहद और 48 मीट्रिक टन मोम का उत्पादन किया जा रहा है. स्थानीय स्तर पर ‘बृज हनी’ जैसी प्रसंस्करण इकाइयां किसानों से शहद की सीधी खरीदारी कर रही हैं. जिससे बिचौलियों का प्रभाव कम हुआ है.
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा और उत्कृष्टता
केंद्र उद्यान विभाग के उप निदेशक जनक राज मीना के अनुसार. राज्य सरकार के ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के तहत शहद को भरतपुर के लिए ‘एक जिला एक उपज’ (ODOP) के रूप में चुना गया है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर ग्राम मई गूजर में 9.83 हेक्टेयर भूमि पर ‘मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence) की स्थापना की जा रही है. इस केंद्र का निर्माण राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा किया जा रहा है. यहाँ आधुनिक लैब. प्रोसेसिंग यूनिट. बॉटलिंग प्लांट और मोम शीट निर्माण जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
इस उत्कृष्टता केंद्र में किसानों के प्रशिक्षण के लिए ऑडिटोरियम. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल और हॉस्टल की व्यवस्था होगी. इसके साथ ही बच्चों के लिए बी-पार्क (Bee-Park). लाइव डेमोंस्ट्रेशन एरिया और शहद पार्लर भी विकसित किए जाएंगे. इसके बनने से शहद के संग्रहण. भंडारण और ब्रांडिंग की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी. जिससे भरतपुर के शहद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद मिलेगी.
700 किसानों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
प्रथम चरण में जिले के विभिन्न ब्लॉकों जैसे सेवर. नदबई. वैर. बयाना और रूपवास के 700 मधुमक्खी पालकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 14 विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी पर प्रतिदिन 1000 रुपये का व्यय किया जाएगा. साथ ही पात्र पालकों को प्रोत्साहन स्वरूप निःशुल्क ‘बी-कीपिंग किट’ भी प्रदान की जाएगी. ताकि वे नई तकनीकों के साथ शहद उत्पादन में वृद्धि कर सकें.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
January 11, 2026, 10:29 IST
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शहद से बदलेगी भरतपुर की तकदीर, जिला बनेगा राजस्थान का सबसे बड़ा ‘हनी हब’



