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Bharatpur Keoladeo National Park | Migratory Birds in India | Siberian Birds in Bharatpur | Wildlife Tourism 2025 | Bird Sanctuary Rajasthan | Nature Travel | Eco Tourism India

Last Updated:October 31, 2025, 12:35 IST

Bharatpur Keoladeo National Park: भरतपुर के विश्वप्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाट से फिर रौनक लौट आई है. साइबेरिया और यूरोप से आए पक्षियों ने पार्क में घोंसले बना लिए हैं और नन्हे मेहमानों का जन्म हो चुका है. विदेशी पक्षियों को देखने के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है.

भरतपुर: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क एक बार फिर से प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो उठा है. सर्दियों की दस्तक के साथ ही विदेशों से हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी इस पक्षी स्वर्ग में पहुंचने लगे हैं. इन पक्षियों ने अब पार्क में घोंसले बनाना शुरू कर दिया है. वहीं कई पक्षियों ने अपने बच्चों को जन्म भी दे दिया है. छोटे-छोटे चूजों की किलकारियों और पक्षियों की मधुर आवाजों से पूरा पार्क जीवंत हो उठा है.

हर साल अक्टूबर से फरवरी के बीच केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में साइबेरिया, अफगानिस्तान, चीन और यूरोप के विभिन्न हिस्सों से प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं. इन पक्षियों में साइबेरियन क्रेन, ग्रे लैग गूज, कॉमन टील, पेंटेड स्टॉर्क, ओपन बिल स्टॉर्क, ब्लैक हेडेड आईबिस जैसे कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी शामिल हैं. इनकी रंग-बिरंगी छटा और मनमोहक स्वर पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन जाते हैं. पार्क प्रशासन के अनुसार इस वर्ष अब तक प्रवासी पक्षियों की अच्छी संख्या दर्ज की गई है.

फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्गडीएफओ मानस सिंह ने लोकल 18 को बताया कि मौसम और पर्यावरणीय परिस्थितियां पक्षियों के लिए अनुकूल बनी हुई हैं. जिससे इस साल पिछले वर्षों की तुलना में अधिक प्रवासी पक्षियों के आने की संभावना है. पार्क के तालाबों और झीलों में पक्षियों के झुंड सुबह और शाम के समय सुशोभित दृश्य प्रस्तुत करते हैं. जो फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक इन खूबसूरत नजारों को देखने के लिए भरतपुर पहुंच रहे हैं.

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्दियों के मौसम यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है. जिससे स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलता है. केवलादेव नेशनल पार्क यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यह सैकड़ों पक्षी प्रजातियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल माना जाता है. इस समय पार्क में पक्षियों का मनमोहक संसार जीवंत हो उठा है. जहां हर ओर प्रकृति की सुंदरता चहचहाहट और नए जीवन की शुरुआत का दृश्य देखने को मिल रहा है.

Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें

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Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

October 31, 2025, 12:35 IST

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जंगल में चहचहाहट, झीलों में रौनक! केवलादेव नेशनल पार्क में लौट आई चमक

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