फर्जी वेबसाइट और ऐप से 3500 करोड़ की ठगी, भरतपुर पुलिस ने किया पर्दाफाश, गिरोह के पांच शातिर गिरफ्तार

दीपक पुरी/भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर पुलिस ने देश की अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन निवेश ठगी के मामले का पर्दाफाश करते हुए 3500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह फर्जी वेबसाइट xpo.ru और मोबाइल ऐप के जरिए क्रिप्टोकरेंसी व फॉरेक्स में ऊंचा मुनाफा देने का लालच देकर लोगों को ठग रहा था. पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देशन में शहर वृत्ताधिकारी पंकज यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 लाख रुपये नकद, 4 करोड़ रुपये कीमत की लग्जरी गाड़ियां, सोने के जेवरात और 40 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की है.
मामला 12 नवंबर को मथुरागेट थाने में दर्ज शिकायत से शुरू हुआ था. पीड़ित ने बताया कि xpo.ru नाम की वेबसाइट और ऐप विदेशी बाजारों में क्रिप्टो एवं फॉरेक्स में निवेश करवाने का दावा कर रही थी. निवेशकों को ऊंचा लाभ, बोनस और अधिक लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त कमीशन का लालच दिया जाता था. जांच में सामने आया कि यह प्लेटफॉर्म न तो SEBI, न RBI, न MCA और न ही किसी सरकारी संस्था से रजिस्टर्ड था.
फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों से ठगी करता था गिरोह के सदस्य
आरोपियों ने वेबसाइट को 2016 से रूस में चलने वाली कंपनी दिखाया था, लेकिन असल में इसका संचालन नवंबर 2022 से जयपुर से शुरू किया गया था. मुख्य सरगना संदीप सिगर और रजत शर्मा ने इसे तैयार किया था. वेबसाइट 47 लाख यूजर्स और 4.3 बिलियन डॉलर के फंड मैनेजमेंट का झूठा दावा करती थी, जबकि वास्तविक यूजर्स करीब 4.7 लाख थे और असली जमा राशि लगभग 3100 करोड़ रुपये थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यही गिरोह dizicx.com नाम की एक और फर्जी वेबसाइट चला रहा था, जिसमें 9000 से अधिक लोगों से लगभग 500 करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए गए. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतुल कुमार, मुकुल कुमार, कृष्ण कुमार, राकेश कुमार और उमराव मल के रूप में की है. ये सभी निवेशकों से बात कर पैसे जमा करवाने और कमीशन बांटने का काम करते थे.
देश की है सबसे बड़ी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड स्कीम
वृत्ताधिकारी पंकज यादव ने बताया कि यह राजस्थान ही नहीं, देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड स्कीम थी. हमने तकनीकी जांच, बैंक खातों की पड़ताल और साइबर विशेषज्ञों की मदद से इनके पूरे नेटवर्क को तोड़ा है. मुख्य सरगना अभी फरार हैं, उनकी तलाश जारी है. पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. पूछताछ में सामने आया कि ठगी का पैसा लग्जरी गाड़ियों, संपत्ति और क्रिप्टोकरेंसी में लगाया गया था. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप या वेबसाइट में निवेश करने से पहले SEBIया RBI की वेबसाइट पर उसकी वैधता जरूर जांच लें.



