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41 में भारती सिंह फिर मां बनीं, इस उम्र में दूसरी प्रेग्नेंसी कितनी रिस्की? चांस लें या नहीं, टॉप डॉ. से जानें

Last Updated:December 19, 2025, 14:31 IST

कॉमेड‍ियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के घर में दूसरा बेटा हुआ है. भारती स‍िंह 41 साल की उम्र में दूसरे बेटे की मां बनी हैं, इससे पहले उनका एक बेटा गोला है. हालांक‍ि आम मह‍िलाओं को इस उम्र में प्रेग्‍नेंसी में काफी द‍िक्‍कतें आ रही हैं. इस उम्र में प्रेग्‍नेंसी के क्‍या खतरे हैं? इस पर एम्‍स की पूर्व गायनेकोलॉज‍िस्‍ट डॉ. सुनीता मित्तल ने व‍िस्‍तार से जानकारी दी है. आइए जानते हैं क्‍या है मां बनने की सही उम्र.. मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह एक बार फिर मां बन गई हैं. 41 साल की उम्र में उन्होंने अपने दूसरे बेटे को जन्म दिया है. आज ही भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया ने अपने दूसरे बेटे का स्वागत किया है. उससे पहले भारती का 3 साल का बेटा गोला है. कभी अपने मोटापे के लिए ट्रोल होने वाली भारती सिंह ने भले ही अपनी प्रेग्नेंसी और डिलिवरी की जर्नी पार कर ली है, लेकिन इस उम्र में प्रेग्नेंसी को लेकर  महिलाओं में काफी समस्याएं देखने को मिल रही हैं.

मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह एक बार फिर मां बन गई हैं. 41 साल की उम्र में उन्होंने अपने दूसरे बेटे को जन्म दिया है. आज ही भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया ने अपने दूसरे बेटे का स्वागत किया है. उससे पहले भारती का 3 साल का बेटा गोला है. कभी अपने मोटापे के लिए ट्रोल होने वाली भारती सिंह ने भले ही अपनी प्रेग्नेंसी और डिलिवरी की जर्नी पार कर ली है, लेकिन इस उम्र में प्रेग्नेंसी को लेकर महिलाओं में काफी समस्याएं देखने को मिल रही हैं.

अस्पतालों से लेकर आईवीएफ सेंटरों पर बढ़ती भीड़ ये बताती है कि 35 साल की उम्र के बाद कंसीव करना और बिना किसी कॉम्प्लिकेशन के डिलिवरी हो जाना कितनी बड़ी बात है. अस्पतालों में न केवल पहली प्रेग्नेंसी के लिए बेचैन महिलाएं पहुंच रही हैं, बल्कि एक बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के होने में आ रही दिक्कतें भी कम नहीं हैं. यही वजह है कि बहुत सारे दंपत्ति आईवीएफ सहित तमाम उपायों को अपनाने के लिए कोशिशें करते हैं.

अस्पतालों से लेकर आईवीएफ सेंटरों पर बढ़ती भीड़ ये बताती है कि 35 साल की उम्र के बाद कंसीव करना और बिना किसी कॉम्प्लिकेशन के डिलिवरी हो जाना कितनी बड़ी बात है. अस्पतालों में न केवल पहली प्रेग्नेंसी के लिए बेचैन महिलाएं पहुंच रही हैं, बल्कि एक बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के होने में आ रही दिक्कतें भी कम नहीं हैं. यही वजह है कि बहुत सारे दंपत्ति आईवीएफ सहित तमाम उपायों को अपनाने के लिए कोशिशें करते हैं.

भारती सिंह भले ही 41 साल की उम्र में दूसरी बार मां बनी हैं लेकिन एक आम महिला के लिए इस उम्र में मां बनने के क्या खतरे हैं? इस पर एम्स नई दिल्ली में गायनेकॉलोजी विभाग की पूर्व एचओडी और फॉर्टिस मेमोरियल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम में ऑब्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल विस्तार से बता रही हैं.

भारती सिंह भले ही 41 साल की उम्र में दूसरी बार मां बनी हैं लेकिन एक आम महिला के लिए इस उम्र में मां बनने के क्या खतरे हैं? इस पर एम्स नई दिल्ली में गायनेकॉलोजी विभाग की पूर्व एचओडी और फॉर्टिस मेमोरियल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम में ऑब्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल विस्तार से बता रही हैं.

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डॉ. मित्तल कहती हैं कि अगर कोई महिला पहली बार मां बन रही है तो उसके लिए चुनौतियां ज्यादा होती हैं. अगर उसे कंसीव करने और पूरे प्रेग्नेंसी पीरियड के दौरान परेशानियां रही हैं तो डिलिवरी में भी रिस्क होना लाजिमी है. अगर बच्चे का वजन, हेल्थ सब ठीक है, महिला को भी हाई बीपी, डायबिटीज आदि नहीं है तो डिलिवरी भी नॉर्मल और आराम से हो जाती है.

डॉ. मित्तल कहती हैं कि अगर कोई महिला पहली बार मां बन रही है तो उसके लिए चुनौतियां ज्यादा होती हैं. अगर उसे कंसीव करने और पूरे प्रेग्नेंसी पीरियड के दौरान परेशानियां रही हैं तो डिलिवरी में भी रिस्क होना लाजिमी है. अगर बच्चे का वजन, हेल्थ सब ठीक है, महिला को भी हाई बीपी, डायबिटीज आदि नहीं है तो डिलिवरी भी नॉर्मल और आराम से हो जाती है.<br />सांकेतिक तस्वीर (Canva/AI Generated)

अगर कोई महिला इस उम्र में दूसरी या तीसरी बार मां बन रही है तो उसके लिए हालात काफी हद तक सामान्य रह सकते हैं. पहले बच्चे के मुकाबले उसे प्रेग्नेंसी पीरियड और डिलिवरी दोनों में कम रिस्क रह सकता है. हालांकि देखा जा रहा है कि पहले बच्चे के बाद ज्यादा गैप है, कुछ हेल्थ इश्यूज हैं या अन्य कोई फर्टिलिटी इश्यू है तो दूसरा बच्चा होने में परेशानियां भी आ रही हैं.

अगर कोई महिला इस उम्र में दूसरी या तीसरी बार मां बन रही है तो उसके लिए हालात काफी हद तक सामान्य रह सकते हैं. पहले बच्चे के मुकाबले उसे प्रेग्नेंसी पीरियड और डिलिवरी दोनों में कम रिस्क रह सकता है. हालांकि देखा जा रहा है कि पहले बच्चे के बाद ज्यादा गैप है, कुछ हेल्थ इश्यूज हैं या अन्य कोई फर्टिलिटी इश्यू है तो दूसरा बच्चा होने में परेशानियां भी आ रही हैं.

डॉ. सुनीता सलाह देती हैं कि इन्हीं चीजों की वजह से सलाह दी जाती है कि अगर महिलाएं मां बनना चाहती हैं तो उन्हें 35 साल से पहले-पहले या संभव हो तो 30 की उम्र तक कंसीव कर लेना चाहिए. वहीं 35 की उम्र तक दूसरा बच्चा कर लेना चाहिए. यह फर्टाइल एज होती है साथ ही प्रेग्नेंसी और डिलिवरी के लिहाज से सही होती है. इस उम्र में खतरे भी कम होते हैं. शरीर अन्य बीमारियों की गिरफ्त में भी कम आता है तो नॉर्मल डिलिवरी की संभावना भी बनती है.

डॉ. सुनीता सलाह देती हैं कि इन्हीं चीजों की वजह से सलाह दी जाती है कि अगर महिलाएं मां बनना चाहती हैं तो उन्हें 35 साल से पहले-पहले या संभव हो तो 30 की उम्र तक कंसीव कर लेना चाहिए. वहीं 35 की उम्र तक दूसरा बच्चा कर लेना चाहिए. यह फर्टाइल एज होती है साथ ही प्रेग्नेंसी और डिलिवरी के लिहाज से सही होती है. इस उम्र में खतरे भी कम होते हैं. शरीर अन्य बीमारियों की गिरफ्त में भी कम आता है तो नॉर्मल डिलिवरी की संभावना भी बनती है. हालांक‍ि ऐसा नहीं है क‍ि 40 के बाद मां बनने की कोश‍िश छोड़ देनी चाह‍िए.

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December 19, 2025, 14:31 IST

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