Bhilwara’s Jain community takes a special initiative on New Year’s Day; people from the Jain community are leaving Mumbai, Delhi and Goa for this trip.

Last Updated:December 27, 2025, 22:35 IST
Bhilwara News : भीलवाड़ा के जैन समाज ने नववर्ष पर 10 दिवसीय सम्मेद शिखर यात्रा आयोजित की, जिसमें 400 युवा दंपती और 200 सीनियर सिटीजन सहित 1000 श्रद्धालु शामिल हुए हैं. यात्रा संयोजक मनीष जैन ने बताया कि यह 10 दिवसीय यात्रा भीलवाड़ा से प्रारंभ होकर अयोध्या, वाराणसी और श्री सम्मेद शिखर होते हुए अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाएगी.
ख़बरें फटाफट
भीलवाड़ा. न्यू ईयर के मौके पर जब अधिकतर युवा मुंबई, दिल्ली और गोवा जैसे पर्यटन स्थलों की ओर रुख करते हैं, तब भीलवाड़ा के जैन समाज ने एक अनूठी पहल की है. युवाओं को भारतीय संस्कृति और जैन धर्म से जोड़ने के उद्देश्य से 10 दिवसीय सम्मेद शिखर यात्रा का आयोजन किया गया है. इस धार्मिक यात्रा में सकल जैन समाज के करीब एक हजार श्रद्धालु शामिल हुए हैं, जिनमें लगभग 400 युवा दंपती और 200 सीनियर सिटीजन दंपती शामिल हैं.
यात्रा संयोजक मनीष जैन ने बताया कि यह 10 दिवसीय यात्रा भीलवाड़ा से प्रारंभ होकर अयोध्या, वाराणसी और श्री सम्मेद शिखर होते हुए अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाएगी. भीलवाड़ा में इस तरह की यात्रा का आयोजन पहली बार किया गया है. विशेष रूप से नवविवाहित दंपतियों और युवाओं को धर्म से जोड़ने के उद्देश्य से यह पहल की गई है. इस यात्रा के माध्यम से 400 से अधिक नवयुवा कपल नया साल आध्यात्मिक वातावरण में मनाने के लिए सम्मेद शिखर जा रहे हैं.
यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएंयात्रा के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है. ट्रेन में भोजन, चाय और नाश्ते की पूरी व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही रात्रि विश्राम स्थलों पर भी भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. यात्रा के प्रत्येक चरण को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित रूप से संपन्न करने के लिए पूर्ण प्रबंध किए गए हैं. यह यात्रा युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का एक अनूठा अवसर है.
इस तरह तय किया गया है यात्रा का मार्गयात्रा का पहला पड़ाव अयोध्या रहेगा, जहां भगवान श्रीराम के दर्शन के साथ हनुमानगढ़ी और सरयू नदी के दर्शन किए जाएंगे. इसके बाद जैन समाज के पांच तीर्थंकरों की जन्मस्थली का भ्रमण कराया जाएगा. आगे यात्रा वाराणसी पहुंचेगी, जहां काशी विश्वनाथ मंदिर, 84 घाटों और जैन मंदिरों के दर्शन होंगे. रात में वाराणसी से रवाना होकर यात्री सम्मेद शिखर पहुंचेंगे.
सम्मेद शिखर से पावापुरी तक का धार्मिक अनुशासन29 दिसंबर की रात श्रद्धालुओं को नंगे पैर करीब 9 किलोमीटर पहाड़ की चढ़ाई और परिक्रमा करनी होगी, जिससे धार्मिक अनुशासन, तप और श्रद्धा का गहरा अनुभव प्राप्त होगा. 30 दिसंबर को नीचे उतरने के बाद यात्रा पावापुरी के लिए रवाना होगी. नववर्ष 1 जनवरी को यात्री पावापुरी में प्रवास करेंगे. इसके बाद 2 जनवरी को विशेष ट्रेन से भीलवाड़ा के लिए रवाना होंगे, जो 3 जनवरी की रात भीलवाड़ा पहुंचेगी.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
December 27, 2025, 22:35 IST
homerajasthan
मुंबई-गोवा नहीं, नए साल पर अयोध्या-काशी-सम्मेद शिखर! चर्चा में है यह यात्रा



