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Last Updated:January 07, 2026, 12:09 IST
Bharatpur Desi Achar: भरतपुर जिले के भुसावर का अचार आज देसी स्वाद की खास पहचान बन चुका है. पारंपरिक तरीके और शुद्ध मसालों से तैयार यह अचार अब भरतपुर से निकलकर पूरे राजस्थान और आसपास के राज्यों में अपने स्वाद की छाप छोड़ रहा है. घरेलू उद्योग से शुरू हुआ यह व्यवसाय अब लोगों की पहली पसंद बन रहा है. भुसावर का अचार न सिर्फ स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता का भी सशक्त उदाहरण बन चुका है.
भरतपुर जिले का कस्बा भुसावर अपने पारंपरिक और शुद्ध देसी अचार के लिए प्रदेशभर में खास पहचान रखता है. भुसावर में तैयार होने वाला यह अचार न केवल भरतपुर जिले में बल्कि पूरे राजस्थान सहित आसपास के राज्यों में भी बड़े चाव से पसंद किया जाता है. अपने अनोखे स्वाद शुद्धता और देसी विधि के कारण भुसावर का अचार लोगों की पहली पसंद बना हुआ है.

भुसावर में अचार पूरी तरह पारंपरिक और घरेलू तरीके से तैयार किया जाता है. यहां किसी भी प्रकार के केमिकल या कृत्रिम सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता अचार बनाने के लिए शुद्ध और ताजा नींबू, आम, मिर्ची आंवला और मुरब्बे के लिए चयनित फल उपयोग में लिए जाते हैं. सबसे पहले फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धोया जाता है. इसके बाद उन्हें सही आकार में काटा जाता है.

ताकि मसाले का स्वाद पूरी तरह फलों में समा सके अचार का मसाला भी पूरी तरह देसी तरीके से तैयार किया जाता है. इसमें शुद्ध सरसों का तेल, हींग, मेथी, सौंफ, लाल मिर्च और अन्य पारंपरिक मसालों का संतुलित मिश्रण किया जाता है. खास बात यह है कि भुसावर में अचार का मसाला आज भी मशीनों की बजाय हाथों से तैयार किया जाता है. जिससे उसका स्वाद और खुशबू बरकरार रहती है.
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मसाला तैयार होने के बाद फलों को उसमें अच्छी तरह मिलाकर धूप में पकाया जाता है. जिससे अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और उसका स्वाद भी निखर कर आता है. भुसावर के अचार की मांग साल भर बनी रहती है लेकिन त्योहारों और सर्दियों के मौसम में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है. लोग यहां से अचार खरीदकर अपने रिश्तेदारों और परिचितों के लिए भी ले जाते हैं. कई व्यापारी इसे राजस्थान के अन्य जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक भी भेजते हैं.

अगर कीमत की बात करें तो भुसावर के अचार का भाव उसकी क्वालिटी और किस्म के अनुसार अलग-अलग रहता है. नींबू, आम और आंवले के अचार की कीमत प्रति किलो के हिसाब से तय की जाती है. शुद्धता और पारंपरिक स्वाद के कारण लोग इसको खूब पसंद करते है. भुसावर का देसी अचार आज भी अपनी पारंपरिक पहचान को बनाए हुए है और यही कारण है कि इसका स्वाद लोगों की जुबान पर सालों से कायम है.
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January 07, 2026, 12:09 IST
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घर-घर पहुंचा भुसावर का स्वाद, अचार ने भरतपुर को दिलाई नई पहचान



