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जो दूसरों को ठग रहे थे, उन्हीं के साथ हो गया बड़ा खेला, फरवरी में होने वाली थी शादी, अब पहुंच गए तिहाड़ जेल|delhi police arrest 4 persons with old 500 and 1000 notes how defrauding others for aadhar and rbi demonetized currency scam

Delhi Police Fake Currency Network: दिल्ली पुलिस ने चार ऐसे शातिर शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पुराने नोटों को उनकी असली कीमत के एक हिस्से में बदलने का झांसा देते थे. सभी गिरफ्तार शख्स यह झूठा दावा करते थे कि पुराने नोट आरबीआई में बदले जा सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पास से 3,59,08,000 रुपये की बंद हो चुकी करेंसी के साथ-साथ अपराध में इस्तेमाल दो गाड़ियां भी जब्त की है. दिल्ली पुलिस का यह खुलासा बताता है कि कैसे अवैध कारोबार करनेवालों के साथ ही धोखाधड़ी का खेल हो रहा था. क्योंकि 500 और 1000 रुपये के नोट रखना अब देश में अपराध की श्रेणी में आता है. नोटबंदी के बाद जिन लोगों के पास पैसे बच गए, वह अवैध तरीके से उसको सफेद बनाने का काम कर रहे थे और उन्हीं के साथ धोखा हो गया.

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि यह गिरोह लोगों को पुराने नोट बेहद कम दामों में देने का झांसा देता था और झूठा दावा करता था कि आधार के आधार पर ये नोट आरबीआई में बदले जा सकते हैं. सभी गिरफ्तार आरोपियों ने माना कि वे जल्दी और गैरकानूनी तरीके से मुनाफा कमाने के चक्कर में थे.

पुराने नोट के साथ 4 लोग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस को गुप्ता सूचना मिली थी कि शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन के पास एक गिरोह सक्रिय है, जो पुराने नोट को बदलने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ रहा है. दिल्ली पुलिस की टीन गेट नंबर 4 के पास पहुंची और गुप्ता सूचना के आधार पर चार लोगों को पकड़ा. ऑपरेशन के दौरान उनके पास से 500 और 1000 रुपये के बंद हो चुके नोटों की कुल 3,59,08,000 रुपये बरामद हुए. साथ में दो कारें भी बरामद की गईं. पकड़े गए आरोपियों की पहचान 22 साल के हर्ष, 39 साल का टेक चंद ठाकुर, 28 साल का लक्ष्य और 38 साल का विपिन कुमार के रूप में हुई है.

दिल्ली पुलिस ने कैसे जाल में फंसाया?

दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में थाना अशोक विहार में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बंद हो चुकी करेंसी को यह झूठा दावा कर चलाते थे कि ये नोट आरबीआई में बदले जा सकते हैं और इस तरह मासूम लोगों को ठगते थे. उनका यह कृत्य धोखाधड़ी, साजिश और स्पेसिफाइड बैंक नोट्स एक्ट का उल्लंघन है.

दूसरों को ठगने वालों के साथ कैसे हो गया ठगी?

दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सभी आरोपियों ने स्वीकार किया है कि बंद हो चुकी करेंसी रखना गैरकानूनी है. उनके पास इसे रखने का कोई वैध दस्तावेज या कारण नहीं था. उन्होंने आगे बताया कि वे जल्दी और गैरकानूनी पैसे कमाने के लिए इस काम में लगे थे.

गिरफ्तार शख्स की कहानी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 2021 से आशीष और तरुण के संपर्क में थे. करीब दो-तीन महीने पहले इन दोनों ने उन्हें बताया कि उनके पास करोड़ों की बंद हो चुकी करेंसी है और नोट बदलवाने में मदद करने पर अच्छा कमीशन मिलेगा. गिरफ्तार आरोपी मोबाइल फोन के जरिए मिले निर्देशों पर काम करते थे. उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि इस काम में मदद करने पर उन्हें मोटी रकम मिलेगी.

शादी का कर्ज और जल्दी पैसे कमाने का लालच ने आरोपियों को अब हावालात में पहुंचा दिया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण चौंकाने वाला है. 28 साल का लक्ष्य, जिसकी शादी फरवरी 2026 में तय थी। शादी के खर्चों के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने के दबाव में आकर वह इस अवैध योजना में शामिल हुआ। वहीं, टेक चंद ठाकुर ने अपने घर और बच्चों की शिक्षा के खर्चों को संभालने के दबाव में वह इस गतिविधि में शामिल हुआ। उसे आशीष और तरुण नामक दो व्यक्तियों ने पुराने नोटों को बदलवाने में मदद करने पर भारी कमीशन का लालच दिया था. हर्ष और विपिन दोनों भी सिर्फ जल्दी पैसा कमाने के लिए इस षड्यंत्र का हिस्सा बने.

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