सीकर नगर परिषद की बड़ी सौगात, 30 रुपए किलो तक जैविक खाद ऑनलाइन, किसानों को मिलेगी सीधी राहत

Last Updated:January 09, 2026, 18:31 IST
Sikar News : सीकर नगर परिषद किसानों के लिए बड़ी सौगात लेकर आ रही है. जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परिषद पहली बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कंपोस्ट खाद बेचेगी. 2 और 5 किलो के पैकेट, होम डिलीवरी और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों के साथ यह नवाचार खेती की लागत घटाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
Sikar News : सीकर नगर परिषद अब किसानों का सहारा बनने वाली है. जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नगर परिषद ने रोड़ मैप तैयार किया है. अपने प्लांट में बनी जैविक यानी कंपोस्ट खाद को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचेगी. पोर्टल पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद भी मिलेंगे. आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश की किसी नगर परिषद में ऐसा नवाचार पहली बार किया जा रहा है.

घरेलू उपयोग को ध्यान में रखते हुए 2 और 5 किलो वजनी कंपोस्ट खाद के पैकेट तैयार करवा रहे हैं. कंपोस्ट खाद अभी बाजार में 70 से 300 रुपए किलो तक मिल रही है. परिषद ने हालांकि अभी रेट तय नहीं क्या है, लेकिन इसके 25-30 रुपए किलो रहने की पूरी संभावना है. कोई भी किसान नगर परिषद के पोर्टल npsikar.in पर ऑर्डर और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

अधिकारियों के अनुसार 26 जनवरी को ये सुविधा शुरू हो सकती है. उसके बाद आमजन आसानी से खाद खरीद सकेंगे. योजना की जानकारी कॉल सेंटर से मिलेगी. यहां ऑर्डर कर सकेंगे. अभी 40 किलो वजनी बैग उपलब्ध है, जो किसानों को दिए जा रहे हैं. एईएन प्रवीण कुमार ने बताया कि ऑनलाइन बिक्री के साथ नगर परिषद कार्यालय परिसर से भी ये खाद खरीदी जा सकेगी.
Add as Preferred Source on Google

इसके अलावा कंपोस्ट खाद की होम डिलीवरी भी की जाएगी. अभी परिषद के पास खाद का 200 टन स्टॉक है. प्रतिदिन 15 से 20 टन कंपोस्ट खाद का उत्पादन किया जा रहा है., कंपोस्ट खाद के साथ ही एक और आधा किलो के कोको पिट बैग भी उपलब्ध कराए जाएंगे. विभाग के अनुसार परिषद के पोर्टल पर तीन कैटेगरी में प्रोडक्ट की बिक्री की जाएगी. पहली कैटेगरी में कंपोस्ट खाद, दूसरी में बैग और तीसरी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए बैग, चूड़ियां, आचार सहित अन्य घरेलू सामान बेचे जाएंगे.

आपको बता दें कि कंपोस्ट खाद से मिट्टी में जैविक तत्व बढ़ते हैं. इससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है. यह पानी रोकने की मिट्टी की क्षमता को बढ़ाती है. इससे सिंचाई की जरूरत कम होती है. कंपोस्ट खाद में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया और फफूंद मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाते हैं. इससे खेती की लागत कम होती है.

आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि कंपोस्ट खाद से उगाई गई फसलों का स्वाद, रंग और पोषण स्तर बेहतर होता है, जिससे उत्पाद की बाजार कीमत बढ़ सकती है. यह मिट्टी को बांधकर रखती है, जिससे कटाव कम होता है. उन्होंने बताया कि नगर परिषद जल्द ही कंपोस्ट खाद को ऑनलाइन प्लेटफार्म से बेचेगा. परिषद ने पोर्टल तैयार कराया है. विशेष बैग भी तैयार किए जाएंगे, जिसके उपयोग के बाद उसकी खाद बनेगी, जो घरों में पौधों के लिए काम में ले सकेंगे.
First Published :
January 09, 2026, 18:31 IST
homerajasthan
सीकर: नगर परिषद कंपोस्ट खाद ऑनलाइन पोर्टल से बिक्री, किसानों को मिलेगी राहत



