अरावली पर बड़ा सियासी संग्राम! राजस्थान की सड़कों पर उतरी कांग्रेस, सरकार पर लगाए बड़े आरोप

जयपुर. अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में एक साथ जिलास्तरीय जन-जागरण और जनचेतना अभियान छेड़ दिया है. जयपुर से लेकर अलवर, दौसा, अजमेर, हनुमानगढ़, झालावाड़ और बाड़मेर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च, रैली और प्रदर्शन किए. इन आयोजनों के जरिए कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर अरावली को कमजोर करने, पर्यावरण से खिलवाड़ करने और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का नाम बदलकर जनता को भ्रमित करने के आरोप लगाए.
जयपुर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित जन-जागरण रैली संसारचंद्र रोड से शुरू होकर शहीद स्मारक तक पहुंची. इस रैली का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने किया. रैली में जयपुर जिले के कई स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अरावली बचाने और मनरेगा का नाम बदलकर VB-GRAMG किए जाने का विरोध दर्ज कराया. रैली के समापन पर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जयपुर कमिश्नर को सौंपा गया, जिसमें अरावली के संरक्षण और जनहितकारी योजनाओं में बदलाव पर आपत्ति जताई गई.
प्रदेशभर में एक साथ उठा अरावली बचाओ का मुद्दा
दौसा में भी अरावली बचाओ रैली का आयोजन किया गया. नेहरू पार्क से गांधी तिराहे तक पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा और पूर्व मंत्री परसादीलाल मीणा शामिल हुए. कांग्रेसी नेताओं ने मांग की कि अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए. उनका कहना था कि यदि अरावली की नई परिभाषा लागू होती है तो राजस्थान का पर्यावरण और संतुलन पूरी तरह उजड़ जाएगा.
अजमेर में शहर कांग्रेस की ओर से अरावली बचाओ पैदल मार्च ज्योतिबा फुले स्मारक से शुरू होकर गांधी भवन तक निकाला गया. इस दौरान डीजे साउंड को लेकर पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने नाराजगी जताई. मार्च में डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी, निगम नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे. नेताओं ने सरकार पर अरावली को खत्म करने का आरोप लगाया.
अलवर सहित कई जिलों में जनचेतना अभियान
अलवर में अरावली बचाओ जनचेतना पैदल मार्च को लेकर कटी घाटी पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में यह मार्च आयोजित किया गया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, वैभव गहलोत सहित कई विधायक और पदाधिकारी इसमें शामिल हुए. युवाओं ने सर मुंडवाकर और माथे पर अरावली लिखकर संदेश दिया, जबकि मीणा समाज की महिलाओं ने मीणावाटी गीतों पर नृत्य कर विरोध जताया. पहाड़ी पर चढ़कर नेताओं ने सेव अरावली का संदेश दिया. सर्किट हाउस में डोटासरा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की आड़ में चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है.
हनुमानगढ़ में पैदल मार्च
हनुमानगढ़ में कांग्रेस ने अंबेडकर चौक से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला. यहां भी अरावली बचाओ अभियान के साथ नरेगा का नाम बदलने का विरोध किया गया. झालावाड़ और बाड़मेर में भी कांग्रेस ने पदयात्राएं निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अरावली के संरक्षण की मांग दोहराई.
प्रदेशभर में हुए इन प्रदर्शनों से साफ है कि कांग्रेस अरावली के मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष के मूड में है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होने के संकेत दे रहा है.



